दिल्ली में प्रो बल्देव भाई शर्मा को ‘वेद व्यास शिखर सम्मान’: देश-विदेश के साहित्यकारों की मौजूदगी में भव्य समारोह
दिल्ली के मयूर विहार स्थित क्राउन प्लाजा होटल में आयोजित समारोह में प्रो बल्देव भाई शर्मा को वेद व्यास शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश के 55 साहित्यकारों को भी सम्मान मिला।
➤ दिल्ली के क्राउन प्लाजा होटल में भव्य समारोह में प्रो बल्देव भाई शर्मा सम्मानित
➤ ममता कालिया, प्रेम जन्मेजय, बुद्धिनाथ मिश्र सहित कई साहित्यकार रहे उपस्थित
➤ 55 साहित्यकारों को साहित्य विभूषण और साहित्य भूषण सम्मान भी प्रदान
दिल्ली के मयूर विहार स्थित क्राउन प्लाजा होटल में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में प्रख्यात पत्रकार, लेखक और शिक्षाविद प्रो बल्देव भाई शर्मा को प्रतिष्ठित वेद व्यास शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में देश के अनेक प्रमुख साहित्यकारों और विद्वानों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया, व्यंग्यकार प्रेम जन्मेजय, कवि बुद्धिनाथ मिश्र, लेखक डॉ संजीव कुमार, छत्तीसगढ़ के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्रीवास्तव, साहित्यकार ललित मंडोरा और प्रताप सहगल सहित अनेक प्रमुख साहित्यकार मौजूद रहे।
प्रो बल्देव भाई शर्मा देश के प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक हैं। वे कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति तथा राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत सरकार के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
देश-विदेश के साहित्यकारों को भी मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान देश और विदेश से आए कुल 55 साहित्यकारों को साहित्य विभूषण और साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। इनमें दुबई और ऑस्ट्रेलिया से आए साहित्यकार भी शामिल रहे। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, लेखक और विद्वान मौजूद रहे।
वीपीए फाउंडेशन और इंडिया नेट बुक्स ने किया आयोजन
यह सम्मान समारोह वीपीए फाउंडेशन और इंडिया नेट बुक्स की ओर से आयोजित किया गया। इंडिया नेट बुक्स के संचालक डॉ संजीव कुमार पिछले छह वर्षों से इस आयोजन को बड़े स्तर पर आयोजित कर रहे हैं, ताकि साहित्यकारों और लेखकों को नई पहचान मिल सके।
डॉ संजीव कुमार स्वयं भी प्रसिद्ध लेखक हैं और वे अब तक 256 पुस्तकें लिखकर एक विश्व कीर्तिमान बना चुके हैं। उनका उद्देश्य साहित्य और लेखन से जुड़े लोगों को मंच उपलब्ध कराना और उनके योगदान को सम्मानित करना है।
Akhil Mahajan