युवा कांग्रेस नेता की ह*त्या का खुलासा, 21 एकड़ जमीन के विवाद में सौतेला भाई और चाचा समेत आरोपी काबू
सिरसा के कालांवाली में युवा कांग्रेस नेता लवप्रीत सिंह की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। 21 एकड़ जमीन विवाद में सौतेले भाई और चाचा की भूमिका सामने आई।
युवा कांग्रेस नेता लवप्रीत सिंह हत्याकांड में पुलिस का खुलासा, सौतेला भाई और चाचा समेत आरोपी काबू
➤ 21 एकड़ जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद, बड़े भाई को मिले 7 एकड़ जमीन के हिस्से से थी नाराजगी
➤ खेत में पिता के सामने लवप्रीत के पैरों पर डंडों से वार किए, फिर सिर के पीछे कुल्हाड़ी मारी; पिता भी घायल
सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले के कालांवाली में युवा कांग्रेस नेता लवप्रीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को बड़ा खुलासा किया है। डबवाली पुलिस ने इस हत्याकांड में मृतक के सौतेले भाई गुरलाल और चाचा गुरचरण समेत अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, परिवार में 21 एकड़ जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में 3 अक्टूबर को खेत में लवप्रीत और उसके पिता नाजम सिंह पर हमला किया गया। आरोपियों ने लाठी-डंडों से दोनों को पीटा। इस दौरान लवप्रीत के पैरों पर डंडों से वार किए गए और बाद में उसके सिर के पीछे कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हमले में घायल पिता नाजम सिंह का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डीएसपी ललित कुमार ने शनिवार सुबह 11 बजे कालांवाली थाने में मीडिया को बताया कि पुलिस थाना और CIA की टीम ने आरोपियों की आने-जाने की लोकेशन के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे जमीन के बंटवारे को लेकर परिवार में चल रहा विवाद प्रमुख वजह था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की जानकारी दी है। पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा सके। पुलिस के मुताबिक, कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
खेत में कहासुनी के बाद बुलाए गए लोग, फिर लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर की सुबह लवप्रीत सिंह अपने पिता नाजम सिंह के साथ खेत में गया था। वहां से दोनों चरणजीत के खेत में पहुंच गए। उस समय चरणजीत खेत में मौजूद नहीं था, जबकि जमीन जोतने वाला व्यक्ति वहां काम कर रहा था।
इसी दौरान लवप्रीत और उसके पिता की जमीन जोतने वाले व्यक्ति से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर उस व्यक्ति ने चरणजीत को फोन कर इसकी जानकारी दी और उसे खेत में बुला लिया। इसके बाद मामला और बिगड़ गया।
डीएसपी ललित कुमार के अनुसार, चरणजीत के कहने पर गुरलाल और उसके दोनों बेटे भी लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर खेत में पहुंच गए। वहां पहुंचते ही दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि गुरलाल, चरणजीत और उनके बेटों ने लवप्रीत तथा उसके पिता नाजम सिंह पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान लवप्रीत को डंडों से बुरी तरह पीटा गया। उसके पैरों पर भी वार किए गए। इसी बीच उसके सिर के पीछे कुल्हाड़ी से हमला किया गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी मौत हो गई। इस हमले में पिता नाजम सिंह भी घायल हो गए, जिनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
21 एकड़ जमीन के बंटवारे को लेकर भाइयों में था विवाद
पुलिस जांच में हत्या की वजह पारिवारिक जमीन विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, नाजम सिंह की पहली शादी से गुरलाल और दूसरी शादी से लवप्रीत सिंह था। दोनों भाइयों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था।
नाजम सिंह के पास गांव में करीब 21 एकड़ जमीन है। बताया गया है कि बड़े बेटे गुरलाल को 7 एकड़ जमीन दी गई थी, लेकिन वह अपने हिस्से से संतुष्ट नहीं था। इसी बात को लेकर परिवार में तनाव बना हुआ था।
लवप्रीत अपने पिता नाजम सिंह के साथ रहता था, जबकि गुरलाल को अलग कर दिया गया था। नाजम सिंह के भाई और गुरलाल के चाचा चरणजीत ने गुरलाल को जमीन और घर में हिस्सा दिलाने की बात रखी थी। कुछ समय तक गुरलाल कालांवाली मंडी में किराए के मकान में रहा। बाद में चरणजीत उसे वापस गांव ले आया और घर में हिस्सा दिलाया।
पुलिस के अनुसार, जमीन और घर में हिस्सेदारी को लेकर परिवार के भीतर विवाद बना हुआ था। इसी पृष्ठभूमि में 3 अक्टूबर को खेत में हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया।
परिवार में दो शादियों से हैं बच्चे, लवप्रीत का 3 साल का बेटा
इस हत्याकांड से पूरा परिवार बिखर गया है। लवप्रीत सिंह का एक 3 साल का बेटा है। वहीं, उसके सौतेले भाई गुरलाल के एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक सदस्य की जान जाने और पिता के घायल होने तक पहुंच गया।
लवप्रीत के दादा मित सिंह गांव के पूर्व सरपंच रहे हैं। गांव में परिवार की पहचान भी रही है। इस घटना के बाद परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
कालांवाली में युवा कांग्रेस का हलका प्रधान था लवप्रीत
लवप्रीत सिंह कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता था और कालांवाली में युवा कांग्रेस का हलका प्रधान था। वह पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेता था। दिल्ली में वोट चोरी के विरोध में हुए प्रदर्शन में भी वह शामिल हुआ था। उसकी तस्वीरें कांग्रेस नेताओं के साथ प्रदर्शन और पार्टी कार्यक्रमों के दौरान सामने आई हैं।
लवप्रीत की हत्या के बाद कांग्रेस विधायक और पार्टी के अन्य नेताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने की मांग करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी साझा की थीं।
लोकेशन के आधार पर पुलिस और CIA ने की कार्रवाई
डीएसपी ललित कुमार ने शनिवार सुबह 11 बजे कालांवाली थाने में मीडिया को बताया कि पुलिस थाना और CIA की टीम ने आरोपियों की आवाजाही की लोकेशन के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, वारदात के समय घटनास्थल पर करीब 5 लोग मौजूद थे। इनमें दो की मुख्य भूमिका थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर मौजूद रहा।
पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान वारदात में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच करेगी।
Akhil Mahajan