उषा प्रियदर्शनी बनीं हरियाणा महिला आयोग की नई चेयरपर्सन

हरियाणा सरकार ने उषा प्रियदर्शनी को राज्य महिला आयोग का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। मीना परमार वाइस चेयरपर्सन और पांच नई सदस्य भी नियुक्त की गई हैं।

उषा प्रियदर्शनी बनीं हरियाणा महिला आयोग की नई चेयरपर्सन
  • उषा प्रियदर्शनी बनीं हरियाणा महिला आयोग की नई चेयरपर्सन
  • मीना परमार को वाइस चेयरपर्सन और पांच नई सदस्य नियुक्त
  • रेणु भाटिया के विवादित बयान के बाद हुआ आयोग का पुनर्गठन

पंचकूला। हरियाणा सरकार ने राज्य महिला आयोग का पुनर्गठन करते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष उषा प्रियदर्शनी को हरियाणा महिला आयोग का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

उषा प्रियदर्शनी वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वह गुरुग्राम की रहने वाली हैं और जनवरी 2024 में उन्हें महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। अब उन्हें प्रदेश महिला आयोग की कमान सौंपी गई है।

सरकार ने आयोग में मीना परमार को वाइस चेयरपर्सन नियुक्त किया है। मीना परमार भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री हैं और तोशाम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ चुकी हैं।

इसके साथ ही महिला आयोग में पांच नए सदस्यों की नियुक्ति भी की गई है। इनमें भारती सैनी, सुनीता लोहचब, सुमन शहजादवाला, डॉ. अनुकम्पा गर्ग और सुनीता चौहान शामिल हैं। राज्यपाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आयोग के पदाधिकारियों और सदस्यों की सेवा शर्तें तथा अन्य नियम मुख्य सचिव कार्यालय के राजनीतिक एवं संसदीय कार्य विभाग द्वारा 26 मई 2026 को जारी निर्देशों के अनुरूप लागू होंगे।

आयोग की सदस्य बनाई गई सुनीता चौहान इससे पहले वर्ष 2017 में विमुक्त घुमंतू जाति विकास बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं। विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें भाजपा की ओर से बेरी विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया था।

वहीं भारती सैनी वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की जिला महेंद्रगढ़ अध्यक्ष हैं। वह नारनौल नगर परिषद की पूर्व चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं।

गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम पूर्व चेयरपर्सन रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद सामने आया है। हाल ही में कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में एक दुष्कर्म पीड़िता से जुड़े मामले के दौरान रेणु भाटिया का एक बयान विवादों में आ गया था।

7 जून को अस्पताल के दौरे के दौरान उन्होंने अस्पताल स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा था कि यदि किसी की बेटी को 15 मिनट के लिए किसी के साथ कमरे में छोड़ दिया जाए तो क्या होगा। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद रेणु भाटिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

अब सरकार ने नए चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति कर महिला आयोग का पुनर्गठन कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे आयोग के कामकाज को नई दिशा मिलेगी और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।