हरियाणा में पुजारी पर हमले के बाद बुलडोजर एक्शन, दरगाह और आरोपी के घर पर कार्रवाई

कुरुक्षेत्र में पुजारी पर हमले के बाद प्रशासन ने दरगाह और आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की। जानिए पूरे मामले, विरोध और पुलिस की कार्रवाई की पूरी जानकारी।

हरियाणा में पुजारी पर हमले के बाद बुलडोजर एक्शन, दरगाह और आरोपी के घर पर कार्रवाई
  • कुरुक्षेत्र में पुजारी पर हमले के बाद प्रशासन का बुलडोजर एक्शन
  • दरगाह का अतिक्रमण हटाया गया, आरोपी सेवादार के घर की दीवार भी तोड़ी गई
  • आरोपी की मां ने कार्रवाई का विरोध किया, गांव में 18 अवैध कब्जों पर कार्रवाई की तैयारी

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के अढ़ोनी गांव में शिव मंदिर के पुजारी योगीराज गिरी पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल, राजस्व विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गांव में बुलडोजर एक्शन चलाया गया। इस दौरान हमले के मुख्य आरोपी दरगाह के सेवादार पंकज के मकान की दीवार तोड़ी गई। इसके साथ ही सरकारी जमीन पर बने दरगाह के अतिक्रमित हिस्से को भी हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं। आरोपी पंकज की मां परमजीत ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि यदि उनके घर और दरगाह पर कार्रवाई की जा रही है तो गांव में मौजूद सभी अवैध कब्जों को भी हटाया जाना चाहिए। उन्होंने छोटे बच्चों का हवाला देते हुए कहा कि अब उनका परिवार कहां जाएगा।

9 जुलाई को पुजारी पर हुआ था हमला।

घटना 9 जुलाई की सुबह की है। आरोप है कि दरगाह के सेवादार पंकज ने 74 वर्षीय शिव मंदिर के पुजारी योगीराज गिरी के साथ पहले मारपीट की और फिर उनके गले में मफलर (परना) डालकर सड़क पर घसीटा। इस हमले में पुजारी की टांग टूट गई और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।

दरगाह का 3.4 फीट और मकान का 7 फीट हिस्सा हटाया जा रहा।

गांव के सरपंच परमजीत सिंह के अनुसार, पंचायत ने वर्ष 2023 में गांव के रास्तों पर हुए अवैध कब्जों की शिकायत प्रशासन को दी थी। निशानदेही के दौरान कई स्थानों पर सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण पाया गया।

प्रशासन के अनुसार दरगाह का करीब 3.4 फीट हिस्सा सरकारी रास्ते में बना हुआ है। वहीं मुख्य आरोपी पंकज के मकान का लगभग 7 फीट हिस्सा भी सरकारी भूमि पर पाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल इन दो स्थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव में चिन्हित 18 अवैध कब्जों को भी हटाया जाएगा।

पुलिस रिमांड के दौरान भागने की कोशिश में टूटी आरोपी की टांग।

मुख्य आरोपी पंकज फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। पुलिस के अनुसार शनिवार रात उसे दूसरे आरोपी की निशानदेही के लिए ले जाया गया था। वापसी के दौरान उसने बाथरूम जाने का बहाना बनाकर वाहन रुकवाया और पुल से छलांग लगाकर भागने की कोशिश की। इस दौरान उसकी टांग टूट गई। उसे भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रविवार को पुलिस जब उसे निशानदेही के लिए लेकर गई तो वह प्लास्टर लगी टांग के साथ सड़क पर चलता और घिसटता दिखाई दिया। इस मामले में तीसरे आरोपी इंद्र को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं आरोपी की पत्नी मनप्रीत कौर को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

साधु समाज की बैठक पर भी नजर।

घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। बुधवार को साधु समाज की बैठक प्रस्तावित है। साधु समाज पहले से ही दरगाह हटाने की मांग कर रहा था। प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई के बाद बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।