Rajya Sabha Elections: चंद घंटे शेष, चंड़ीगढ़ से 34 किमी दूर परवाणू शिफ्ट शिमला में ठहरे कांग्रेसी विधायक, मॉक ड्रिल में 3 वोट रद्द, BJP ने दोबारा रिहर्सल की
हरियाणा राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने विधायकों को शिमला से परवाणू शिफ्ट करने की तैयारी में है। खराब मौसम और क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच भाजपा ने भी मॉक वोटिंग कर विधायकों को मतदान प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी।
➤ कांग्रेस के 31 विधायक हिमाचल के कुफरी-गलू रिजॉर्ट में कड़ी सुरक्षा में
➤ खराब मौसम और क्रॉस वोटिंग की आशंका से परवाणू शिफ्ट की रणनीति
➤ मॉक ड्रिल में भाजपा के 3 वोट रद्द, दोबारा करवाई गई रिहर्सल
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में चंद घंटे शेष हैं। हरियाणा की राजनीति की बिसात हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियों में बिछी हुई है। जहां कांग्रेस ने संभावित जोड़-तोड़ और हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं के बीच अपने 31 विधायकों को कड़ी सुरक्षा में रखा हुआ है। पहले कांग्रेस के विधायकों को हिमाचल प्रदेश के कुफरी और गलू स्थित आलीशान रिजॉर्ट्स में ठहराया गया । यहां उनके मोबाइल फोन तक जब्त कर लिए गए और सुरक्षा की जिम्मेदारी हिमाचल पुलिस ने संभाली। पूरे परिसर में पुलिस की क्यूआरटी टीम तैनात है और आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। अब नेताओं को परवाणू शिफ्ट किया जा रहा है।
कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार विधायकों को शिमला से रवाना कर परवाणू के होटल में ठहराया जा रहा। परवाणू से चंडीगढ़ की दूरी करीब 34 किलोमीटर है, जिससे जरूरत पड़ने पर जल्दी विधानसभा पहुंचना आसान रहेगा। पार्टी ने अपने विधायकों की निगरानी भी कड़ी कर दी है। बताया गया है कि उन्हें अकेले मॉर्निंग वॉक तक पर नहीं जाने दिया जा रहा, ताकि किसी प्रकार का बाहरी संपर्क न हो सके।
इधर भाजपा भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। शनिवार को चंडीगढ़ के एक पांच सितारा होटल में पार्टी विधायकों की रणनीति बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, चुनाव प्रभारी हर्ष सांघवी, प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष ने डिजिटल बोर्ड के जरिए विधायकों को वोटिंग प्रक्रिया और रणनीति समझाई।
सूत्रों के मुताबिक दक्षिण हरियाणा के अधिकांश विधायकों को निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के नाम के आगे पहली वरीयता दर्ज करने का निर्देश दिया गया है, जबकि भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया को जीत के लिए आवश्यक 31 वोट दिलाने की रणनीति तय की गई है।
मॉक वोटिंग में भाजपा के तीन वोट रद्द
राज्यसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है, इसलिए भाजपा ने अपने विधायकों के साथ मॉक वोटिंग भी करवाई। पहली बार कराई गई इस मॉक ड्रिल में तीन विधायकों के वोट रद्द हो गए। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया और दोबारा पूरी प्रक्रिया की रिहर्सल करवाई। रविवार को भी विधायकों को वोटिंग प्रक्रिया समझाने और अभ्यास कराने का सिलसिला जारी रहा।
मौसम और क्रॉस वोटिंग की आशंका से बदली रणनीति
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने खराब मौसम और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए विधायकों को शिमला से परवाणू शिफ्ट करने का फैसला लिया है। मौसम विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है, जिससे सड़क और हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती है।
अगर अंतिम समय में विधायकों को शिफ्ट करना पड़ा तो मौसम बाधा बन सकता है। इसी कारण पार्टी पहले ही उन्हें चंडीगढ़ के करीब लाकर पूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहती है। साथ ही राज्यसभा चुनाव में अक्सर अंतिम समय में राजनीतिक दबाव और संपर्क बढ़ जाते हैं, इसलिए बाड़ेबंदी के जरिए विधायकों को पार्टी के नियंत्रण में रखना भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
इन स्थितियों में रद्द हो सकता है वोट
- राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की प्रक्रिया सामान्य चुनाव से अलग होती है और छोटी सी गलती भी वोट रद्द कर सकती है।
- पहली स्थिति गलत तरीके से वरीयता लिखने की है। विधायक को बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नाम के सामने 1, 2, 3 की वरीयता लिखनी होती है। अगर एक ही नंबर दो उम्मीदवारों के सामने लिख दिया जाए या क्रम गलत हो जाए तो वोट अमान्य हो सकता है।
- दूसरी स्थिति अधिकृत पेन का उपयोग न करना है। चुनाव आयोग की ओर से दिया गया विशेष पेन ही इस्तेमाल करना अनिवार्य होता है। अगर कोई विधायक अपना पेन इस्तेमाल करता है तो वोट रद्द हो सकता है।
- तीसरी स्थिति पार्टी एजेंट को बैलेट न दिखाने की है। विधायक को वोट डालने के बाद अपने पार्टी एजेंट को बैलेट दिखाना पड़ता है। ऐसा न करने पर वोट खारिज हो सकता है।
- चौथी स्थिति गलत व्यक्ति को बैलेट दिखाने की है। अगर विधायक अपनी पार्टी के एजेंट के बजाय किसी अन्य व्यक्ति को बैलेट दिखा देता है तो वोट अमान्य माना जाएगा।
- पांचवीं स्थिति बैलेट पेपर को खराब करना है। बैलेट पर साइन करना, कोई टिप्पणी लिखना या उसे फाड़ देना भी वोट रद्द होने का कारण बन सकता है।
- छठी स्थिति पहली वरीयता स्पष्ट न होने की है। राज्यसभा चुनाव में पहली वरीयता यानी 1 लिखना अनिवार्य होता है। यदि यह स्पष्ट नहीं है या लिखा ही नहीं गया है तो पूरा वोट अमान्य हो जाता है।
Akhil Mahajan