BJP ऑफिस के बाहर सुंदरकांड पर सियासी संग्राम, 300 मीटर दायरे में धारा 144; कांग्रेस बोली- पुलिस नोटिस से दबाई जा रही आवाज

गुरुग्राम में कांग्रेस के सुंदरकांड पाठ और प्रदर्शन से पहले भाजपा कार्यालय गुरुकमल के 300 मीटर दायरे में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

BJP ऑफिस के बाहर सुंदरकांड पर सियासी संग्राम, 300 मीटर दायरे में धारा 144; कांग्रेस बोली- पुलिस नोटिस से दबाई जा रही आवाज

कांग्रेस के सुंदरकांड पाठ और प्रदर्शन के ऐलान के बाद भाजपा कार्यालय के 300 मीटर दायरे में धारा 144 लागू

पुलिस ने कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्षों को नोटिस देकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दी हिदायत

भाजपा जिलाध्यक्ष का पलटवार- सड़क पर प्रदर्शन क्यों, गुरुकमल के अंदर आकर करें सुंदरकांड पाठ


गुरुग्राम। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय ‘गुरुकमल’ के बाहर कांग्रेस के प्रस्तावित सुंदरकांड पाठ और प्रदर्शन को लेकर गुरुग्राम की राजनीति गरमा गई है। टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भाजपा कार्यालय के 300 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इससे पहले सेक्टर-40 थाना पुलिस ने सोमवार देर रात कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्षों को आधिकारिक नोटिस जारी कर कानून अपने हाथ में न लेने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी थी। पुलिस की इस कार्रवाई को कांग्रेस ने सरकार की तानाशाही और दमनकारी नीति बताया है, जबकि भाजपा ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक सुर्खियां बटोरने की कोशिश करार दिया है।

कांग्रेस ने पहले ही भाजपा के जिला कार्यालय गुरुकमल के बाहर सुंदरकांड पाठ आयोजित करने का ऐलान किया था। कार्यक्रम को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज होने के बाद मामला सियासी गलियारों से निकलकर पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया। मंगलवार को प्रस्तावित कार्यक्रम और प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही गुरुकमल और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

टकराव की आशंका के बीच पुलिस का नोटिस, शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए सेक्टर-40 थाना पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को आधिकारिक नोटिस जारी किया। नोटिस में नेताओं और कार्यकर्ताओं को कानून अपने हाथ में नहीं लेने और शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी गई है।

पुलिस का मानना है कि किसी राजनीतिक दल के कार्यालय के ठीक बाहर इस तरह का धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित होने से दो पक्षों के आमने-सामने आने की स्थिति बन सकती है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा है, बल्कि आसपास की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ सकती है।

इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भाजपा कार्यालय के 300 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी। इसके साथ ही इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को बताया दबाव की राजनीति, कार्यक्रम से पीछे हटने से इनकार

पुलिस का नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने देर रात सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया।

वर्धन राव ने कहा कि भगवान श्रीराम और हनुमान जी का नाम लेना तथा सुंदरकांड का पाठ करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा खुद को धर्म का ठेकेदार समझती है, लेकिन जब विपक्ष भगवान की आराधना करना चाहता है तो पुलिस के जरिए उसे डराने और रोकने की कोशिश की जाती है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने साफ किया कि कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम पहले से तय है और पार्टी अपने निर्धारित शेड्यूल से पीछे हटने वाली नहीं है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन से पहले पुलिस नोटिस जारी करना लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश है।

भाजपा का जवाब- श्रद्धा है तो सड़क पर प्रदर्शन नहीं, गुरुकमल के अंदर आकर करें पाठ

कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा के शहरी जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने कांग्रेस के कार्यक्रम को राजनीतिक सुर्खियां हासिल करने की कोशिश बताया।

सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के सुंदरकांड पाठ करने पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को गुरुकमल कार्यालय के अंदर आकर शांतिपूर्वक सुंदरकांड का पाठ करने का निमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा कि गुरुकमल के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। अगर कांग्रेस नेताओं के मन में वास्तव में भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा है तो वे कार्यालय के बाहर सड़क पर प्रदर्शन करने के बजाय अंदर आएं। भाजपा नेता उनका स्वागत करेंगे और उनके साथ बैठकर सुंदरकांड पाठ में शामिल होंगे।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस धार्मिक प्रतीकों और आस्था का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ और मीडिया की सुर्खियां हासिल करने के लिए कर रही है।

गुरुकमल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात, खुफिया टीमें भी अलर्ट

राजनीतिक तनाव को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है। मंगलवार सुबह से ही गुरुकमल कार्यालय और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सेक्टर-40 थाना पुलिस के साथ विभिन्न थानों की टीमों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। किसी भी संभावित टकराव या आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती भी की गई है।

इसके साथ ही खुफिया विभाग की टीमें नेताओं की गतिविधियों और सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि राजनीतिक विरोध प्रदर्शन किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था की समस्या में न बदले।

सुंदरकांड से शुरू हुआ विवाद अब भाजपा-कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल

सुंदरकांड पाठ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिष्ठा का मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस धार्मिक आयोजन के अधिकार और लोकतांत्रिक विरोध का सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे राजनीतिक स्टंट बताते हुए कांग्रेस को कार्यालय के अंदर पाठ करने का निमंत्रण दे रही है।

दोनों दलों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने और पुलिस-प्रशासन के सुरक्षा घेरे के बीच गुरुग्राम में यह मामला धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस अपने घोषित कार्यक्रम को किस तरह आगे बढ़ाती है और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।