पानीपत में 11वीं के छात्र की मौत: एग्जाम में कम नंबर आने से तनाव, अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
पानीपत के गन्नौर में 11वीं कक्षा के छात्र ने परीक्षा में कम अंक आने के कारण फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
■ परीक्षा में कम नंबर आने से 11वीं के छात्र ने उठाया खतरनाक कदम
■ गन्नौर निवासी छात्र ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया
■ पानीपत के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
हरियाणा के पानीपत जिले में शैक्षणिक दबाव और परीक्षा परिणाम के तनाव से जुड़ी एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। गन्नौर के 11वीं कक्षा के छात्र यश ने परीक्षा में उम्मीद से कम अंक आने के कारण गहरे मानसिक तनाव में आकर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार गन्नौर निवासी यश का 11वीं कक्षा का वार्षिक परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित हुआ था। बताया जा रहा है कि उसे खासतौर पर केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) विषय में उम्मीद से काफी कम अंक मिले थे। परिणाम आने के बाद से ही वह मानसिक रूप से बेहद परेशान और हताश रहने लगा था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि रिजल्ट देखने के बाद से यश चुपचाप रहने लगा था और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा था।
बताया गया है कि शनिवार शाम को यश ने घर में ही फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। जब परिजनों ने उसे फंदे पर लटका हुआ देखा तो तुरंत नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। पहले उसे गन्नौर में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे पानीपत के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया।
निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्र को वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा और उसकी हालत सुधारने की कोशिश की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार इलाज के दौरान यश ने दम तोड़ दिया।
छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी और रिश्तेदार भी परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला पढ़ाई के दबाव और परीक्षा में कम अंक आने के कारण उठाए गए कदम से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद एक बार फिर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के दबाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों पर अधिक अंक लाने का दबाव डालने के बजाय उन्हें जीवन की असफलताओं से निपटना सिखाना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम परिणाम नहीं होता और बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
Akhil Mahajan