करनाल में चोरी की क्रेटा समेत आरोपी गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचने पहुंचा था

करनाल में सीआईए-1 टीम ने दिल्ली से चोरी हुई क्रेटा कार के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कार बेचने की तैयारी में था।

करनाल में चोरी की क्रेटा समेत आरोपी गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचने पहुंचा था

दिल्ली से चोरी हुई क्रेटा के साथ आरोपी गिरफ्तार

■ फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचने की कर रहा था तैयारी

■ पुलिस पूछताछ में कई और वाहन चोरी के खुल सकते हैं राज

करनाल के मधुबन थाना क्षेत्र में सीआईए-1 टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की हुंडई क्रेटा कार के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसे बेचने की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने मौके पर ही घेराबंदी कर आरोपी को काबू कर लिया और वाहन को कब्जे में ले लिया।

गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जीटी रोड से कुटेल की ओर जाने वाले रिंग रोड के नीचे एक काली क्रेटा कार संदिग्ध हालत में खड़ी है। सूचना में बताया गया कि कार को साद पुत्र अजीज, निवासी गांव मलौखड़ा, जिला पलवल, बेचने की फिराक में है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए एचसी अमित कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने गुप्त तरीके से मौके पर पहुंचकर संदिग्ध वाहन की घेराबंदी की और कार में बैठे युवक को हिरासत में ले लिया।

दस्तावेज नहीं दिखा पाया आरोपी

पुलिस द्वारा वाहन के कागजात मांगने पर आरोपी कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह कार दिल्ली के मायापुरी थाना क्षेत्र से चोरी की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने ऑनलाइन रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि उक्त क्रेटा कार 30 जून को पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी क्षेत्र से चोरी हुई थी और इस संबंध में पहले से मुकदमा दर्ज है।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेचने की थी योजना

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। जांच में वाहन का वास्तविक नंबर उत्तर प्रदेश का निकला। पुलिस ने बरामद कार की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और उसे सबूत के तौर पर कब्जे में ले लिया।

अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके अन्य साथियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से जुड़ा हो सकता है।