संत रामपाल ने BJP विधायक को नामदीक्षा देने से किया इनकार

भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को संत रामपाल ने नामदीक्षा देने से इनकार कर दिया। रामपाल ने कहा कि पहले ज्ञान और नियमों को समझना जरूरी है।

संत रामपाल ने BJP विधायक को नामदीक्षा देने से किया इनकार

• भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को संत रामपाल ने नामदीक्षा देने से किया इनकार

• रामपाल बोले- पहले ज्ञान समझो और टर्म एंड कंडीशन जानो, फिर होगा एडमिशन

• नामदीक्षा की बात पर रामपाल के जवाब के बाद विधायक का उतर गया चेहरा


हरियाणा के हिसार जिले की नलवा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को संत रामपाल ने नामदीक्षा देने से इनकार कर दिया। विधायक सोमवार शाम सोनीपत स्थित सतलोक आश्रम में रामपाल से मिलने पहुंचे थे। दोनों के बीच करीब चार मिनट तक बातचीत हुई, जिसका वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुलाकात के दौरान विधायक रणधीर पनिहार लगातार संत रामपाल की प्रशंसा करते नजर आए। उन्होंने कहा कि वह पहले भी उनके दर्शन कर चुके हैं और मानसिक रूप से हमेशा उन्हें याद करते रहे हैं। पनिहार ने दावा किया कि जब भी उन्होंने मन से प्रार्थना की, उन्हें उसका लाभ मिला।

बातचीत के दौरान पनिहार ने कहा कि उन्होंने रामपाल का नाम स्वीकार कर लिया है। इस पर रामपाल ने उन्हें समझाते हुए कहा कि केवल नाम लेने से काम नहीं चलता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे स्कूल में दाखिले के लिए पहले नाम लिखवाना पड़ता है, उसी तरह नामदीक्षा के भी नियम होते हैं।

जब विधायक ने कहा कि उनका नाम आज से ही लिख लिया जाए तो रामपाल ने साफ शब्दों में कहा कि पहले ज्ञान समझना होगा और उनके स्कूल की टर्म एंड कंडीशन को जानना होगा। इसके बाद ही नामदीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

रणधीर पनिहार ने समय देने की बात कही तो रामपाल ने जवाब दिया कि यह काम वह स्वयं नहीं करते, बल्कि आश्रम के हेल्पर और सेवक इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं। इस जवाब के बाद विधायक कुछ असहज नजर आए और मुलाकात समाप्त होने के बाद वापस लौट गए।

दो महीने पहले भी पनिहार ने रामपाल से आशीर्वाद लिया था।

बातचीत के दौरान रामपाल ने विधायक से कहा कि उन्होंने उनकी सारी बातें सुन ली हैं, अब वह उनकी बात सुनें। उन्होंने कहा कि भविष्य सुधारने के लिए भक्ति जरूरी है और व्यक्ति को आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़ना चाहिए।

रामपाल ने महाभारत के एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि परमात्मा सभी की सुनते हैं और भक्ति ही जीवन का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने विधायक को नियमित रूप से नाम सुमिरन करने की सलाह भी दी।

गौरतलब है कि रणधीर पनिहार इससे पहले भी रामपाल से मुलाकात कर चुके हैं। पिछले वर्ष हिसार में आई बाढ़ के दौरान सतलोक आश्रम की ओर से गांवों में पाइप और मोटरें पहुंचाई गई थीं। उस दौरान कई प्रभावित क्षेत्रों में आश्रम की सक्रियता चर्चा में रही थी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नलवा क्षेत्र में संत रामपाल के अनुयायियों और प्रभाव को देखते हुए विधायक लगातार उनके संपर्क में बने हुए हैं। हालांकि इस बार नामदीक्षा की मांग पर उन्हें अपेक्षित जवाब नहीं मिला।