नौकरी–जमीन के लालच में बेटी ने करवाई मां की हत्या! ताऊ और उसका बेटा साजिश में शामिल, 7 लाख की दी सुपारी
जयपुर में कोर्ट कर्मचारी नीरज शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने कथित हत्या की साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, अनुकंपा नौकरी और संपत्ति को लेकर बेटी ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर 7 लाख रुपए की सुपारी दी और वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की।
➤ पुलिस का दावा— अनुकंपा नौकरी और संपत्ति को लेकर बेटी ने ताऊ और उसके बेटे के साथ रची हत्या की साजिश
➤ 7 लाख रुपए में दी गई थी सुपारी, कार से टक्कर मारकर वारदात को हादसा दिखाने का आरोप
➤ बेटी और ताऊ समेत सात आरोपी गिरफ्तार, ताऊ का बेटा बलराम फरार
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक महिला की कार की टक्कर से हुई मौत की जांच ने कथित तौर पर हत्या की ऐसी साजिश का खुलासा किया है, जिसमें पुलिस ने मृतका की बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका होने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कोर्ट में लिपिक नीरज शर्मा की मौत कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं थी, बल्कि अनुकंपा नौकरी और संपत्ति को लेकर रची गई कथित साजिश का नतीजा थी। आरोप है कि बेटी आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और ताऊ के बेटे बलराम के साथ मिलकर मां को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इसके लिए कथित तौर पर 7 लाख रुपए की सुपारी दी गई। वारदात को हादसे का रूप देने के लिए महिला को वाहन से टक्कर मारने की योजना बनाई गई। पुलिस ने बेटी और ताऊ के साथ वारदात में कथित रूप से शामिल पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि बलराम की तलाश जारी है।
4 जुलाई को कार की टक्कर से हुई थी नीरज शर्मा की मौत
पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई को प्रताप नगर थाना क्षेत्र में नीरज शर्मा की एक वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। वह सांगानेर के कल्याण नगर थर्ड इलाके में रहती थीं और अपने 17 वर्षीय दिव्यांग बेटे के इलाज के सिलसिले में प्रताप नगर गई थीं।
शुरुआत में घटना सड़क हादसे जैसी दिखाई दी, लेकिन महिला के भाई की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में हत्या की आशंका जताई गई। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल, वाहन की गतिविधियों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच शुरू की।
पति की मौत के बाद अनुकंपा नौकरी को लेकर सामने आया विवाद
पुलिस जांच के मुताबिक, नीरज शर्मा के पति कोर्ट में कर्मचारी थे और करीब एक साल पहले उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार में अनुकंपा नौकरी को लेकर स्थिति बनी। पुलिस का दावा है कि बेटी आयुषी नौकरी चाहती थी, लेकिन बाद में नीरज शर्मा स्वयं नौकरी पर लग गईं।
जांच में परिवार की संपत्ति का पहलू भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, नीरज के पति के नाम दो प्लॉट और भरतपुर के बमनपुरा में जमीन थी, जो उनकी मौत के बाद नीरज के नाम हो गई थी। पुलिस का आरोप है कि इसी नौकरी और संपत्ति को लेकर हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस का दावा— 7 लाख रुपए में तय हुआ था हत्या का सौदा
पुलिस जांच में आरोप है कि आयुषी, मोहन स्वरूप और बलराम ने भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा के माध्यम से नीरज शर्मा की हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी तय की।
इसके बाद कथित तौर पर अन्य लोगों को भी योजना में शामिल किया गया। पुलिस का कहना है कि वारदात के समय अलग-अलग आरोपियों को वाहन चलाने, महिला की गतिविधियों की जानकारी देने और घटनास्थल के आसपास मौजूद रहने जैसी भूमिकाएं दी गई थीं।
इन सभी आरोपों की आगे की कानूनी जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
पहले की गई रैकी, सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस को दिए अहम सुराग
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल होने का संदेह वाला वाहन घटना से पहले कई बार कल्याण नगर थर्ड इलाके में दिखाई दिया था। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस का शक और गहरा हुआ।
पुलिस ने अलग-अलग स्थानों के कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। बाद में एक वाहन लावारिस हालत में मिला, जिस पर टक्कर से जुड़े निशान होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने की कार्रवाई तेज की।
मथुरा से आगरा तक दबिश, पूछताछ में जुड़ती गईं साजिश की कड़ियां
पुलिस ने तकनीकी जानकारी और संदिग्धों की लोकेशन के आधार पर मथुरा, दौसा, भरतपुर और आगरा समेत कई स्थानों पर दबिश दी। अलग-अलग संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो कथित साजिश की कड़ियां सामने आने लगीं।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान बेटी आयुषी, बलराम और मोहन स्वरूप के नाम सामने आए। इसके बाद आयुषी और मोहन स्वरूप को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बलराम फिलहाल फरार बताया गया है।
बेटी और ताऊ समेत सात गिरफ्तार, एक आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में बेटी आयुषी और ताऊ मोहन स्वरूप के अलावा वारदात को अंजाम देने में कथित रूप से शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस तरह अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश के साथ यह भी जांच कर रही है कि कथित सुपारी की रकम का भुगतान किस तरह किया गया, साजिश कब और कहां तैयार की गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
हादसा दिखाने की कोशिश, जांच ने खोली कथित साजिश की परतें
इस मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि शुरुआती तौर पर घटना सड़क हादसे जैसी दिखाई दे रही थी। हालांकि, परिवार की ओर से जताए गए संदेह, सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध वाहन और तकनीकी जांच ने पुलिस को दूसरे पहलुओं की ओर बढ़ाया।
पुलिस के दावे के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ मामला कथित सुपारी देकर हत्या की साजिश में बदल गया। हालांकि, आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
Akhil Mahajan