गेहूं पर पानी छिड़काव मामले में फूड इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा सस्पेंड
कुरुक्षेत्र में गेहूं स्टॉक पर पानी छिड़काव मामले में फूड इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा को सस्पेंड कर दिया गया है। कार्रवाई के बाद पुराने विवाद और आरोप फिर चर्चा में आ गए हैं।
गेहूं पर पानी छिड़काव मामले में फूड इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा सस्पेंड
जांच रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने लिया एक्शन
पुराने विवाद, भ्रष्टाचार के आरोप और सुसाइड केस फिर चर्चा में आए
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गेहूं के स्टॉक पर पानी की बौछारें छोड़ने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की गई। सस्पेंशन के बाद इंस्पेक्टर से जुड़े पुराने विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सस्पेंशन अवधि के दौरान अंकुर जांगड़ा का मुख्यालय जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय, सिरसा रहेगा। उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
मामले की जांच के लिए 22 मई को डीसी विश्राम कुमार मीणा ने एक कमेटी गठित की थी। कमेटी की अध्यक्षता एसडीएम शाहाबाद शंभू राठी को सौंपी गई थी। जांच समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
जांच के दौरान गेहूं स्टॉक पर पानी छिड़काव मामले में इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा की लापरवाही सामने आई। इसके बाद रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी गई और विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया।
सस्पेंशन के बाद वर्ष 2020 का चर्चित आशीष डांगी सुसाइड मामला भी फिर सुर्खियों में आ गया है। उस समय खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर आशीष डांगी ने आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में उन्होंने विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
वीडियो में आशीष डांगी ने अपनी मौत के लिए अंकुर जांगड़ा, प्रवीण कुमार और तत्कालीन डीएफएससी नरेंद्र शेरावत को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है और उनसे रिश्वत की मांग की गई थी। वीडियो सामने आने के बाद विभाग में काफी विवाद हुआ था।
इसके अलावा वर्ष 2021 में गांव संघोर निवासी दीपक कुमार ने भी अंकुर जांगड़ा पर आरोप लगाए थे। दीपक ने डीसी को दी शिकायत में कहा था कि वह आउटसोर्सिंग के तहत सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था और बाबैन में तैनात इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा ने उसका तबादला लाडवा कर दिया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने के बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया। साथ ही कागजों में जरूरत से अधिक सुरक्षा गार्ड दिखाकर अनियमितता करने के आरोप भी लगाए गए थे। मामले की जांच संबंधित विभाग को सौंपी गई थी।
हाल ही में सामने आए गेहूं पर पानी छिड़काव मामले को लेकर शहीद भगत सिंह किसान यूनियन ने भी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। यूनियन ने 5 जून को प्रदर्शन की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का अल्टीमेटम दिया था।
यूनियन नेताओं का आरोप था कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों पर सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रदर्शन की चेतावनी के कुछ घंटे बाद ही विभाग ने इंस्पेक्टर अंकुर जांगड़ा को सस्पेंड कर दिया।
अब विभागीय कार्रवाई के बाद पूरे मामले की चर्चा फिर तेज हो गई है और पुराने आरोपों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
pooja