मूवी डाउनलोड करने के चक्कर में दंपती ने गंवाए 1.44 लाख रुपये, पुलिस ने 6 साइबर ठग पकड़े
नारनौल में मूवी डाउनलोड करने के दौरान APK फाइल से दंपती के खाते से 1.44 लाख रुपये निकल गए। साइबर थाना पुलिस ने यूपी और राजस्थान से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मूवी डाउनलोड करने के लिए APK फाइल खोली, दंपती के खाते से उड़ गए 1.44 लाख रुपये
➤ नारनौल साइबर थाना पुलिस ने यूपी और राजस्थान में दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया
➤ पति के खाते से 98 हजार और पत्नी के खाते से निकले 46 हजार रुपये, मोबाइल हैंग होते ही शुरू हुई ठगी
हरियाणा के नारनौल में मोबाइल पर मूवी डाउनलोड करने के दौरान एक दंपती को संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करना भारी पड़ गया। फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल हैंग हो गया और कुछ देर बाद पति-पत्नी के बैंक खातों से रकम निकलने के मैसेज आने लगे। साइबर ठगों ने पति के खाते से 98 हजार रुपये और पत्नी के खाते से 46 हजार रुपये निकाल लिए। इस तरह दंपती को कुल 1.44 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नारनौल साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बैंक खातों में हुए लेनदेन की तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कार्रवाई करते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान सामने आए लेनदेन के सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, गांव पल निवासी एक व्यक्ति ने 20 अक्टूबर को साइबर अपराध थाना नारनौल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 18 अक्टूबर को वह अपने मोबाइल पर मूवी डाउनलोड कर रहा था। इसी दौरान मोबाइल में एक संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड हो गई। फाइल डाउनलोड होने के बाद उसका मोबाइल हैंग हो गया। कुछ समय बाद उसके और उसकी पत्नी के मोबाइल पर बैंक खातों से रुपये निकलने के मैसेज आने लगे।
जब दंपती ने अपने बैंक खातों की जानकारी देखी तो पता चला कि पति के खाते से 98 हजार रुपये और पत्नी के खाते से 46 हजार रुपये निकल चुके थे। इसके बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में नारनौल साइबर थाना पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई।
आगरा के राहुल कुमार के खाते में पहुंचे थे 98 हजार रुपये
मामले की जांच ASI प्रदीप कुमार को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ित के बैंक खातों में हुए लेनदेन का रिकॉर्ड खंगाला। तकनीकी और वित्तीय जांच में सामने आया कि साइबर ठगी के जरिए निकाली गई रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम में से 98 हजार रुपये उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी राहुल कुमार के बैंक खाते में पहुंचे थे। इस अहम सुराग के आधार पर नारनौल साइबर थाना पुलिस की टीम ने कार्रवाई की और 1 नवंबर को आगरा पहुंचकर राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
राहुल कुमार से पूछताछ के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस ने 2 नवंबर को आगरा के ही एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया। इसके बाद 3 नवंबर को रामू कुशवाह को भी दबोच लिया गया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर ठगी की रकम के आगे हुए लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी रही।
बैंक खातों के लेनदेन से राजस्थान तक पहुंची पुलिस की जांच
आगरा में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच के दौरान पुलिस को राजस्थान से जुड़े लोगों के बारे में भी सुराग मिले। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई की।
पुलिस ने 5 नवंबर को अमित शर्मा और कुशपाल सिंह राजावत को गिरफ्तार किया। इसके बाद 6 नवंबर को राजस्थान के दौसा जिले में दबिश देकर रिंकू मीणा को पकड़ लिया गया। इस तरह नारनौल में दंपती के साथ हुई 1.44 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान ठगी की रकम के लेनदेन और इस अपराध में अन्य लोगों की संलिप्तता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में भेजी गई और इस पूरे मामले में अन्य कौन लोग शामिल हैं।
मोबाइल, ATM कार्ड और 30 हजार रुपये की बरामदगी के प्रयास जारी
पुलिस के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के मोबाइल फोन जांच के लिए मालखाने में जमा कराए गए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, ATM कार्ड और बैंक से संबंधित दस्तावेज बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जांच के दौरान सामने आई 30 हजार रुपये की राशि की बरामदगी के लिए भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया और नियमानुसार पुलिस रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी की रकम के लेनदेन, इस्तेमाल किए गए संसाधनों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
नारनौल साइबर थाना पुलिस मामले में साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि ठगी की पूरी रकम के लेनदेन का पता लगाने के साथ इस मामले में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
Akhil Mahajan