MSP पर फसल बेचने वाले किसानों को बड़ी राहत, मंडियों में उतराई-सफाई का शुल्क नहीं देना होगा; सरकार ने जारी किया नया आदेश
हरियाणा में MSP पर सरकारी एजेंसी को फसल बेचने वाले किसानों से उतराई, तुलाई और अन्य आकस्मिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। सफाई का खर्च आढ़ती उठाएगा।
➤ MSP पर सरकारी एजेंसी को फसल बेचने पर किसान से उतराई, तुलाई और अन्य आकस्मिक शुल्क नहीं लिया जाएगा
➤ फसल की सफाई और ड्रेसिंग का खर्च आढ़ती उठाएगा, किसान से वसूली नहीं होगी
➤ बाजरा, मूंग, सरसों, मक्का, चना, जौ, अरहर और सूरजमुखी समेत Category 'B' फसलों पर भी लागू होंगे नियम
हरियाणा सरकार ने राज्य की अनाज मंडियों में फसल बेचने आने वाले किसानों के हक में बड़ा फैसला लिया है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, यदि किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी एजेंसियों को बेचता है, तो उसे मंडी में अनलोडिंग (उतराई), तुलाई या अन्य कोई आकस्मिक शुल्क (Incidental Charges) जेब से नहीं देना होगा। इस आदेश से राज्य के लाखों किसानों को खरीफ सीजन से ही सीधी राहत मिलेगी।
जानिए नए आदेशों के मुख्य बिंदु
1. MSP खरीद पर किसान पर 'जीरो' बोझ
सरकारी एजेंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाने वाली खरीद के दौरान तालिका में दिए गए क्रम संख्या (i) से (ix) तक के सभी आकस्मिक व्यय खरीद एजेंसी (Purchaser) वहन करेगी। इसमें मंडी प्लेटफॉर्म पर फसल की उतराई (Unloading) और भराई-तुलाई का खर्च शामिल है।
2. फसल सफाई की जिम्मेदारी आढ़ती की
नोटिफिकेशन की विशेष टिप्पणी में स्पष्ट किया गया है कि फसल की सफाई और ड्रेसिंग (Cleaning & Dressing) का खर्च आढ़ती (Commission Agent) द्वारा वहन किया जाएगा। हालांकि, आढ़ती किसानों को प्रेरित कर सकते हैं कि वे अपनी फसल मंडी में अच्छी तरह साफ करके ही लाएं।
3. प्राइवेट खरीद पर अलग नियम
यदि कोई किसान अपनी उपज किसी प्राइवेट व्यापारी या एजेंसी को बेचता है, तो मंडी प्लेटफॉर्म पर फसल उतारने (Unloading) और सफाई/ड्रेसिंग (Cleaning & Dressing) का खर्च विक्रेता (किसान) को देना होगा। इसके अलावा भराई, तुलाई, सिलाई और लोडिंग का बाकी शुल्क खरीदार (व्यापारी) वहन करेगा।
तय दरों का ब्योरा (धान - धान/Paddy)
| सेवा / काम | 50 किग्रा बोरी (दर) | 35 / 37.5 किग्रा बोरी (दर) | भुगतान की जिम्मेदारी (MSP खरीद पर) |
| मंडी प्लेटफॉर्म पर उतराई | ₹3.00 | ₹2.50 | खरीदार (सरकारी एजेंसी) |
| हाथ से सफाई/ड्रेसिंग | ₹2.61 | ₹2.01 | आढ़ती |
| मशीन से सफाई/ड्रेसिंग | ₹4.16 | ₹3.68 | आढ़ती |
| तुलाई और प्लेटफॉर्म पर रखना | ₹3.65 | ₹3.36 | खरीदार (सरकारी एजेंसी) |
| वजन (Weighing) | ₹2.48 | ₹2.48 | खरीदार (सरकारी एजेंसी) |
| बोरा सिलाई (मशीन द्वारा) | ₹1.98 (सुतली खर्च सहित) | ₹1.98 (सुतली खर्च सहित) | खरीदार (सरकारी एजेंसी) |
(नोट: यदि वाहन में हाइड्रोलिक सिस्टम है और फसल खुद-ब-खुद उतरती है, तो उतराई का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसी तरह यदि फसल किसान घर से ही साफ करके लाता है, तो सफाई का कोई शुल्क नहीं लगेगा।)
अन्य फसलों (Category 'B') पर भी लागू
यह नियम केवल धान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बाजरा, मूंग, सरसों, मक्का, चना, जौ, अरहर और सूरजमुखी जैसी अन्य फसलों (Category 'B') पर भी इसी नियमावली के तहत लागू रहेगा।
किसानों से अपील
विपणन बोर्ड ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी मंडियों में इन नई दरों के फ्लैक्स बोर्ड लगाए जाएं, ताकि किसी भी किसान से निर्धारित दरों से अधिक वसूली या गैर-जरूरी शुल्क न लिया जा सके।
Akhil Mahajan