₹12 हजार रिश्वत लेते 2 बिजलीकर्मी और अप्रेंटिस काबू, ट्यूबवेल मीटर कनेक्शन में नाम बदलने के लिए मांगी थी घूस

फतेहाबाद के टोहाना में एसीबी ने ₹12 हजार रिश्वत मामले में दो बिजलीकर्मियों और एक अप्रेंटिस को काबू किया। ट्यूबवेल मीटर कनेक्शन में नाम बदलने के लिए घूस मांगने का आरोप है।

₹12 हजार रिश्वत लेते 2 बिजलीकर्मी और अप्रेंटिस काबू, ट्यूबवेल मीटर कनेक्शन में नाम बदलने के लिए मांगी थी घूस

टोहाना बिजली निगम कार्यालय में एसीबी का ट्रैप, दो कर्मचारी और एक अप्रेंटिस काबू

ट्यूबवेल मीटर कनेक्शन में नाम बदलने के बदले ₹12 हजार रिश्वत मांगने का आरोप

तय रकम लेते ही एसीबी ने की कार्रवाई, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य खंगाल रही टीम


फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले के टोहाना में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बिजली निगम कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के आरोप में दो कर्मचारियों और एक अप्रेंटिस को काबू किया है। आरोप है कि फतेहपुरी गांव के एक उपभोक्ता से ट्यूबवेल मीटर कनेक्शन में नाम बदलने के काम की एवज में 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया और तय रकम लिए जाने के बाद कार्रवाई की।

फतेहाबाद एसीबी के प्रभारी इंस्पेक्टर मनमोहन सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान बिजली निगम में एचकेआरएन के तहत कार्यरत एएलएम विनोद कुमार, एलडीसी सत्यनारायण और अप्रेंटिसशिप कर रहे कर्ण खोबड़ा को काबू किया गया। एसीबी की टीम तीनों को अपने साथ ले गई और मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी।

ट्यूबवेल मीटर कनेक्शन में नाम बदलवाना था, ₹12 हजार मांगने का आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फतेहपुरी गांव निवासी बलजिंदर सिंह को ट्यूबवेल मीटर कनेक्शन में नाम बदलवाना था। आरोप है कि इस काम को करने की एवज में उससे 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।

उपभोक्ता ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने आरोपों की प्रारंभिक जानकारी जुटाई और फिर कार्रवाई के लिए ट्रैप तैयार किया।

शिकायतकर्ता को तय रकम देकर भेजा, पहले से तैनात थी एसीबी की टीम

एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ भेजा। टीम पहले से ही आसपास तैनात थी और पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही थी।

आरोप है कि जैसे ही अप्रेंटिसशिप कर रहे युवक ने रिश्वत की रकम ली, एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर काबू कर लिया। इसके बाद मामले में कथित भूमिका के आधार पर बिजली निगम के दो कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया।

एएलएम विनोद, एलडीसी सत्यनारायण और अप्रेंटिस कर्ण से पूछताछ

एसीबी की कार्रवाई में एएलएम विनोद कुमार, एलडीसी सत्यनारायण और अप्रेंटिसशिप कर रहे कर्ण खोबड़ा को काबू किया गया है। टीम तीनों से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत की कथित मांग किस स्तर पर की गई, रकम किसके लिए ली जा रही थी और इस पूरे मामले में तीनों की क्या भूमिका थी।

बिजली निगम कार्यालय में मचा हड़कंप, दस्तावेज भी खंगाल रही एसीबी

एसीबी की अचानक हुई कार्रवाई से टोहाना बिजली निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया। टीम ने मामले से संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लिया है।

सूत्रों के अनुसार, एसीबी यह भी जांच कर रही है कि रिश्वत मांगने और लेने के इस मामले में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं है। पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया

एसीबी की ओर से आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की अंतिम स्थिति जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

एसीबी अब रिश्वत की कथित मांग से लेकर रकम स्वीकार किए जाने तक के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। इसके साथ ही संबंधित रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।