मां ने बेटे के अंग किए दान, 4 परिवारों में लौटी खुशियां
रोहतक PGI में 16 वर्षीय हर्ष के ब्रेन डेड होने के बाद उसकी मां ने अंगदान कर 4 लोगों को नई जिंदगी दी। हरियाणा में पहली बार अंगों की एयरलिफ्टिंग भी की गई।
16 वर्षीय बेटे को ब्रेन डेड घोषित होने के बाद मां ने लिया अंगदान का फैसला
■ किडनी, लिवर और आंखें दान कर 4 लोगों को मिला नया जीवन
■ हरियाणा में पहली बार अंगों की एयरलिफ्टिंग, सेना हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल
हरियाणा के रोहतक PGI से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने इकलौते बेटे हर्ष की मौत के बाद ऐसा फैसला लिया, जिसने चार जिंदगियों में फिर से उम्मीद जगा दी। इस फैसले ने न सिर्फ लोगों को भावुक किया, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा उदाहरण भी पेश किया है।
जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय हर्ष को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। संयोग ऐसा था कि जिस दिन परिवार में पिता राजेंद्र की तेरहवीं की रस्में चल रही थीं, उसी दिन यह दुखद खबर सामने आई। एक ही परिवार पर दोहरा दुख टूट पड़ा।
इस गहरे सदमे के बावजूद हर्ष की मां ने हिम्मत दिखाई और अपने बेटे के अंगदान का फैसला लिया। उनका कहना था कि भले ही उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके अंग दूसरों के शरीर में धड़कते रहेंगे।
अंगदान की प्रक्रिया के दौरान एक ऐतिहासिक पहल भी देखने को मिली। हरियाणा में पहली बार अंगों को समय पर सुरक्षित पहुंचाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्टिंग की गई।
हर्ष की एक किडनी को चंडीगढ़ के सेना अस्पताल में एक जवान के इलाज के लिए भेजा गया। वहीं लिवर को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल्ली के ILBS अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरी किडनी और दोनों आंखें रोहतक PGI के ही मरीजों को ट्रांसप्लांट की गईं।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस एक फैसले से चार मरीजों को नया जीवन मिला है। परिवार के लिए यह क्षण बेहद भावुक था, लेकिन मां के शब्दों ने हर किसी को झकझोर दिया— "मेरा सब कुछ छिन गया, लेकिन मेरा बेटा दूसरों में जिंदा रहेगा।"
यह घटना समाज को एक बड़ा संदेश देती है कि कठिन से कठिन समय में भी इंसानियत और हिम्मत से लिए गए फैसले कई जिंदगियां बदल सकते हैं।
pooja