हिमाचल पुलिस के चर्चित बैंड ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ के प्रभारी विजय कुमार सस्पेंड, सोशल मीडिया से कथित कमाई के आरोपों की होगी विभागीय जांच

हिमाचल पुलिस के चर्चित बैंड ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ के प्रभारी विजय कुमार को सोशल मीडिया से कथित आय के आरोपों पर सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठाई गई है।

हिमाचल पुलिस के चर्चित बैंड ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ के प्रभारी विजय कुमार सस्पेंड, सोशल मीडिया से कथित कमाई के आरोपों की होगी विभागीय जांच

फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से कथित आय अर्जित करने के आरोपों के बाद विजय कुमार पर कार्रवाई

पुलिस लाइन भराड़ी के डीएसपी कमल किशोर को सौंपी गई विभागीय जांच, तीन महीने में मांगी रिपोर्ट

विजय कुमार के नेतृत्व में ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ ने देश-विदेश के मंचों पर बनाई हिमाचल पुलिस की अलग पहचान


हिमाचल प्रदेश पुलिस के चर्चित पुलिस बैंड ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ के प्रभारी विजय कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके निलंबन के साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय की इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है, क्योंकि विजय कुमार के नेतृत्व में इस बैंड ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई, बल्कि विदेशों के कई प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुतियां देकर हिमाचल पुलिस का नाम भी रोशन किया। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, विजय कुमार के फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सक्रिय अकाउंट हैं, जिनसे कथित रूप से आय अर्जित किए जाने के आरोप लगे हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ सेंट्रल सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1965 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। हालांकि, आरोपों की वास्तविक स्थिति विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से कथित आय अर्जित करने के आरोप बने कार्रवाई का आधार

पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई का केंद्र विजय कुमार के सोशल मीडिया अकाउंट बताए गए हैं। आदेशों के मुताबिक, उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सक्रिय अकाउंट हैं और आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कथित तौर पर आय अर्जित की गई।

इन्हीं आरोपों को आधार बनाकर विभाग ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। फिलहाल निलंबन को आरोपों पर अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। मामले में तथ्य और जिम्मेदारी तय करने के लिए अलग से विभागीय जांच कराई जा रही है।

जांच के दौरान यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आय हुई या नहीं और यदि हुई तो वह किन परिस्थितियों में अर्जित की गई। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित गतिविधियां लागू सेवा नियमों के दायरे में थीं या उनका उल्लंघन हुआ।

डीएसपी कमल किशोर को जांच का जिम्मा, तीन महीने में पुलिस मुख्यालय को सौंपनी होगी रिपोर्ट

आदेशों के अनुसार, पुलिस लाइन भराड़ी के डीएसपी कमल किशोर को पूरे मामले की विभागीय जांच सौंपी गई है। जांच अधिकारी को मामले से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागीय जांच के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की गई है। जांच अधिकारी को इस अवधि के भीतर अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपनी होगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

ऐसे में विजय कुमार के खिलाफ लगे आरोपों की वास्तविकता और मामले में उनकी जिम्मेदारी को लेकर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

‘हुनरबाज’ के मंच से देशभर में छाया था हिमाचल पुलिस का यह बैंड

हारमनी ऑफ द पाइन्स वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर उस समय विशेष रूप से सुर्खियों में आया था, जब निजी टीवी चैनल के लोकप्रिय टैलेंट शो ‘हुनरबाज’ में ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स–हिमाचल पुलिस ऑर्केस्ट्रा’ ने शानदार प्रदर्शन किया।

बैंड ने प्रतियोगिता में देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया था। इस उपलब्धि के बाद हिमाचल पुलिस के इस अनूठे बैंड की देशभर में सराहना हुई। वर्दी में संगीत की प्रस्तुति देने वाले पुलिसकर्मियों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों को प्रभावित किया और बैंड को हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़कर देखा जाने लगा।

इस राष्ट्रीय उपलब्धि के बाद हारमनी ऑफ द पाइन्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और इसे देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुतियां देने के अवसर मिलने लगे।

फ्रांस से कनाडा और दुबई तक गूंजी धुन, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बनाई अलग पहचान

विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस बैंड ने केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी प्रस्तुतियों से पहचान बनाई। बैंड ने फ्रांस, इटली, कनाडा, सिंगापुर और दुबई सहित कई देशों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन प्रस्तुतियों के जरिए हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और हिमाचल पुलिस की अलग छवि सामने आई। देश के भीतर भी बैंड ने विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों, सरकारी आयोजनों और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में लगातार प्रस्तुतियां दीं।

प्रदेश के लगभग सभी बड़े सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हारमनी ऑफ द पाइन्स आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। यही कारण है कि इसके प्रभारी के खिलाफ हुई कार्रवाई ने पुलिस विभाग के साथ-साथ बैंड को पसंद करने वाले लोगों के बीच भी चर्चा पैदा कर दी है।

कार्यक्रमों से मिलने वाली आय पुलिस वेलफेयर फंड में जमा होने की जानकारी

जानकारी के अनुसार, पुलिस बैंड को विभिन्न कार्यक्रमों से प्राप्त होने वाली आय पुलिस वेलफेयर फंड में जमा कराई जाती रही है। हालांकि, मौजूदा कार्रवाई का संबंध बैंड के कार्यक्रमों से होने वाली आय के बजाय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कथित व्यक्तिगत कमाई के आरोपों से बताया जा रहा है।

यही अंतर अब विभागीय जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सोशल मीडिया से संबंधित गतिविधियों और आय को लेकर वास्तविक स्थिति क्या थी और क्या किसी सेवा नियम का उल्लंघन हुआ।

जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, आरोपों को अंतिम रूप से साबित मानना उचित नहीं होगा। विभागीय रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा।

पूर्व डीजीपी संजय कुंडू के कार्यकाल में बैंड को मिला था विशेष प्रोत्साहन

पूर्व डीजीपी संजय कुंडू के कार्यकाल में हारमनी ऑफ द पाइन्स को विशेष प्रोत्साहन मिला था। इसी दौर में बैंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर प्राप्त हुए।

लगातार प्रस्तुतियों और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के कारण यह बैंड हिमाचल पुलिस की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। पुलिस की पारंपरिक छवि से अलग संगीत के जरिए जनता से जुड़ने की इसकी कोशिश को भी व्यापक सराहना मिली।

अब इसी चर्चित बैंड के प्रभारी विजय कुमार के निलंबन और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश ने मामले को सुर्खियों में ला दिया है।

अब तीन महीने में आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर विभागीय जांच के बाद ही साफ होगी। जांच अधिकारी को तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पुलिस मुख्यालय रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर अगला फैसला करेगा।

एक तरफ विजय कुमार के नेतृत्व में हारमनी ऑफ द पाइन्स की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया से कथित आय अर्जित करने के आरोप हैं। अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी सेवा नियम का उल्लंघन हुआ।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग के भीतर और बाहर चर्चा तेज है। सभी की निगाह अब उस जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो विजय कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों और आगे की विभागीय कार्रवाई की दिशा तय करेगी।