पानीपत के ऊझा गांव में कैंसर जागरूकता कैंप, गांव की बेटी डॉ. पूजा तोमर ने बताया- शुरुआती स्टेज में पहचान से इलाज की राह आसान

पानीपत के ऊझा गांव में डॉ. पूजा तोमर और डॉक्टरों की टीम ने कैंसर जागरूकता कैंप लगाकर ग्रामीणों को पहचान, समय पर जांच, इलाज और बचाव की जानकारी दी।

पानीपत के ऊझा गांव में कैंसर जागरूकता कैंप, गांव की बेटी डॉ. पूजा तोमर ने बताया- शुरुआती स्टेज में पहचान से इलाज की राह आसान

ऊझा गांव की देशराज पटवारी चौपाल में कैंसर जागरूकता कैंप लगाकर ग्रामीणों को बीमारी की पहचान, इलाज और बचाव की जानकारी दी

गंगा राम अस्पताल दिल्ली की सीनियर रेजिडेंट डॉ. पूजा तोमर समेत डॉक्टरों की टीम ने प्रोजेक्टर के जरिए समझाए कैंसर से जुड़े अहम पहलू

डॉ. पूजा तोमर ने कहा- नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी, शुरुआती चरण में कैंसर का पता चलने से इलाज की संभावनाएं बेहतर होती हैं


पानीपत। पानीपत के गांव ऊझा में ग्रामीणों को कैंसर की पहचान, इलाज और बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कैंसर जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। गांव की देशराज पटवारी चौपाल में आयोजित इस कार्यक्रम की पहल पानीपत के प्रमुख निर्यातक विजय कुमार और उनकी बेटी डॉ. पूजा तोमर ने की। दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी के रूप में कार्यरत डॉ. पूजा तोमर के साथ डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों को कैंसर से जुड़े लक्षणों, समय पर जांच और उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कैंप में डॉ. ध्रुविल, डॉ. जिमी, डॉ. ओन्शी और डॉ. पल्लवी ने भी हिस्सा लिया। डॉक्टरों ने ग्रामीणों को बताया कि कैंसर को लेकर जागरूकता और समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद महत्वपूर्ण है। बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान होने से उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं, जबकि जांच में देरी बीमारी को गंभीर बना सकती है।

अपने पैतृक गांव पहुंचीं डॉ. पूजा तोमर, ग्रामीणों ने फूलमालाओं से किया स्वागत

कैंसर जागरूकता कैंप में पहुंचने पर गांव की बेटी डॉ. पूजा तोमर और उनके साथ आए अन्य डॉक्टरों का ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सरपंच रेणू रावल, नरेश रावल एडवोकेट, पूर्व चेयरमैन विनय रावल, धर्मबीर पूर्व सरपंच, अशोक रावल, पाले राम मास्टर, भीमा मास्टर, जयपाल और संजय रावल सहित अन्य ग्रामीणों ने डॉक्टरों को फूलमालाएं पहनाईं।

ग्रामीणों ने अपने ही गांव की बेटी द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता के लिए की गई इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर डॉक्टरों से कैंसर से संबंधित जानकारी हासिल की।

डॉक्टरों ने बड़ी स्क्रीन पर समझाए कैंसर की पहचान, इलाज और बचाव के तरीके

कैंप के दौरान डॉ. पूजा तोमर और अन्य डॉक्टरों ने बड़ी स्क्रीन और प्रोजेक्टर के माध्यम से ग्रामीणों को कैंसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉक्टरों ने बीमारी की पहचान, समय पर जांच, उपचार और बचाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सरल भाषा में समझाया।

इस दौरान ग्रामीणों को स्वास्थ्य में होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया। डॉक्टरों ने नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी जोर दिया।

शुरुआती चरण में पहचान बेहद अहम, जांच में देरी से बढ़ सकती है बीमारी

डॉ. पूजा तोमर ने कहा कि बदलती जीवनशैली और खानपान के बीच स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कैंसर का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है और इलाज की संभावनाएं बेहतर होती हैं।

उन्होंने कहा कि गांवों में कई बार लोग स्वास्थ्य जांच कराने में देरी कर देते हैं। इस कारण बीमारी का समय रहते पता नहीं चल पाता और स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाते रहें।

गांव में जागरूकता कैंप लगाने की पहल को बताया सराहनीय

कार्यक्रम में कांग्रेस जिला कमेटी के पानीपत ग्रामीण अध्यक्ष रमेश मलिक और संगठन जिला महासचिव दीपक खटकड़ भी पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों की टीम का स्वागत किया और गांव में कैंसर जागरूकता कैंप आयोजित करने की पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि डॉ. पूजा तोमर द्वारा अपने पैतृक गांव ऊझा में लोगों को गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना समाज के लिए उपयोगी प्रयास है। इस तरह के कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है।

विजय कुमार और डॉ. पूजा तोमर ने ग्रामीणों और अतिथियों का जताया आभार

कार्यक्रम के समापन पर निर्यातक विजय कुमार और डॉ. पूजा तोमर ने कैंप में पहुंचे सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समय-समय पर जांच करवाने की अपील की।

ऊझा गांव में आयोजित इस कैंप के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि गंभीर बीमारियों के खिलाफ जागरूकता, समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।