झज्जर के CRSSIET में ‘Web Designing with AI’ पर निःशुल्क इंटर्नशिप शुरू, 81 विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण

झज्जर के चौधरी रणबीर सिंह राजकीय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में Anudip Foundation के सहयोग से ‘Web Designing with AI’ पर एक माह का निःशुल्क इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया गया। ओरिएंटेशन सत्र में करीब 81 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

झज्जर के CRSSIET में ‘Web Designing with AI’ पर निःशुल्क इंटर्नशिप शुरू, 81 विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण

CRSSIET और Anudip Foundation के सहयोग से एक माह का निःशुल्क इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू

विद्यार्थी सीखेंगे आधुनिक वेब डिजाइनिंग, AI आधारित डेवलपमेंट टूल्स और UI/UX की मूल अवधारणाएं

13 जुलाई से कंप्यूटर लैब में नियमित प्रशिक्षण, करीब 81 विद्यार्थियों ने ओरिएंटेशन सत्र में लिया भाग


झज्जर। तकनीकी शिक्षा को उद्योग की बदलती जरूरतों से जोड़ने और विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित आधुनिक डिजिटल कौशल से लैस करने की दिशा में चौधरी रणबीर सिंह राजकीय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CRSSIET), झज्जर ने नई पहल की है। संस्थान के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ और Anudip Foundation for Social Welfare के संयुक्त सहयोग से ‘Web Designing with AI’ विषय पर एक माह का निःशुल्क इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के सेमिनार हॉल में आयोजित ओरिएंटेशन सत्र के साथ हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के करीब 81 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक वेब डिजाइनिंग, AI आधारित वेब डेवलपमेंट टूल्स, UI/UX की बुनियादी अवधारणाओं और उद्योग की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। नियमित प्रशिक्षण 13 जुलाई 2026 से संस्थान की कंप्यूटर लैब में आयोजित किया जाएगा।

AI का ज्ञान रोजगार और उद्यमिता के लिए खोल रहा नई संभावनाएं

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक-प्रधानाचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्तमान तकनीकी बदलावों के अनुरूप अपने कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में Artificial Intelligence आधारित तकनीकों का ज्ञान रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए केवल पारंपरिक तकनीकी ज्ञान तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नई तकनीकों को समझना और उनका व्यावहारिक उपयोग सीखना भी जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से इस एक माह के प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने और नियमित रूप से प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेने का आह्वान किया।

एक माह के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. कुलवंत खरब ने इंटर्नशिप प्रोग्राम की रूपरेखा विद्यार्थियों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि यह एक माह का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक वेब डिजाइनिंग और AI आधारित तकनीकों की व्यावहारिक समझ विकसित करने में मदद करेगा।

प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को AI आधारित वेब डेवलपमेंट टूल्स, आधुनिक वेब डिजाइनिंग तकनीक, User Interface और User Experience (UI/UX) की मूल अवधारणाओं के साथ उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान समयपालन और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हुए न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

उद्योग उन्मुख परियोजनाओं पर काम करने का मिलेगा अवसर

Anudip Foundation for Social Welfare की ओर से लर्निंग एंड ऑपरेशन की क्लस्टर मैनेजर किरण रानी और मास्टर ट्रेनर सुधीर ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की संरचना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने प्रशिक्षण की मूल्यांकन प्रक्रिया, परियोजना कार्य और प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारी भी साझा की। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को उद्योग उन्मुख परियोजनाओं पर काम करने और आधुनिक AI टूल्स का व्यावहारिक उपयोग सीखने का अवसर मिलेगा।

इससे विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रहने के बजाय वास्तविक परियोजनाओं पर काम करने का अनुभव भी प्राप्त होगा।

13 जुलाई से कंप्यूटर लैब में शुरू होगा नियमित प्रशिक्षण

एक माह का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जुलाई 2026 से संस्थान की कंप्यूटर लैब में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल, डिजिटल दक्षता और रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थी बदलते तकनीकी परिवेश और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। विशेष रूप से AI के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल टूल्स के साथ काम करने की व्यावहारिक समझ प्रदान करेगा।

कौशल विकास से बेहतर रोजगार अवसर मिलने की उम्मीद

संस्थान प्रबंधन ने विश्वास जताया कि इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और बेहतर रोजगार अवसरों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ जुड़ने, व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और भविष्य के रोजगार बाजार की आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलेगा।

ओरिएंटेशन कार्यक्रम में डिप्टी रजिस्ट्रार शक्तिराज सिंह, इलेक्ट्रिकल विभागाध्यक्ष भूपेन्द्र बड़क, मैकेनिकल विभागाध्यक्ष प्रवीण छिल्लर, विभागाध्यक्ष राजेश उपल, ATPO डॉ. संदीप खरब, ATPO नेहा रानी और डॉ. जगबीर कादियान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।