छात्रों के समर्थन में उतरे बजरंग पूनिया,बोले- बच्चे अपना हक मांग रहे थे

ओलंपियन पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को गलत बताया।

छात्रों के समर्थन में उतरे बजरंग पूनिया,बोले- बच्चे अपना हक मांग रहे थे

जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आए बजरंग पूनिया

■ छात्रों पर लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को बताया गलत

■ किसान, खिलाड़ी और छात्रों से एकजुट होने की अपील


जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर अब ओलंपियन पहलवान और कांग्रेस नेता बजरंग पूनिया भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे देखकर वह खुद को बोलने से नहीं रोक पाए।

बजरंग पूनिया ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राएं अपने हक की मांग कर रहे थे और उनके साथ जिस प्रकार की कार्रवाई हुई, वह उचित नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और प्लास्टिक बुलेट का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा कि कई छात्र पिछले कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। ऐसे में उनके खिलाफ बल प्रयोग करना गलत संदेश देता है।

छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर जाने की बात

बजरंग पूनिया ने कहा कि वह छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं और जल्द ही जंतर-मंतर पहुंचकर उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने बताया कि वह हाल ही में कुश्ती प्रतियोगिता के सिलसिले में विदेश में थे, इसलिए पहले वहां नहीं पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर डंडे चलाए, उनके घरों में भी बच्चे होंगे और वे भी परीक्षा प्रणाली की कठिनाइयों को समझते होंगे।

'बच्चे वोट नहीं, अपना हक मांग रहे थे'

पूनिया ने कहा कि छात्रों के पास केवल किताबें, कॉपियां और तिरंगा था। वे किसी राजनीतिक मकसद से नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि बच्चों को देशद्रोही या किसी विशेष विचारधारा से जोड़ना गलत है। उनके अनुसार, यह हर उस परिवार का मुद्दा है, जहां बच्चे पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

महिला पहलवान आंदोलन का भी किया जिक्र

बजरंग पूनिया ने अपने पुराने आंदोलन को याद करते हुए कहा कि महिला पहलवानों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आवाज उठाने वालों को अक्सर निशाना बनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि जो लोग अन्याय के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें अलग-अलग नाम देकर बदनाम करने की कोशिश की जाती है। ऐसे आरोप उन्हें भी झेलने पड़े हैं।

किसान आंदोलन और राजनीतिक माहौल पर भी बोले

बजरंग पूनिया ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में किसानों, छात्रों, खिलाड़ियों और युवाओं को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाना हर नागरिक का अधिकार है।

उन्होंने अपील की कि सभी वर्गों को मिलकर संघर्ष करना होगा, क्योंकि यह केवल किसी एक संगठन या समूह का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं और देश के भविष्य का सवाल है।

डोपिंग मामले पर भी जताई नाराजगी

बजरंग पूनिया ने अपने खिलाफ लगे डोपिंग मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, लेकिन उन्हें इस मामले में फंसा दिया गया और लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा।

उन्होंने कहा कि वह छात्रों के समर्थन में खड़े रहेंगे और जरूरत पड़ने पर हर तरह का सहयोग करेंगे।