अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी सोने में आग, आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बावजूद सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और Safe Haven Buying को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।

अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी सोने में आग, आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
  • सोने की कीमत में एक दिन में ₹2,742 की बड़ी छलांग
  • चांदी ₹6,242 प्रति किलो महंगी होकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
  • शादी सीजन और वैश्विक मांग से सराफा बाजार में आई जबरदस्त तेजी

सोमवार को जहां एक तरफ शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ सराफा बाजार में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों और खरीदारों को बड़ा झटका दिया है। शादी-ब्याह के सीजन के बीच कीमती धातुओं में आई इस तेजी ने आम ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा दिया है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। अगस्त वायदा (05 Aug 2026) का सोना 1.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान सोने की कीमत में ₹2,742 प्रति 10 ग्राम का उछाल दर्ज किया गया, जिसके बाद इसका भाव बढ़कर ₹1,53,270 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

वहीं चांदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया। जुलाई वायदा (03 Jul 2026) की चांदी 2.54 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करती दिखी। एक ही दिन में चांदी के दाम ₹6,242 प्रति किलोग्राम बढ़ गए। इस उछाल के बाद चांदी का भाव बढ़कर ₹2,52,428 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर जब शेयर बाजार और रुपया मजबूत होते हैं, तब सोने में दबाव देखने को मिलता है। लेकिन इस बार तस्वीर अलग है। भारत में चल रहे शादी सीजन के कारण सोना और चांदी की फिजिकल डिमांड काफी मजबूत बनी हुई है।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की मांग लगातार बढ़ रही है। भले ही अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खबरों के बाद कच्चे तेल में नरमी देखने को मिली हो, लेकिन दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी और सुरक्षित निवेश (Safe Haven Buying) की बढ़ती मांग ने सोने-चांदी की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों के रुख के आधार पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।