रोहतक में बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल गिरी, किसानों की चिंता बढ़ी तेज हवाओं और बारिश से खेतों में झुकी फसल
रोहतक में बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं से गेहूं की खड़ी फसल झुककर गिर गई। कटाई से पहले मौसम बिगड़ने से किसानों को पैदावार घटने और आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
रोहतक में बेमौसमी बारिश बनी किसानों के लिए आफत: तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिरी, बढ़ी नुकसान की आशंका
■ सुबह की बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं से खेतों में गिरी गेहूं की फसल
■ कटाई से पहले मौसम बिगड़ा, किसानों को पैदावार घटने का डर
■ अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवा की संभावना से बढ़ी चिंता
रोहतक जिले में रविवार सुबह हुई बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई गांवों में तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल झुककर जमीन की ओर गिर गई। इस समय जिले में गेहूं और सरसों की फसल लगभग पककर तैयार खड़ी है और कुछ ही दिनों में कटाई शुरू होने वाली थी। ऐसे में अचानक बदले मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरने का खतरा पैदा कर दिया है।
किसानों का कहना है कि जब गेहूं की फसल जमीन की ओर झुक जाती है, तो दानों की पकावट ठीक तरह से नहीं हो पाती। इससे न केवल फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि पैदावार पर भी असर पड़ता है।
बारिश और तेज हवाओं के कारण कई खेतों में गेहूं की बालियां जमीन से लग गई हैं। इससे फसल में नमी बढ़ने और दाने कमजोर होने का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
किसानों के मुताबिक इस समय मौसम सामान्य रहता तो कुछ ही दिनों में गेहूं की कटाई शुरू हो जाती, लेकिन बेमौसमी बारिश ने पूरे माहौल को बदल दिया है।
किसानों ने बताया कि पहले ही खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, दवाइयों और मजदूरी पर भारी खर्च हो चुका है। ऐसे में अगर मौसम के कारण पैदावार कम होती है तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि खेती उनकी सालभर की मेहनत और उम्मीदों का सहारा होती है, लेकिन इस तरह का मौसम उनकी चिंता बढ़ा देता है।
किसानों ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर अगले चार-पांच दिन और बारिश व तेज हवाएं चलती रहीं, तो खेतों में खड़ी फसल को और नुकसान हो सकता है।
किसानों का कहना है कि अगर फिर से बारिश हुई तो पूरी फसल खराब होने का खतरा है और उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
किसान राजेंद्र और राजपाल ने बताया कि अभी तक फसल अच्छी खड़ी थी, लेकिन अचानक आए इस मौसम ने उन्हें चिंता में डाल दिया है।
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