देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद से भरेगी रफ्तार: अंदर लग्जरी सीटें और चार्जिंग सॉकेट, एक बार में 2638 यात्री कर सकेंगे सफर, जानें
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 17 जुलाई को शुरू होने की तैयारी में है। जींद-सोनीपत रूट पर चलने वाली ट्रेन में लग्जरी सीटें, चार्जिंग सॉकेट और हैंडग्रिपर जैसी सुविधाएं हैं तथा एक बार में 2638 यात्री सफर कर सकेंगे।
➤ 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ करेंगे
➤ जींद-सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के रूट पर 14 स्टेशनों पर होगा ठहराव
➤ 1200 किलोवाट के हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम से लैस ट्रेन में 2638 यात्री कर सकेंगे सफर
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को इसका शुभारंभ करेंगे। ट्रायल और मेंटेनेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं के बाद मंगलवार शाम ट्रेन शकूरबस्ती से जींद रेलवे स्टेशन पहुंच गई। अब अगले दो दिनों तक ट्रेन की वाशिंग और डेकोरेशन का काम किया जाएगा। शकूरबस्ती से जींद पहुंची अधिकारियों की टीम की देखरेख में ट्रेन को भव्य तरीके से सजाने की तैयारी है।
यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलेगी और करीब 89 किलोमीटर का सफर लगभग दो घंटे में पूरा करेगी। ट्रेन के संचालन के लिए छह लोको पायलट और सहायक लोको पायलटों के साथ दो गार्डों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। संबंधित कर्मचारियों को चेन्नई और गुजरात में ट्रेन के संचालन से जुड़ी स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है।
अंदर लग्जरी सीटें, चार्जिंग सॉकेट और हैंडग्रिपर की सुविधा
नॉन एसी होने के बावजूद हाइड्रोजन ट्रेन के अंदर यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रेन में लग्जरी सीटें, पंखे और मोबाइल सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए जगह-जगह चार्जिंग सॉकेट लगाए गए हैं।
खड़े होकर यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए कोचों में हैंडग्रिपर भी लगाए गए हैं। ट्रेन को कम दूरी के रूट पर बड़ी संख्या में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रेन में एक बार में 2638 यात्री सफर कर सकेंगे।
1200 किलोवाट के आधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम से लैस
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में 1200 किलोवाट क्षमता का आधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम लगाया गया है। यह तकनीक भारतीय रेलवे के स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ट्रेन को 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने में सक्षम बताया गया है। हालांकि वास्तविक परिचालन गति रूट, ट्रैक और रेलवे के परिचालन नियमों के अनुसार तय होगी। जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर का निर्धारित सफर करीब दो घंटे में पूरा करने की योजना है।
सप्ताह में छह दिन चलेगी ट्रेन, रविवार को होगा मेंटेनेंस
हाइड्रोजन ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित की जाएगी। रविवार का दिन ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए निर्धारित रहेगा। जींद से सोनीपत के बीच सफर के दौरान ट्रेन का कुल 14 स्टेशनों पर ठहराव होगा।
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, ट्रेन नंबर 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1 बजे जींद पहुंचेगी।
इन स्टेशनों पर होगा हाइड्रोजन ट्रेन का ठहराव
जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली ट्रेन रास्ते में जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भामेवा, ईशापुर खेड़ी, बुताना, खांडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बड़वासनी स्टेशनों पर रुकेगी।
इस रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू होने से जींद और सोनीपत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को नई रेल सेवा मिलने के साथ भारत में हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल की शुरुआत भी होगी।
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले जींद में सौंदर्यीकरण का काम तेज
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए जींद शहर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में बने हेलीपैड पर उतरने की संभावना है। इसके बाद उनका काफिला सड़क मार्ग से गोहाना रोड, रानी तालाब, एसडी स्कूल, पुरानी सब्जी मंडी मोड़ और पटियाला चौक होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचेगा।
इस संभावित रूट पर सौंदर्यीकरण और मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। गोहाना रोड पर बिजली के तारों और केबलों को बदलने का काम किया जा रहा है। प्रशासन की अलग-अलग टीमें व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
सड़कों के गड्ढे भरे जा रहे, दीवारों पर हो रही पेंटिंग
प्रधानमंत्री के काफिले के लिए चिह्नित मुख्य मार्गों पर सफाई, पेंट और मरम्मत का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सड़कों के गड्ढों को भरा जा रहा है, जबकि डिवाइडरों और फुटपाथों पर रंग-रोगन किया जा रहा है।
रूट के आसपास की दीवारों पर भी पेंटिंग की जा रही है और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासन की कई टीमें शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए दिन-रात काम में जुटी हैं।
PGIMS रोहतक के विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी जींद में ड्यूटी
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली की अध्यक्षता में जिला कोर कमेटी के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने PGIMS रोहतक सहित अन्य जिलों से हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट समेत विशेषज्ञ डॉक्टरों तथा प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई है।
इसके अलावा 15 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) और 7 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ तैनात करने की व्यवस्था की गई है। संबंधित डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है।
‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ योजना के तहत 35 ट्रेनें चलाने की तैयारी
भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में भारतीय रेलवे ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ योजना के तहत देश के अलग-अलग हेरिटेज और पहाड़ी रूटों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक हाइड्रोजन ट्रेन तैयार करने पर करीब 80 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। वहीं, प्रत्येक रूट पर आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए करीब 70 करोड़ रुपए अलग से खर्च किए जाने की योजना है। जींद-सोनीपत रूट पर शुरू होने वाली यह ट्रेन देश में स्वच्छ रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है।
Akhil Mahajan