Essel ग्रुप के चेयरमैन एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्र के पिता नंद किशोर गोयनका का निधन

Essel ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र के पिता नंद किशोर गोयनका का 96 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। अंतिम संस्कार अग्रोहा में होगा।

Essel ग्रुप के चेयरमैन एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्र के पिता नंद किशोर गोयनका का निधन

मुंबई स्थित आवास पर 96 वर्ष की आयु में नंद किशोर गोयनका का निधन

बुधवार सुबह हिसार के अग्रोहा स्थित गोयनका उद्यान में होगा अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जताया गहरा शोक, समाजसेवा और गोसेवा में रहा विशेष योगदान


हरियाणा और देश के उद्योग एवं सामाजिक जगत से सोमवार को एक दुखद खबर सामने आई। पूर्व राज्यसभा सांसद एवं Essel ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र के पिता और वरिष्ठ समाजसेवी नंद किशोर गोयनका का मुंबई में निधन हो गया। उन्होंने 96 वर्ष की आयु में अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार और शुभचिंतकों के साथ हरियाणा के सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नंद किशोर गोयनका का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके आवास पर रखा गया है। उनका अंतिम संस्कार बुधवार सुबह हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा में किया जाएगा। नंद किशोर गोयनका का हरियाणा और विशेष रूप से अग्रोहा से गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा। समाजसेवा, गोसेवा और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय रहने के कारण उन्हें सामाजिक क्षेत्र में सम्मान के साथ याद किया जाता रहा है।

मुंबई में अंतिम दर्शन के लिए रखा पार्थिव शरीर, बुधवार को अग्रोहा में दी जाएगी अंतिम विदाई

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, नंद किशोर गोयनका का पार्थिव शरीर मुंबई के ए रोड, वसंत सागर, मरीन ड्राइव स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

बुधवार सुबह उनका अंतिम संस्कार हिसार जिले के अग्रोहा स्थित गोयनका उद्यान में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में परिवार और रिश्तेदारों के अलावा सामाजिक संगठनों, उद्योग जगत और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख लोगों के शामिल होने की संभावना है।

मुंबई में लंबे समय तक रहने के बावजूद नंद किशोर गोयनका का हरियाणा से जुड़ाव लगातार बना रहा। यही कारण है कि उनकी अंतिम विदाई के लिए अग्रोहा को चुना गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जताया दुख, परिवार के लिए की संबल की प्रार्थना

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नंद किशोर गोयनका के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व राज्यसभा सांसद एवं Essel ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र के पिता के निधन को अत्यंत पीड़ादायक बताया।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

नंद किशोर गोयनका के निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई अन्य हस्तियों ने भी शोक व्यक्त किया। शुभचिंतकों ने परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट करते हुए उनके सामाजिक योगदान को याद किया।

कारोबार की चमक से दूर समाजसेवा को बनाया जीवन का आधार

नंद किशोर गोयनका को परिवार और समाज के एक वरिष्ठ एवं सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता था। बड़े औद्योगिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने स्वयं को सामाजिक और जनकल्याण से जुड़े कार्यों के प्रति समर्पित रखा।

उनकी विशेष रुचि समाजसेवा और गोसेवा में रही। विभिन्न सामाजिक अभियानों और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी बताई जाती है। समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता और सामाजिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में भी उनका योगदान रहा।

वैश्य समाज को संगठित करने के प्रयासों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही। सामाजिक सरोकारों के कारण विभिन्न संगठनों और समाज के लोगों के बीच उनका विशेष सम्मान था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी रहा लंबा जुड़ाव, निभाईं कई जिम्मेदारियां

नंद किशोर गोयनका का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी लंबे समय तक जुड़ाव रहा। उन्होंने संगठन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

उनका जीवन सामाजिक मूल्यों, सेवा और जनकल्याण से जुड़ा रहा। परिवार के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी उन्हें एक मार्गदर्शक और वरिष्ठ व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता था।

उनके निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने वाले लोगों ने समाज के लिए किए गए उनके कार्यों को याद किया है। सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके निधन को समाज के लिए बड़ी क्षति बताया है।

मुंबई में रहा अधिकांश जीवन, लेकिन हरियाणा और अग्रोहा से कभी नहीं टूटा रिश्ता

नंद किशोर गोयनका ने अपने जीवन का अधिकांश समय परिवार के साथ मुंबई में बिताया, लेकिन हरियाणा, हिसार और अग्रोहा से उनका भावनात्मक रिश्ता हमेशा बना रहा।

अग्रोहा के विकास और वहां होने वाली सामाजिक गतिविधियों से उनका जुड़ाव रहा। हरियाणा में विभिन्न सामाजिक पहलों और समाज को संगठित करने के प्रयासों में उनके योगदान को भी याद किया जा रहा है।

उनकी अंतिम यात्रा का अग्रोहा में संपन्न होना भी उनके हरियाणा से गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। बुधवार को गोयनका उद्यान में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

राजनीतिक, सामाजिक और उद्योग जगत से श्रद्धांजलियों का सिलसिला

नंद किशोर गोयनका के निधन की सूचना सामने आने के बाद राजनीतिक दलों, उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों की ओर से शोक संदेश आने शुरू हो गए।

अनेक लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके समाजहित में किए गए कार्यों और सरल जीवन को याद किया। परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

उनके निधन से डॉ. सुभाष चंद्र और गोयनका परिवार के साथ-साथ उनसे जुड़े सामाजिक और धार्मिक संगठनों में भी शोक का माहौल है। बुधवार को अग्रोहा में होने वाले अंतिम संस्कार के साथ नंद किशोर गोयनका को अंतिम विदाई दी जाएगी।