राहुल को पुलिस ने धरने से उठाया: PM आवास के बाहर 3 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा, प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में; रात को सभी रिहा
PM आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। करीब तीन घंटे बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
➤ PM आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया
➤ राहुल को हटाने के लिए चली लंबी बातचीत, नहीं माने तो पुलिस ने उठाकर बस में बैठाया
➤ करीब 3 घंटे बाद सभी नेता रिहा, प्रियंका से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं सोनिया गांधी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान उस समय हाई वोल्टेज राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस ने धरना स्थल से उठाकर हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी करीब तीन घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सरकार की ओर से उन्हें हटाने के लिए दो दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद भारी पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। देर रात करीब तीन घंटे बाद सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
धरना समाप्त कराने के लिए पहले सरकार की ओर से बातचीत का प्रयास किया गया। बताया गया कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे और राहुल गांधी से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की और दोबारा राहुल गांधी के पास पहुंचे, लेकिन बातचीत के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हुआ।
इस बीच पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंच गईं। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में जब राहुल गांधी को हिरासत में लेने की कोशिश की गई तो कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चारों ओर घेरा बना लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की होती रही। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब पुलिस राहुल गांधी को हिरासत में लेने पहुंची तो वह जमीन पर लेट गए। काफी देर तक समझाने के बाद भी जब वह नहीं उठे तो पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों ने उन्हें हाथ-पैर पकड़कर उठाया और बस में बैठाकर वहां से ले गए। इस दौरान उनके साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद थे।
राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। अधिकांश नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया। प्रियंका से मिलने सोनिया गांधी भी थाने पहुंचीं। रात करीब 9:45 बजे सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विपक्ष की प्रमुख मांग NEET परीक्षा को लेकर संसद में चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की रही। जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार ने NEET पर संसद में चर्चा की मांग स्वीकार कर ली थी, लेकिन बाद में कांग्रेस ने दूसरी मांग के रूप में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भी शामिल कर दिया, जिससे सहमति नहीं बन सकी।
मंगलवार का यह घटनाक्रम राजधानी की राजनीति का सबसे बड़ा घटनाक्रम बन गया। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
Akhil Mahajan