हरियाणा में बागवानी क्रांति की शुरुआत: CM नायब सैनी ने 2738 करोड़ की परियोजना लॉन्च

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में 2738 करोड़ रुपये की सतत बागवानी संवर्धन परियोजना और एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शुभारंभ किया। इससे 3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

हरियाणा में बागवानी क्रांति की शुरुआत: CM नायब सैनी ने 2738 करोड़ की परियोजना लॉन्च

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सतत बागवानी संवर्धन परियोजना और एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शुभारंभ किया
2738 करोड़ रुपये की परियोजना से 400 बागवानी क्लस्टर और 500 उत्पादक समूह विकसित किए जाएंगे
3 लाख से अधिक किसानों को लाभ, फसल खराब होने की समस्या कम करने पर रहेगा फोकस

हरियाणा की कृषि यात्रा में जुड़ा नया अध्याय

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में सतत बागवानी संवर्धन परियोजना और हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इसे हरियाणा की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल बताया।

उन्होंने कहा कि आज का दिन हरियाणा की कृषि यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत का दिन है। ये दोनों परियोजनाएं प्रदेश को हरित क्रांति से बागवानी क्रांति की ओर ले जाने का काम करेंगी।

जापान के सहयोग से लागू होगी 2738 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 2738 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से लागू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज हरियाणा भारत में जापानी उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। प्रदेश में करीब 394 जापानी उद्योग और 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं।

400 बागवानी क्लस्टर और 500 उत्पादक समूह होंगे विकसित

सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के तहत प्रदेश में 400 बागवानी क्लस्टरों का विकास किया जाएगा। साथ ही 500 उत्पादक समूहों (FPOs) को संगठित और सशक्त बनाया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत:

  • 402 पैक हाउस विकसित किए जाएंगे
  • 4 लीड पैक हाउस बनाए जाएंगे
  • 3 फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित होंगे
  • 44 रिटेल आउटलेट विकसित किए जाएंगे
  • 1000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण होगा
  • 65 हजार एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाया जाएगा

किसानों की आय बढ़ाने और नुकसान कम करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में फलों और सब्जियों का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। नई परियोजना इस बड़ी चुनौती का समाधान करेगी।

उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र किसानों को प्रति एकड़ अधिक आय, अधिक रोजगार और निर्यात के बेहतर अवसर प्रदान करता है। पिछले 11 वर्षों में हरियाणा में बागवानी क्षेत्र का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

महिलाओं की भागीदारी भी होगी मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परिवर्तन में महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। परियोजना के माध्यम से मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर बनेगा ज्ञान और नवाचार का केंद्र

मुख्यमंत्री ने हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास करते हुए कहा कि यह केंद्र कृषि क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।

यहां किसानों, एफपीओ, स्टार्टअप्स, उद्यमियों और कृषि विशेषज्ञों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस केंद्र से 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि इससे आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार होगा और कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आएगी।

पर्यावरण संरक्षण पर भी सरकार का विशेष फोकस

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने कई पर्यावरणीय घोषणाएं भी कीं।

  • राज्य में 23 नए CAAQMS एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
  • सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ बनाने के लिए 780 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी।
  • इस वर्ष 1.50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।
  • 50 लाख पौधे लोगों को मुफ्त वितरित किए जाएंगे।
  • पौधागिरी अभियान के तहत स्कूली बच्चों को 20 लाख पौधे दिए जाएंगे।
  • वन विभाग की नर्सरियों में प्लास्टिक बैग की जगह बायोडिग्रेडेबल बैग का उपयोग होगा।

वन्यजीव और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि:

  • पिपली चिड़ियाघर का 70 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण होगा।
  • भिवानी चिड़ियाघर पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • सरस्वती संरक्षण वन में 55 करोड़ रुपये की लागत से पक्षी विहार बनाया जाएगा।
  • कलेसर राष्ट्रीय उद्यान में 10 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म सुविधाएं विकसित होंगी।
  • सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, भिंडावास पक्षी अभयारण्य और कोटला झील को जोड़कर बर्ड वॉचिंग टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा।