हिमाचली रंग में रंगे सीजेआई सूर्यकांत: कुल्लवी टोपी पहन मंडी पहुंचे, 152 करोड़ से बनेगा न्यायिक परिसर
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत कुल्लवी टोपी पहन मंडी पहुंचे। वे यहां 152 करोड़ की लागत से बनने वाले आधुनिक न्यायिक परिसर का शुभारंभ करेंगे।
➤ कुल्लवी टोपी पहन हिमाचली अंदाज में मंडी पहुंचे सीजेआई सूर्यकांत
➤ मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया स्वागत, आज करेंगे न्यायिक परिसर का शुभारंभ
➤ 120 बीघा जमीन पर 152 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स
हिमाचल प्रदेश के मंडी में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant शनिवार देर शाम मंडी पहुंचे। इस दौरान वे पारंपरिक कुल्लवी टोपी पहनकर हिमाचली रंग में रंगे नजर आए।
मंडी पहुंचने पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर Himachal Pradesh High Court के मुख्य न्यायाधीश Gurmeet Singh Sandhawalia सहित न्यायपालिका और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
रविवार को मंडी शहर के कांगणी क्षेत्र में बनने वाले अत्याधुनिक न्यायिक परिसर का शुभारंभ किया जाएगा। यह परियोजना न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
यह आधुनिक न्यायिक परिसर लगभग 120 बीघा भूमि पर विकसित किया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत करीब 152 करोड़ रुपए है। प्रस्तावित परिसर दो से चार मंजिला इमारतों का होगा और इसमें कुल आठ अलग-अलग ब्लॉक बनाए जाएंगे। इन ब्लॉकों में आधुनिक अदालत कक्ष, वकीलों के कार्यालय, रिकॉर्ड रूम और प्रशासनिक कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिससे न्यायिक कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें।
परिसर में एक अत्याधुनिक सभागार (ऑडिटोरियम), कैंटीन और डिजिटल तकनीक से लैस रिकॉर्ड रूम भी बनाया जाएगा। डिजिटल रिकॉर्ड रूम का उद्देश्य न्यायिक दस्तावेजों का सुरक्षित और व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करना है। इसके अलावा परिसर में सैकड़ों वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे वकीलों, अधिकारियों और आम लोगों को सुविधा मिल सके।
नए न्यायिक परिसर के बनने से अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। वहीं वादियों और आम नागरिकों को भी एक ही परिसर में न्यायिक सेवाएं अधिक सुगमता और तेजी से उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायालय का संचालन शहर के पुराने परिसर से हो रहा है, जहां जगह की कमी और सीमित सुविधाओं के कारण कई समस्याएं सामने आती रही हैं।
शुभारंभ समारोह के बाद कांगणी स्थित संस्कृति सदन में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम के मद्देनजर मंडी शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
Akhil Mahajan