सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से किया इनकार, सरकार से 10 दिन में मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने सरकार और CBSE से 10 दिन में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
➤ कोर्ट ने कहा—कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता
➤ नई नीति में छात्रों को पढ़नी होंगी दो भारतीय भाषाएं
➤ टीचर, किताबों और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को लेकर उठे सवाल
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता। हालांकि, नई नीति को लागू करने में स्कूलों और छात्रों के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को लेकर कोर्ट ने केंद्र सरकार और CBSE से 10 दिन के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
मौजूदा 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू हुई नई नीति
थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को मौजूदा 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू किया गया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। इस नीति को लेकर कुछ विद्यार्थियों और अभिभावकों की ओर से आपत्ति जताई गई है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था के कारण कुछ विद्यार्थियों को उन भाषाओं को छोड़ना पड़ सकता है, जिन्हें वे कक्षा 5 से लगातार पढ़ते आ रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई की निरंतरता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
याचिका में दावा—बिना पर्याप्त तैयारी लागू की गई नीति
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट के सामने दावा किया कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना तीन-भाषा नीति लागू कर दी। कई स्कूलों में नई भाषाएं पढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा संबंधित भाषाओं की किताबों और जरूरी एकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यदि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था किए बिना नीति लागू की जाती है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों पर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक नहीं लगाई, लेकिन मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने नीति को जमीन पर लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर सरकार और CBSE का पक्ष जानना जरूरी माना है।
कोर्ट ने दोनों से 10 दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। अब अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि स्कूलों में शिक्षकों, किताबों और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सरकार और बोर्ड क्या जवाब देते हैं।
29 जुलाई की सुनवाई पर रहेंगी नजरें
मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान सरकार और CBSE की ओर से दाखिल जवाब महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई रोक नहीं लगाए जाने के कारण थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी लागू रहेगी।
Akhil Mahajan