ईरान की ‘लाइफलाइन’ पर US-इजरायल का महाप्रहार: तेल डिपो और रिफाइनरियों पर बमबारी से दहल उठा तेहरान

अमेरिका और इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान और करज में तेल डिपो व ऊर्जा ढांचे पर बड़े हवाई हमले किए हैं। विस्फोटों और भीषण आग से राजधानी दहल उठी है और मिडिल ईस्ट में युद्ध का तनाव और बढ़ गया है।

ईरान की ‘लाइफलाइन’ पर US-इजरायल का महाप्रहार: तेल डिपो और रिफाइनरियों पर बमबारी से दहल उठा तेहरान

अमेरिका-इजरायल ने तेहरान और करज के तेल डिपो व ऊर्जा ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए
धमाकों से राजधानी दहली, कई जगह भीषण आग और धुएं के गुबार उठे
मिडिल ईस्ट युद्ध और भड़का, ईरान ने दी कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी


मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान और आसपास के इलाकों में स्थित तेल भंडारण केंद्रों और ऊर्जा ढांचे पर बड़े हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद कई जगह भयंकर विस्फोट, आग और आसमान में उठते धुएं के विशाल गुबार देखे गए, जिससे पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया।

ट्रम्प कुवैत में मारे गए 6 अमेरिकियों सैनिक के शव वापसी समारोह में शामिल हुए। उनके साथ मेलानिया ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार हमलों में तेहरान और पास के करज इलाके के कई फ्यूल डिपो को निशाना बनाया गया। यह पहली बार है जब ईरान के तेल भंडारण और ऊर्जा ढांचे को सीधे निशाना बनाया गया है, जिसे देश की आर्थिक “लाइफलाइन” माना जाता है। हमले के बाद कई ईंधन टैंकों में भीषण आग लग गई और राजधानी के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

ईरान के इस्फहान शाहिद बेहेश्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 7 मार्च को धमाके के बाद की फुटेज।

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिण और उत्तर-पश्चिम तेहरान के तेल डिपो पर हमले हुए, जिनसे आसमान में आग और धुएं के बड़े गुबार दिखाई दिए। हालांकि कुछ रिपोर्टों के मुताबिक नजदीकी रिफाइनरी को भारी नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन आसपास के ऊर्जा ढांचे को नुकसान हुआ है।

दुबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को ईरानी ड्रोन हमले का फुटेज।

यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध अपने नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत और भारी तबाही की खबरें सामने आ चुकी हैं। कई खाड़ी देशों में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण तनाव बढ़ गया है।

ब्रिटेन में ईरान जंग खत्म करने के लिए शनिवार को मार्च निकाला गया। इस दौरान महिलाओं ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन किया।

इजरायल ने दावा किया है कि हमलों का मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य सप्लाई नेटवर्क को कमजोर करना है। वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि देश लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है और हमलों का जवाब दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के तेल ढांचे पर हमला वैश्विक ऊर्जा बाजार और मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति पर बड़ा असर डाल सकता है। अगर संघर्ष और बढ़ा तो इसका असर तेल की कीमतों, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।