झज्जर को हरा-भरा बनाने की बड़ी मुहिम, मानसून में लगेंगे 82 हजार पौधे; 2 लाख पौधे मुफ्त बांटे जाएंगे
झज्जर में वन विभाग ने मानसून के दौरान 82 हजार पौधे लगाने और 2 लाख पौधे मुफ्त वितरित करने का लक्ष्य रखा है। जिले में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की तैयारी की जा रही है।
■ झज्जर में मानसून के दौरान 82 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय
■ स्कूलों, पंचायतों और संस्थाओं को 2 लाख पौधे मुफ्त दिए जाएंगे
■ 121 पुराने पेड़ों को 'प्राण वायु देवता योजना' के तहत पेंशन मिल रही
झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले को हरियाली की नई पहचान देने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने इस मानसून सीजन में बड़ा अभियान शुरू किया है। विभाग ने जिले में 82 हजार पौधे लगाने और करीब 2 लाख पौधे निःशुल्क वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छायादार, फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। वन विभाग का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और देखभाल को भी सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में यह हरियाली जिले के पर्यावरण को मजबूत कर सके।
स्कूलों और पंचायतों को मुफ्त मिलेंगे पौधे
वन विभाग की योजना के अनुसार स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं, ग्राम पंचायतों और विभिन्न सरकारी विभागों को करीब 2 लाख पौधे निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी के बिना हरित अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता।
इसके लिए विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण के लिए उपयुक्त भूमि का चयन भी किया जा रहा है और विभागीय टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
पौधारोपण के साथ संरक्षण पर रहेगा विशेष जोर
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए बड़े स्तर पर पौधारोपण समय की आवश्यकता बन गया है।
इसी वजह से इस बार विभाग पौधों के रोपण के साथ-साथ उनके नियमित रखरखाव और संरक्षण पर विशेष फोकस करेगा, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।
121 वृद्ध पेड़ों को मिल रही पेंशन
झज्जर जिले में पुराने और ऐतिहासिक महत्व के वृक्षों के संरक्षण के लिए भी विशेष पहल की जा रही है।
'प्राण वायु देवता योजना' के तहत जिले के 121 ऐसे वृद्ध पेड़ों को चिन्हित किया गया है, जिनकी आयु करीब 70 से 80 वर्ष या उससे अधिक है।
इन पेड़ों की देखभाल के लिए पात्र व्यक्तियों को हर वर्ष 3 हजार रुपये की पेंशन दी जा रही है। विश्व पर्यावरण दिवस पर इन पेड़ों की विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है।
जन आंदोलन बनाने की तैयारी
जिला वन अधिकारी साहिती रेड्डी ने कहा कि विभाग का लक्ष्य झज्जर को पूरी तरह हरा-भरा बनाना और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मानसून में हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।
वन विभाग का मानना है कि यदि यह अभियान जन आंदोलन का रूप लेता है तो आने वाले वर्षों में झज्जर प्रदेश के सबसे हरित जिलों में शामिल हो सकता है।
pooja