बर्गर ने छीन ली प्रवक्ता की कुर्सी : हरियाणा के विजेता दहिया को CJP ने प्रवक्ता प्रवक्ता पद से हटाया

हरियाणा के सोनीपत निवासी CJP प्रवक्ता विजेता दहिया को बर्गर विवाद के बाद पार्टी ने सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया। वायरल वीडियो के बाद पार्टी ने कार्रवाई की।

बर्गर ने छीन ली प्रवक्ता की कुर्सी : हरियाणा के विजेता दहिया को CJP ने प्रवक्ता प्रवक्ता पद से हटाया

सोनीपत के विजेता दहिया को CJP ने प्रवक्ता पद और सभी जिम्मेदारियों से हटाया
दिल्ली प्रदर्शन के दौरान बर्गर खाते वीडियो और बयान पर बढ़ा विवाद
दहिया बोले- दो दिन से आंदोलन में था, भूख लगी तो बर्गर खाया; वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया


सोनीपत/नई दिल्ली। हरियाणा के सोनीपत निवासी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता विजेता दहिया को पार्टी ने उनके वायरल बर्गर वीडियो विवाद के बाद सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि प्रदर्शन के दौरान सामने आए विजेता दहिया के वीडियो बेहद असंवेदनशील हैं और उनका व्यवहार पार्टी के मूल्यों व सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद सहित सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।

विजेता दहिया हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। सोमवार को दिल्ली में CJP के संसद मार्च के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह एक मेट्रो स्टेशन पर बर्गर खाते नजर आए। इसके बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह कार में बर्गर खाते हुए कहते दिखाई दिए, "प्रदर्शन में शामिल होना मेरी नौकरी है क्या? आपने मुझे चुना है क्या?" इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर विवाद और तेज हो गया।

पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और पार्टी कार्यकर्ता पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उस दौरान सामने आए वीडियो ने संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाया। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।

विवाद बढ़ने के बाद विजेता दहिया ने अपनी सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वह दो दिनों से लगातार आंदोलन में मौजूद थे और संसद मार्च में भी शामिल रहे। उनके मुताबिक, जब उन्हें लगा कि मार्च समाप्त हो चुका है तो वह नहाने के लिए घर लौट रहे थे। रास्ते में भूख लगने पर उन्होंने बर्गर खाया। उनका कहना है कि "भूख लगने पर खाना कोई गलत बात नहीं है। सोशल मीडिया पर केवल कुछ सेकंड का वीडियो दिखाकर पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश किया गया।"

दहिया ने यह भी दावा किया कि आंदोलन के दौरान उनकी टीम के कई सदस्यों के साथ पुलिस ने मारपीट की। उन्होंने कहा कि एक साथी के सिर में चोट लगी, दूसरे कार्यकर्ता को थप्पड़ मारा गया और उन पर स्याही फेंकी गई। उनका कहना है कि जो लोग पूरे आंदोलन के दौरान मौजूद थे, वे जानते हैं कि वह लगातार प्रदर्शन का हिस्सा बने रहे।

उल्लेखनीय है कि CJP ने शुरुआत में विजेता दहिया, आशुतोष रांका और सौरव दास को पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त किया था। अब बर्गर विवाद के बाद विजेता दहिया को सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।