दिवाली पर रोहतक PGI में विशेष अलर्ट, ट्रॉमा-बर्न यूनिट में डॉक्टरों की ड्यूटी, 24 घंटे मिलेगी एंबुलेंस
दिवाली पर रोहतक PGI ने विशेष चिकित्सा व्यवस्था की है। ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट में डॉक्टर तैनात रहेंगे और 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध होगी।
दिवाली को देखते हुए रोहतक PGI में अगले 2-3 दिन तक विशेष चिकित्सा व्यवस्था
➤ ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट और इमरजेंसी विभाग में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी
➤ हादसों में घायलों को तुरंत इलाज देने के लिए 24 घंटे एंबुलेंस, दवाइयां, बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध
रोहतक। दिवाली के त्योहार पर पटाखों से होने वाले हादसों और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी ने चिकित्सा सेवाओं को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। त्योहार के दौरान किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को बिना देरी इलाज मिल सके, इसके लिए PGI के ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट और इमरजेंसी विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अगले 2-3 दिन तक डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
अस्पताल प्रशासन ने दवाइयों, बेड, ऑक्सीजन और एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था की है। पटाखों से जलने, आग लगने या अन्य किसी हादसे में घायल होने वाले लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवा को भी 24 घंटे सक्रिय रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।
यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एच.के. अग्रवाल ने लोगों से दिवाली पर सावधानी बरतने और प्रदूषण से बचाव करने की अपील की है। उन्होंने खासतौर पर बच्चों को आतिशबाजी के दौरान अकेला नहीं छोड़ने और पटाखों का इस्तेमाल सीमित रखने की सलाह दी। वहीं, रजिस्ट्रार डॉ. रूपसिंह ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
ग्रीन पटाखे भी सीमित मात्रा में चलाने की अपील
वीसी डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि दिवाली के दौरान पटाखों के कारण वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में लोगों को बहुत जरूरी होने पर ही सीमित मात्रा में ग्रीन पटाखे चलाने चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि बच्चों के साथ आतिशबाजी करते समय पूरी सावधानी बरतें। बच्चों को अकेले पटाखे चलाने की अनुमति न दें और उनके आसपास मौजूद रहकर सुरक्षा का ध्यान रखें, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
मिलावटी मिठाई से बचें, प्रदूषण में मास्क लगाकर निकलें
डॉ. अग्रवाल ने लोगों से त्योहार के दौरान मिलावटी मिठाइयों के सेवन से बचने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि दिवाली पर मिठाइयों की खरीदारी और खानपान के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण बढ़ने से दमा और अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे मरीजों को बाहर निकलते समय मास्क पहनना चाहिए। साथ ही भीड़भाड़ और अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए, ताकि प्रदूषण के दुष्प्रभाव से स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।
ट्रॉमा सेंटर और बर्न यूनिट में डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी
रजिस्ट्रार डॉ. रूपसिंह ने बताया कि दिवाली के दौरान पटाखों और अन्य कारणों से होने वाले हादसों को ध्यान में रखते हुए PGIMS के ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट और इमरजेंसी विभाग में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इन विभागों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए जरूरी दवाइयां, बेड और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि त्योहार के दौरान किसी भी मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और जरूरत के अनुसार तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे उपलब्ध रहेंगी एंबुलेंस, PGI प्रशासन को तुरंत देनी होगी सूचना
दिवाली पर आग लगने, पटाखों से जलने और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए एंबुलेंस स्टाफ को भी अलर्ट किया गया है। 24 घंटे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध रहेगी, ताकि हादसे की स्थिति में घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।
इसके अलावा किसी भी हादसे की सूचना तुरंत PGI प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं। रजिस्ट्रार डॉ. रूपसिंह के अनुसार, आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस सेवाओं को तैयार रखा गया है, ताकि दिवाली के दौरान लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
Akhil Mahajan