₹500 के पुराने विवाद में 22 वर्षीय युवक की ह*त्या, पंचायत में हो चुका था समझौता

महज ₹500 के पुराने विवाद में 22 वर्षीय अशोक की हत्या का आरोप। पंचायत में समझौता हो चुका था, लेकिन परिवार का दावा है कि रंजिश खत्म नहीं हुई। विदेश जाने की तैयारी कर रहे युवक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

₹500 के पुराने विवाद में 22 वर्षीय युवक की ह*त्या, पंचायत में हो चुका था समझौता

सालभर पुराने ₹500 के विवाद में गांव के युवकों पर अशोक कुमार की हत्या करने का आरोप

खेत से चारा लेकर लौटते समय रास्ता घेरकर हमला करने का दावा, परिजनों ने 10 से 15 युवकों पर लगाए गंभीर आरोप

विदेश जाने की तैयारी कर रहा था 22 वर्षीय अशोक, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अंतिम संस्कार रोकने और प्रदर्शन की चेतावनी


हरियाणा के सिरसा जिले के गांव छतरियां में महज ₹500 के करीब एक साल पुराने विवाद ने कथित तौर पर खूनी रूप ले लिया। करीब 22 वर्षीय अशोक कुमार पर रविवार शाम खेत से चारा लेकर लौटते समय कई युवकों ने हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हमलावर गांव के ही रहने वाले थे और लाठी-डंडों तथा लोहे की पाइप से लैस होकर पूरी योजना के साथ पहुंचे थे। हमले में गंभीर रूप से घायल अशोक को पहले बड़ागुढ़ा के सरकारी अस्पताल और बाद में सिरसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, करीब एक साल पहले खेत में हुए विवाद के दौरान अशोक और उसके भाई पर ₹500 उठाने का आरोप लगाया गया था। मामले को लेकर कई बार पंचायत हुई और समझौता भी हो गया था, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद रंजिश खत्म नहीं हुई। पुलिस अब परिजनों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की जांच और आगामी कार्रवाई में जुटी है।

दो भाइयों में छोटा था अशोक, विदेश जाने की कर रहा था तैयारी

छतरियां गांव के सरपंच प्रतिनिधि विजय कुमार के अनुसार, अशोक दो भाइयों में छोटा था और अविवाहित था। वह पढ़ाई कर रहा था और अब विदेश जाने की तैयारी में जुटा हुआ था। उसके पिता बनवारी लाल खेती-बाड़ी करते हैं।

रविवार शाम अशोक अपने बड़े भाई मुकेश और ताऊ के साथ पशुओं के लिए चारा लेने बैलगाड़ी से खेत गया था। परिवार को अंदाजा नहीं था कि खेत से लौटते समय पुराना विवाद एक बड़ी घटना में बदल जाएगा।

परिजनों का कहना है कि अशोक अपने भविष्य को लेकर तैयारी कर रहा था, लेकिन रविवार शाम हुई घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

खेत से चारा लेकर लौटते समय रास्ता घेरने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6 से 7 बजे अशोक, उसका बड़ा भाई मुकेश और ताऊ खेत से चारा लेकर वापस लौट रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव का साहबराम अपने करीब 10 से 15 साथियों के साथ ट्रैक्टर, गाड़ी और बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचा।

परिवार का दावा है कि आरोपियों के हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की पाइप थीं। उन्होंने बैलगाड़ी के आगे वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। खतरा देखकर तीनों ने वहां से भागने का प्रयास किया।

आरोप है कि अशोक कुछ दूरी पर जाकर हमलावरों के हाथ लग गया, जबकि उसका भाई मुकेश और ताऊ वहां से निकलने में सफल रहे। इसके बाद अशोक पर हमला किया गया।

परिजनों का दावा—शरीर पर कई जगह चोटों के निशान, पुलिस जांच में खुलेगा पूरा सच

परिजनों के अनुसार, अशोक के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान थे। उनका आरोप है कि हमलावरों ने उसके हाथ, पैर, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार किए।

परिवार का दावा है कि अशोक ने उपचार के दौरान हमले से जुड़ी कुछ बातें भी बताई थीं। हालांकि, इन दावों और हमले की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि अब पुलिस जांच, मेडिकल रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी।

घटना के बाद हमलावर मौके से वाहनों पर सवार होकर चले गए। पास के खेत में काम कर रहे अशोक के ताऊ के बेटे ने परिवार को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे।

बड़ागुढ़ा से सिरसा सिविल अस्पताल लाया गया, देर रात हुई मौत

गंभीर रूप से घायल अशोक को पहले बड़ागुढ़ा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण बाद में उसे सिरसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

उपचार के दौरान देर रात अशोक की मौत हो गई। इसके बाद शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

परिजनों ने अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि अशोक को समय पर उचित इलाज नहीं मिला। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

एक साल पहले ₹500 को लेकर शुरू हुआ था विवाद

सरपंच प्रतिनिधि विजय कुमार के मुताबिक, इस पूरे विवाद की शुरुआत करीब एक साल पहले हुई थी। उस समय खेत में दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि खेत पड़ोसी साहबराम ने अशोक और उसके भाई मुकेश पर ट्रैक्टर से ₹500 उठाने का आरोप लगाया था।

इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई। विवाद बढ़ने के बाद गांव में कई बार पंचायत भी हुई। बताया जा रहा है कि पंचायत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।

परिजनों का आरोप है कि पंचायत में समझौता होने के बावजूद पुरानी रंजिश समाप्त नहीं हुई। उनका दावा है कि अशोक को बाद में भी कथित तौर पर धमकियां मिलती रही थीं।

पंचायत में समझौते के बाद भी रंजिश खत्म नहीं होने का आरोप

परिवार का कहना है कि ₹500 के विवाद को पंचायत स्तर पर सुलझा लिया गया था, लेकिन इसके बाद भी तनाव बना रहा। आरोप है कि अशोक ने परिवार के सदस्यों को कई बार बताया था कि उसे कथित तौर पर धमकियां दी जा रही हैं।

अब परिवार रविवार को हुए हमले को उसी पुराने विवाद से जोड़कर देख रहा है। हालांकि, पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना की वास्तविक वजह क्या थी और पुराने विवाद का इस हमले से सीधा संबंध था या नहीं।

पुलिस के लिए पंचायत में हुए समझौते, दोनों पक्षों के पुराने विवाद और कथित धमकियों से जुड़े तथ्यों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

परिजनों का आरोप—हमले से पहले बनाई गई थी योजना

अशोक के ताऊ और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी पहले से योजना बनाई गई थी। परिवार का दावा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि कथित आरोपियों ने साहूवाला रोड पर किसी कार्यक्रम के दौरान एक जगह बैठकर अशोक पर हमला करने की योजना बनाई थी।

परिजनों के मुताबिक, इसके बाद कई युवक ट्रैक्टर, गाड़ी और बाइक पर सवार होकर सीधे खेत की ओर पहुंचे। हालांकि, यह दावा फिलहाल परिवार की ओर से किया गया आरोप है और इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच में पुलिस के सामने यह पता लगाना भी अहम होगा कि घटना से पहले आरोपी कहां थे, कौन-कौन मौके पर मौजूद था और हमले में किन लोगों की क्या भूमिका रही।

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो अंतिम संस्कार रोकने की चेतावनी

अशोक की मौत के बाद परिवार में आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि युवक पर सरेआम हमला किया गया और हमलावर उसे गंभीर नुकसान पहुंचाने की नीयत से आए थे।

परिवार ने मांग की है कि मामले में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और प्रदर्शन भी कर सकते हैं।

फिलहाल पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की जाएगी।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी कड़ी

इस मामले में परिवार की ओर से कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुरानी रंजिश, ₹500 का विवाद, पंचायत में समझौता, कथित धमकियां और योजनाबद्ध तरीके से हमला करने के आरोप अब पुलिस जांच के केंद्र में हैं।

पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि हमले में वास्तव में कितने लोग शामिल थे और प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी। इसके साथ ही घटनास्थल पर मौजूद वाहनों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच भी मामले की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

अशोक की मौत के बाद गांव में तनाव और शोक का माहौल है। परिवार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि अब पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर पुलिस जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।