दिल्ली कूच फिलहाल टला: सरकार-किसानों के बीच बनी सहमति, फिर भी हरियाणा में बॉर्डर सील; कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किमी लंबा जाम

किसानों ने दो मांगों पर सहमति बनने के बाद दिल्ली कूच और महापंचायत फिलहाल स्थगित कर दी है। हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था जारी है, जबकि कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किलोमीटर लंबा जाम लगा।

दिल्ली कूच फिलहाल टला: सरकार-किसानों के बीच बनी सहमति, फिर भी हरियाणा में बॉर्डर सील; कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किमी लंबा जाम

दो मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने दिल्ली कूच और महापंचायत फिलहाल स्थगित की
कई किसान नेता अब भी हिरासत में, गुरनाम सिंह चढ़ूनी की रिहाई तक कुरुक्षेत्र में धरना जारी
हरियाणा में सुरक्षा बरकरार, कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किमी लंबा जाम और शंभू बॉर्डर पर धारा 163 लागू


गुरुग्राम/अंबाला। अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को प्रस्तावित दिल्ली कूच और किसान घाट महापंचायत को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तथा हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ हुई बैठक के बाद किसान संगठनों ने यह फैसला लिया। बैठक में किसानों की दो प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद कई किसान वापस लौटने लगे, हालांकि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी पहले की तरह कड़ी बनी हुई है।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराजके ने बताया कि हिरासत में लिए गए किसान नेताओं की रिहाई और केंद्र सरकार के साथ वार्ता शुरू कराने पर सहमति बनी है। इसी के बाद फिलहाल धरना और दिल्ली कूच स्थगित करने का निर्णय लिया गया। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से बातचीत का सकारात्मक संकेत मिला है और अब अगले दौर की वार्ता का इंतजार किया जाएगा।

हालांकि आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी अभी भी पुलिस हिरासत में हैं। उनके समर्थक कुरुक्षेत्र स्थित CIA-1 कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक चढ़ूनी को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित संसद घेराव को देखते हुए हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से जुड़े सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कई जिलों में किसान नेताओं और CJP समर्थकों को हाउस अरेस्ट या डिटेन किया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है।

अंबाला के शंभू बॉर्डर पर प्रशासन ने 27 जुलाई तक धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक रहेगी। शंभू बॉर्डर पर सीमेंट के बैरिकेड लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है और भारी संख्या में पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है।

उधर, सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर मंगलवार सुबह भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच के कारण करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों को घंटों तक धीमी रफ्तार से गुजरना पड़ा।

कुरुक्षेत्र में दिल्ली जा रही एक निजी बस को ज्योतिसर चौकी के पास रोक लिया गया। बस में सवार करीब 30 किसानों को हिरासत में लिया गया, जिनमें भारतीय किसान यूनियन पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच भी शामिल बताए गए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने बहादुरगढ़-द्वारका बाईपास पर भी बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच तेज कर दी है।

इसी बीच महेंद्रगढ़ जिले के कनीना मंडी राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन और भाजपा के विरोध में लगाए गए नारों का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्रिंसिपल नरेश कुमार को निलंबित कर दिया गया।

इस बीच शंभू बॉर्डर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और किसान नेताओं के बीच हुई बैठक को अहम माना जा रहा है। किसान नेता सरवण पंधेर ने बताया कि कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि गिरफ्तार किसान नेताओं को जल्द रिहा कराया जाएगा। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अगले 8 से 10 दिनों में किसानों की वार्ता शुरू कराने का भी आश्वासन दिया गया है।

फिलहाल दिल्ली कूच टलने से तत्काल टकराव की स्थिति टल गई है, लेकिन किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि बातचीत में सकारात्मक समाधान नहीं निकला तो आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जा सकता है। वहीं प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल यथावत रखने का फैसला किया है।