यह कोई आम डॉग नहीं, 3700 KM पैदल चलकर बना दुनिया का स्टार

3700 किलोमीटर पदयात्रा करने वाले 'पीस डॉग' से मिलने उमड़ी भीड़, गुरुग्राम में युवतियों ने ली सेल्फी

यह कोई आम डॉग नहीं, 3700 KM पैदल चलकर बना दुनिया का स्टार

➤ 3700 किलोमीटर की शांति यात्रा पूरी कर भारत पहुंचा पीस डॉग आलोका
➤ गुरुग्राम में हजारों पशु प्रेमियों ने आलोका के साथ तस्वीरें खिंचवाईं
➤ मेनका गांधी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में आया आलोका


गुरुग्राम में एक अनोखे कार्यक्रम के दौरान 'पीस डॉग' आलोका लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। गुरुग्राम के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में हजारों पशु प्रेमी आलोका से मिलने पहुंचे। कई युवतियों और पशु प्रेमियों ने उसके साथ सेल्फी लीं, जबकि कुछ लोग उसे नमन करते और उसके प्रति सम्मान व्यक्त करते भी दिखाई दिए। चार साल का यह भारतीय नस्ल का डॉग अपनी अनोखी शांति यात्राओं और प्रेरणादायक कहानी के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय हो चुका है।

एक बौद्ध भिक्षु के साथ फ्लाइट में सफर करता आलोका।

आलोका हाल ही में भारत पहुंचा है और दो दिन पहले दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी मुलाकात कर चुका है। इससे पहले वह बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका सहित कई देशों में शांति यात्राओं में शामिल रहा। गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में बेसहारा और आवारा जानवरों के प्रति संवेदनशीलता और दयाभाव बढ़ाना था।

ऑटोग्राफ के रूप में आलोका के पंजों के निशान लेते पशुप्रेमी।

कार्यक्रम का आयोजन दिव्यम खेरा की ओर से किया गया था। आयोजकों के अनुसार आलोका की शांति यात्रा की शुरुआत भारत से हुई थी और अब उसे दोबारा भारत लाकर लोगों से मिलवाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने आलोका के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसके बारे में जानकारी हासिल की।

कोलकाता की गलियों से शुरू हुई कहानी

बौद्ध भिक्षु पन्नाकारा के अनुसार आलोका की कहानी वर्ष 2022 में कोलकाता की गलियों से शुरू हुई। उस समय बौद्ध भिक्षु शांति यात्रा के दौरान वहां पहुंचे थे। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता उनके साथ चलने लगा और फिर लगातार 100 दिनों तक यात्रा का हिस्सा बना रहा।

यात्रा के दौरान एक सड़क दुर्घटना में वह घायल भी हुआ, लेकिन स्वस्थ होने के बाद फिर से भिक्षुओं के साथ जुड़ गया। उसकी निष्ठा और शांत स्वभाव को देखते हुए भिक्षुओं ने उसे गोद ले लिया और पालि भाषा में उसका नाम 'आलोका' रखा, जिसका अर्थ 'प्रकाश' या 'रोशनी' होता है।

अमेरिका में पूरी की 3700 किलोमीटर की पदयात्रा

भिक्षु पन्नाकारा के मुताबिक अक्टूबर 2025 में अमेरिका के टेक्सास से शुरू हुई वैश्विक शांति यात्रा में आलोका ने 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3700 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की। इसके अलावा वह श्रीलंका और थाईलैंड सहित कई देशों की यात्राओं में भी शामिल रहा है।

यात्रा के दौरान आलोका विमानों में भी सफर कर चुका है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में शांति और करुणा का संदेश पहुंचाने का माध्यम बना है।

सोशल मीडिया पर भी बड़ी लोकप्रियता

आलोका भारतीय परिया नस्ल का डॉग है और उसकी उम्र करीब चार वर्ष बताई जाती है। उसके माथे पर दिल के आकार जैसा एक विशेष निशान है, जिसे उसके प्रशंसक उसकी पहचान मानते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी आलोका की जबरदस्त लोकप्रियता है। उसके करीब 4.8 लाख फॉलोअर्स हैं। उसकी यात्राओं, दैनिक गतिविधियों और प्रेरणादायक वीडियो को लाखों लोग पसंद करते हैं।