करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर नई दरें लागू, वाहन चालकों की जेब पर बढ़ा बोझ

करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर एनएचएआई की नई टोल दरें लागू हो गई हैं। कार, बस, ट्रक और अन्य वाहनों के टोल शुल्क में ₹5 से ₹30 तक की बढ़ोतरी की गई है।

करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर नई दरें लागू, वाहन चालकों की जेब पर बढ़ा बोझ

करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर नई टोल दरें लागू

कार से लेकर भारी वाहनों तक टोल शुल्क में ₹5 से ₹30 तक की बढ़ोतरी

एनएचएआई के निर्देश के बाद अब वाहन चालकों को देना होगा अधिक टोल टैक्स


करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए अब सफर महंगा हो गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से टोल दरों में संशोधन के बाद मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि से नई दरें लागू कर दी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न श्रेणी के वाहनों पर ₹5 से ₹30 तक टोल शुल्क बढ़ाया गया है।

नई दरें लागू होने के बाद कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य व्यवसायिक वाहनों के चालकों को पहले की तुलना में अधिक टोल टैक्स देना होगा। इसका सीधा असर रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों और परिवहन कारोबार पर पड़ेगा।

बसताड़ा टोल प्लाजा के ऑपरेशन मैनेजर प्रदीप मलिक ने बताया कि एनएचएआई के निर्देशानुसार देशभर के टोल प्लाजा पर नई दरें लागू की गई हैं। इसी क्रम में बसताड़ा टोल प्लाजा की दरों में भी संशोधन किया गया है।

नई दरों के अनुसार कार और जीप के लिए सिंगल जर्नी का शुल्क अब 200 रुपए और डबल जर्नी का शुल्क 295 रुपए निर्धारित किया गया है।

वहीं एलसीवी और एलजीवी वाहनों के लिए सिंगल जर्नी का टोल 320 रुपए तथा डबल जर्नी का शुल्क 480 रुपए तय किया गया है।

बस और ट्रक चालकों को अब सिंगल जर्नी के लिए 670 रुपए और डबल जर्नी के लिए 1005 रुपए चुकाने होंगे। इसके अलावा थ्री एक्सल वाहनों के लिए 730 रुपए सिंगल और 1095 रुपए डबल जर्नी शुल्क निर्धारित किया गया है।

भारी वाहनों पर इस बढ़ोतरी का अधिक प्रभाव पड़ेगा। 4 से 6 एक्सल (एचसीएम) वाहनों के लिए सिंगल जर्नी का शुल्क 1050 रुपए और डबल जर्नी का शुल्क 1575 रुपए कर दिया गया है।

वहीं 7 या उससे अधिक एक्सल वाले भारी वाहनों को अब सिंगल जर्नी के लिए 1275 रुपए और डबल जर्नी के लिए 1915 रुपए का टोल देना होगा। हालांकि डबल जर्नी का लाभ केवल 24 घंटे के भीतर वापसी करने वाले वाहनों को ही मिलेगा।

टोल दरों में बढ़ोतरी के बाद अब इस मार्ग से नियमित सफर करने वाले निजी वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टरों और व्यवसायिक वाहन संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।