केरल, असम, पुडुचेरी और तमिलनाडु में एक चरण में वोटिंग, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। कुल 17.4 करोड़ मतदाता नई सरकार चुनेंगे। बंगाल में दो चरणों में जबकि बाकी चार राज्यों में एक चरण में मतदान होगा।

केरल, असम, पुडुचेरी और तमिलनाडु में एक चरण में वोटिंग, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान

➤ पांच राज्यों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान
➤ केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक चरण में वोटिंग
➤ पोलिंग बूथ में मोबाइल ले जाने पर रोक, एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता

भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। इन चुनावों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता नई सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक चरण में मतदान कराया जाएगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही इन सभी राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है।

Assembly Election Date 2026: चार राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश चुनावी तारीख का एलान

  • केरल- 9 अप्रैल
  • असम- 9 अप्रैल
  • पुदुचेरी- 9 अप्रैल
  • तमिलनाडु- 23 अप्रैल
  • पश्चिम बंगाल- 23 और 29 अप्रैल 
  • नतीजे- 4 मई

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पांच राज्यों- यूटी में 17.4 करोड़ मतदाता और 824 सीटें हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पिछले 12 महीने में चुनाव आयोग ने पारदर्शिता लाने के लिए कई नए प्रयोग किए। पहला था SIR, जिसमें यह निश्चित किया गया कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में न रहे। दूसरा- मोबाइल फोन पोलिंग स्टेशन के बाहर ही रखा जाएगा। वोट देने के बाद उसे वापस ले सकेंगे।

इसके साथ ही 5 राज्यों में आचार संहिता लागू हो जाएगी। 2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में वोटिंग हुई थी। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है।

चुनाव के लिए आयोग ने क्या की तैयारियां? पांच राज्यों के चुनाव में इस बार नया क्या?

  • मतदान केंद्रों में मोबाइल जमा करने की सुविधा। 
  • ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और बड़े फॉन्ट में नाम। 
  • प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता। 
  • मतदान केंद्र से 100 मीटर के बाहर उम्मीदवारों के बूथ की अनुमति।
  • अधिक स्पष्ट और बेहतर मतदाता सूचना पर्ची। 
  • सभी प्रमुख मतदाता सेवाओं और सभी हितधारकों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म।
  • सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग। 
  • हर दो घंटे में ECINET पर मतदान प्रतिशत का डेटा सीधे अपलोड होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- हमने 12 महीने में कई प्रयोग किए


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया-' पिछले 12 महीने में चुनाव आयोग ने पारदर्शिता लाने के लिए कई नए प्रयोग किए। पहला था SIR, जिसमें यह निश्चित किया गया कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में न रहे। दूसरा- मोबाइल फोन पोलिंग स्टेशन के बाहर ही रखा जाएगा। वोट देने के बाद उसे वापस ले सकेंगे। एक पोलिंग स्टेशन में 1200 से ज्यादा वोटर्स न हों। सभी जानकारी चुनाव से जुड़ी जिनमें एपिक कार्ड, प्रत्याशियों के हलफनामे एक एप पर उपलब्ध हैं।

चुनाव आयुक्त ने कहा- मैं युवाओं से वोट डालने की अपील करता हूं


चुनाव आयुक्त ने कहा- 'मैं युवाओं और पहली बार वोट देने वाले लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जरूर निभाएं। वे वोट जरूर करें।आपका वोट आपकी चॉइस है जो भविष्य का निर्माण करेगा। भारत में चुनाव लोकतंत्र का पर्व है। चुनाव का ऐलान करने से पहले मैं आपको कुछ जानकारी दे रहा हूं जो आने वाले चुनाव से जुड़ा है। पांच राज्यों- यूटी में 17.4 करोड़ मतदाता और 824 सीटें हैं। 17.4 करोड़ मतदाता, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों की कुल आबादी के बराबर हैं। इस बार 20 से ज्यादा देशों के चुनाव आयोगों से आए मेहमान चुनाव देखने के लिए यहां आ रहे हैं।

चुनाव आयोग ने असम और केरल के अनोखे मतदान केंद्र के बारे में बताया


मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि असम और केरल के अनोखे मतदान केंद्र भी हैं।  मतदान दल माजुली से 50-60 किलोमीटर की कठिन यात्रा नाव और सड़क मार्ग से तय करते हैं, ब्रह्मपुत्र नदी पार करते हैं, और अंत में ट्रैक्टर से दूरस्थ धनेखाना मतदान केंद्र पर 248 मतदाताओं को लेकर पहुंचते हैं। वहीं,  इडुक्की जिले के एक आदिवासी क्षेत्र में स्थित बूथ संख्या 34 एडामलकुड्डी, जिसमें कुल 693 मतदाता हैं, एक अनोखा दूरस्थ मतदान केंद्र है, जहां मतदान अधिकारी विशेष वाहन से 30 किलोमीटर की दुर्गम और दुर्गम सड़कों से होकर गुजरते हैं, जिसके बाद उन्हें 8 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।