DSP-थानेदार समेत 12 पुलिसवालों को गिरफ्तार करने के आदेश, NDPS एक्ट केस की गवाही से जुड़ा है मामला
स्मैक और कट्टा बरामदगी से जुड़े NDPS केस में गवाही देने नहीं पहुंचे सूचक और जांच अधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ विशेष कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
■ NDPS और आर्म्स एक्ट केस में गवाही देने नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी
■ विशेष कोर्ट ने DSP समेत छह पुलिसकर्मियों पर जारी किया गैर-जमानती वारंट
■ स्मैक और कट्टा बरामदगी मामले में चार साल बाद भी गवाही नहीं
NDPS एक्ट से जुड़े एक मामले में अदालत ने पुलिस विभाग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। करीब साढ़े चार साल पुराने स्मैक और कट्टा बरामदगी मामले में केस के सूचक और जांच अधिकारी समेत किसी भी गवाह के अदालत में पेश न होने पर विशेष कोर्ट एनडीपीएस एक्ट संख्या-2 ने सख्त कार्रवाई करते हुए छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है।
यह आदेश विशेष कोर्ट एनडीपीएस एक्ट संख्या-दो के न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह ने जारी किया है। कोर्ट ने जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ वारंट जारी किया है उनमें केस के सूचक तत्कालीन कुढ़नी थानाध्यक्ष अरविंद पासवान, एएसआई प्रकाश कुमार, गृहरक्षक कुमोद कुमार, दिनेश चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) पुलिस केंद्र विपिन नारायण शर्मा और मामले के जांच अधिकारी एसआई विवेकानंद सिंह शामिल हैं। मामला बिहार के मुजफ्फरपुर का है।
दरअसल यह मामला 10 सितंबर 2021 का है, जब कुढ़नी थाना पुलिस ने गरहुआ चौक के झिटकी रोड स्थित एक ईंट भट्ठा के पास छापेमारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुढ़नी थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर निवासी रोशन कुमार के रूप में हुई थी। पुलिस ने उसके पास से लोडेड कट्टा और करीब 1.920 मिलीग्राम स्मैक बरामद करने का दावा किया था।
इस मामले में जांच अधिकारी एसआई विवेकानंद सिंह ने आरोपी के खिलाफ 10 नवंबर 2021 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था, जबकि अन्य बिंदुओं पर पूरक जांच जारी रखने की बात कही गई थी। इसके बाद से मामले की सुनवाई समय-समय पर होती रही, लेकिन अदालत में गवाहों की गवाही नहीं हो पाई।
इसी तरह के एक अन्य मामले में भी अदालत ने सख्ती दिखाई है। करीब साढ़े पांच साल पहले एटीएम फ्रॉड गिरोह के पास से एक किलो चरस बरामदगी के मामले में भी केस के सूचक और जांच अधिकारी समेत छह पुलिसकर्मी अदालत में गवाही देने नहीं पहुंचे। इस पर भी कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
इस मामले में जिन पुलिसकर्मियों पर वारंट जारी हुआ है उनमें केस के सूचक रघुवीर सिंह, सिपाही छोटेलाल सिंह और संजीव कुमार, गृहरक्षक अरविंद कुमार और धनिक कुमार राणा तथा जांच अधिकारी राजेश कुमार यादव शामिल हैं।
बताया गया कि 3 अगस्त 2020 को सदर थाना पुलिस ने खबरा भेल कॉलोनी के पीछे एक मकान में छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी एटीएम फ्रॉड गिरोह के सदस्य थे और उनके पास से एक किलो चरस बरामद की गई थी। इस मामले में 28 सितंबर 2020 को छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
अब अदालत ने दोनों मामलों में गवाही नहीं देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ वारंट जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च निर्धारित की है। कोर्ट का यह कदम न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों की अनुपस्थिति को लेकर सख्त संदेश माना जा रहा है।
Akhil Mahajan