सिरसा में RTI लगाने वाले व्यक्ति को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का खुलासा

सिरसा में RTI लगाने वाले व्यक्ति को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने महिला और सरपंच के भतीजे को गिरफ्तार किया है।

सिरसा में RTI लगाने वाले व्यक्ति को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का खुलासा

■ सिरसा में RTI लगाने वाले व्यक्ति को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का खुलासा

■ पंचायत प्लॉट का लालच देकर महिला से करवाए गए वीडियो कॉल और चैट

■ पुलिस ने सरपंच के भतीजे और महिला को गिरफ्तार किया

हरियाणा के सिरसा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां गांव की सरपंच और उसके परिवार पर RTI लगाने वाले व्यक्ति को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश रचने के आरोप लगे हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि पंचायत से जुड़े विवाद और लगातार लगाई जा रही RTI से परेशान होकर यह पूरा खेल रचा गया।

मामला नाथुसरी क्षेत्र के जमाल गांव का है। गांव निवासी मोहन बेनीवाल ने RTI एक्ट के तहत गांव की सरपंच विनोद रानी की शैक्षणिक योग्यता और पंचायत में हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा उसने गांव में विकास कार्यों में कथित गड़बड़ियों की शिकायत सीएम विंडो और डीसी कार्यालय तक पहुंचाई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी से नाराज होकर सरपंच परिवार ने उसे फंसाने की साजिश बनाई। पुलिस के अनुसार, गांव की एक 32 वर्षीय महिला को पंचायत कोटे से प्लॉट दिलाने का लालच देकर इस काम में शामिल किया गया।

बताया गया कि महिला ने पहले फोन कॉल के जरिए संपर्क किया और बाद में लगातार चैटिंग व वीडियो कॉल कर मीठी-मीठी बातें करनी शुरू कर दीं। शिकायतकर्ता को शक हुआ तो उसने महिला के कॉल और बातचीत की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर ली।

मोहन बेनीवाल ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि महिला बार-बार कॉल कर रही थी और उसे फंसाने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने नंबरों की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग की जांच की।

जांच में सामने आया कि सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश और उसका भतीजा सुरेंद्र महिला को शिकायतकर्ता के खिलाफ उकसा रहे थे। पुलिस को एक रिकॉर्डिंग भी मिली, जिसमें कथित तौर पर शिकायतकर्ता को फंसाने की बात कही जा रही थी।

पुलिस की गिरफ्त में सरपंच विनोद रानी का भतीजा सुरेंद्र।

                                                पुलिस की गिरफ्त में सरपंच विनोद रानी का भतीजा सुरेंद्र।

पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला आशा ने भी कई खुलासे किए। उसने बताया कि उसे पंचायत की ओर से प्लॉट दिलाने का लालच दिया गया था। आशा मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और पिछले कुछ समय से गांव में रह रही थी।

मामले में पुलिस ने सरपंच विनोद रानी, सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश, सुरेंद्र और महिला आशा के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल महिला आशा और सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि आशा और सुरेंद्र को गिरफ्तार किया जा चुका है।

                      थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि आशा और सुरेंद्र को गिरफ्तार किया जा चुका है।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार के अनुसार, आरोपियों पर पद के दुरुपयोग, साजिश रचने, ब्लैकमेलिंग और झूठा मामला दर्ज कराने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है।