करोड़ों Chrome यूजर्स के लिए सिक्योरिटी अलर्ट, तुरंत अपडेट करें ब्राउजर: पुराने वर्जन पर साइबर हमले का खतरा
Google Chrome के पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए साइबर सुरक्षा अलर्ट सामने आया है। सुरक्षा जोखिम कम करने के लिए Chrome को नवीनतम उपलब्ध वर्जन में तुरंत अपडेट करने की सलाह दी गई है।
➤ Google Chrome के पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को तुरंत अपडेट की सलाह
➤ सुरक्षा खामियों के जरिए साइबर हमले और डेटा चोरी का खतरा
➤ Windows, macOS और Linux यूजर्स को अपना Chrome वर्जन जांचना जरूरी
Google Chrome इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण साइबर सिक्योरिटी अलर्ट सामने आया है। तेजी से बदलती तकनीक के साथ साइबर अपराधी भी हमले के नए तरीके अपना रहे हैं और ब्राउजर में मौजूद सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर यूजर्स के सिस्टम और डेटा को निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में पुराने Chrome वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को अपने ब्राउजर को जल्द से जल्द नवीनतम उपलब्ध वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी गई है। अपडेट को नजरअंदाज करने पर सिस्टम सुरक्षा जोखिमों के संपर्क में रह सकता है।
इन Chrome यूजर्स को बताया गया खतरे के दायरे में
दी गई जानकारी के अनुसार, Windows और macOS पर 150.0.7871.114/.115 से पुराने Chrome वर्जन और Linux पर 150.0.7871.114 से पहले के वर्जन को जोखिम के दायरे में बताया गया है।
ऐसे में यूजर्स को अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल Chrome का मौजूदा वर्जन जांचना चाहिए और ब्राउजर द्वारा उपलब्ध कराया गया नवीनतम सुरक्षा अपडेट इंस्टॉल करना चाहिए। साइबर सुरक्षा के मामले में केवल वर्जन नंबर पर निर्भर रहने के बजाय Chrome की आधिकारिक अपडेट सुविधा के जरिए नवीनतम उपलब्ध वर्जन इंस्टॉल करना बेहतर है।
CERT-In की एडवाइजरी का दावा, सुरक्षा खामियों को लेकर चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत की सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने भी Chrome से जुड़ी सुरक्षा कमजोरियों को लेकर चेतावनी जारी की है। ऐसी खामियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर प्रभावित सिस्टम पर अनधिकृत गतिविधियां करने की कोशिश कर सकते हैं।
साइबर सुरक्षा कमजोरियों का प्रभाव उनकी प्रकृति और गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में हमलावर यूजर को दुर्भावनापूर्ण वेबसाइट या अन्य ऑनलाइन सामग्री तक पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं और ब्राउजर की कमजोरी का फायदा उठा सकते हैं।
फर्जी वेबसाइट बन सकती है हमले का जरिया
साइबर अपराधी अक्सर फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध लिंक और धोखाधड़ी वाले संदेशों का इस्तेमाल करते हैं। यूजर के किसी दुर्भावनापूर्ण वेबसाइट पर पहुंचने के बाद हमलावर ब्राउजर या सिस्टम में मौजूद सुरक्षा कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है।
इसी कारण केवल ब्राउजर अपडेट करना ही पर्याप्त नहीं है। यूजर्स को अनजान लिंक खोलने, संदिग्ध वेबसाइट पर जाने और अविश्वसनीय स्रोतों से फाइल डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।
Chrome को अपडेट करना क्यों है जरूरी
ब्राउजर अपडेट में केवल नए फीचर्स ही नहीं जोड़े जाते, बल्कि समय-समय पर सामने आने वाली सुरक्षा खामियों के लिए पैच भी जारी किए जाते हैं। इसलिए पुराने वर्जन का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।
Chrome को नवीनतम उपलब्ध वर्जन में अपडेट रखने से ज्ञात सुरक्षा कमजोरियों के खिलाफ सुरक्षा बेहतर होती है। इसके साथ ऑपरेटिंग सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर को भी नियमित रूप से अपडेट रखना चाहिए।
ऐसे अपडेट करें Google Chrome
Chrome अपडेट करने के लिए सबसे पहले अपने कंप्यूटर पर Google Chrome खोलें। इसके बाद ऊपर दाईं ओर मौजूद तीन डॉट्स पर क्लिक करें और Help विकल्प में जाकर About Google Chrome चुनें। Chrome उपलब्ध अपडेट की जांच करेगा और नया वर्जन मिलने पर उसे इंस्टॉल करेगा। अपडेट पूरा होने के बाद ब्राउजर को Relaunch/Restart करें।
ब्राउजर दोबारा खुलने के बाद उसी पेज पर जाकर यह जांचा जा सकता है कि Chrome नवीनतम उपलब्ध वर्जन पर अपडेट हो चुका है या नहीं।
सिर्फ अपडेट नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आमतौर पर यूजर्स को ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट रखने के साथ संदिग्ध लिंक से सावधान रहने की सलाह देते हैं। अनजान ईमेल, मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट में आए लिंक पर बिना जांच के क्लिक नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा महत्वपूर्ण अकाउंट्स पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखना और अलग-अलग अकाउंट्स के लिए मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करना सुरक्षा को और बेहतर कर सकता है।
Akhil Mahajan