शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड: करोड़ों की संपत्ति बहन की हत्या का कारण, हरियाणा के दो शूटरों समेत चार पर चार्जशीट

रोहतक की 86 लाख की संपत्ति के विवाद से शिमला में मनीषा मित्तल की हत्या की साजिश तक मामला पहुंचा। हरियाणा के चार आरोपियों पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।

शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड: करोड़ों की संपत्ति बहन की हत्या का कारण, हरियाणा के दो शूटरों समेत चार पर चार्जशीट

मनीषा मित्तल और उनके भाई हिमांक के बीच हरियाणा-शिमला की संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद

रोहतक की 150 गज जमीन 86 लाख में बेचने के बाद बढ़ा विवाद, दो कथित शूटरों को दी गई जिम्मेदारी

हरियाणा के दीपक और आशीष पर हत्या में शामिल होने का आरोप, पुलिस ने चारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की


शिमला। सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल संजौली की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले की पूरी कहानी को अगर हरियाणा के एंगल से देखा जाए तो इसकी शुरुआत किसी बाहरी विवाद से नहीं, बल्कि परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर चल रही खींचतान से हुई बताई जा रही है। मनीषा मित्तल, उनके भाई हिमांक और हत्या के आरोपी बनाए गए दोनों कथित शूटर दीपक व आशीष अहलावत सभी हरियाणा से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, हरियाणा की संपत्ति को लेकर भाई-बहन के बीच चला विवाद आगे बढ़ते-बढ़ते शिमला में मनीषा की हत्या की कथित साजिश तक पहुंच गया।

पुलिस ने मामले में मनीषा के भाई हिमांक, उसके पार्टनर गोविंद और दो कथित शूटर दीपक व आशीष अहलावत को आरोपी बनाया है। जांच में पुलिस ने करोड़ों की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद को हत्या की साजिश की मुख्य वजह माना है। खास बात यह है कि इस पूरे मामले में हरियाणा सिर्फ आरोपियों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि विवादित संपत्ति, पैसों के लेनदेन, गाड़ी की व्यवस्था और कथित शूटरों की भूमिका तक पूरा घटनाक्रम हरियाणा से जुड़ा हुआ है।

रोहतक की 150 गज जमीन ने बढ़ाया विवाद

पुलिस जांच के अनुसार हिमांक और मनीषा के बीच शिमला और हरियाणा की संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में हिमांक के पार्टनर गोविंद की भी एंट्री हुई।

हिमांक ने रोहतक के बाबरा मोहल्ला माता दा दरवाजा चौक स्थित करीब 150 गज की संपत्ति गोविंद को लगभग 86 लाख रुपये में बेच दी थी। मनीषा ने इस सौदे को लेकर स्थानीय अदालत में दीवानी मुकदमा दायर किया था।

यहीं से संपत्ति को लेकर विवाद और गहरा गया। पुलिस के मुताबिक मनीषा का आरोप था कि संपत्ति की रजिस्ट्री गलत तरीके से की गई है। उनका यह भी आरोप था कि हिमांक ने संपत्ति की वसीयत अपने नाम फर्जी तरीके से करवाई थी।

पुलिस जांच में इसी संपत्ति विवाद को हत्या की साजिश के पीछे की अहम कड़ी माना गया है।

संपत्ति पर विवाद से हत्या की साजिश तक

जांच के दौरान गोविंद ने पुलिस को बताया कि मनीषा ने उससे कहा था कि खरीदी गई संपत्ति पर कदम रखने पर उसे इसके बुरे परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस के अनुसार, लंबे समय से चल रहे विवाद और बढ़ते तनाव के बीच हिमांक और गोविंद ने मनीषा की हत्या की साजिश रची।

यानी मामले में विवाद की एक अहम कड़ी रोहतक की संपत्ति से जुड़ी थी, जबकि हत्या शिमला में हुई। इसी वजह से अब चार्जशीट के सामने आने के बाद पूरे मामले में हरियाणा के संपत्ति विवाद वाले एंगल पर भी खास नजर है।

पहले हिमांक पर भी हुआ था जानलेवा हमला

मनीषा की हत्या की साजिश सामने आने से पहले एक जून को हिमांक पर भी जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस जांच के मुताबिक संपत्ति विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था।

पुलिस ने जांच के दौरान इस घटनाक्रम को भी देखा। परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद किस तरह लगातार गंभीर होता गया, इसकी कड़ियां जांच में जोड़ी गई हैं।

हरियाणा के रिश्ते के जरिए कथित शूटर तक पहुंची साजिश

पुलिस के अनुसार गोविंद का रिश्ता कथित शूटर दीपक से है। गोविंद, दीपक के मामा का बेटा है। इसी पारिवारिक रिश्ते के चलते गोविंद ने दीपक से संपर्क किया और पुलिस के अनुसार उसे मनीषा की हत्या के लिए तैयार किया।

इसके बाद कथित तौर पर हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए पैसों और वाहन की व्यवस्था की गई।

पुलिस जांच के मुताबिक हिमांक ने गोविंद के बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद गोविंद ने दोनों कथित शूटरों के लिए किराये की गाड़ी की व्यवस्था की।

यह गाड़ी झज्जर के एक व्यक्ति से ली गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपियों को फर्जी नंबर प्लेट, मोबाइल फोन और खर्च के लिए 50 हजार रुपये भी दिए गए।

इस तरह मामले की जांच में रोहतक की संपत्ति, झज्जर से ली गई गाड़ी और हरियाणा से जुड़े कथित शूटरों की भूमिका एक ही घटनाक्रम की अलग-अलग कड़ियों के तौर पर सामने आई है।

शिमला जाने से पहले होटल में बदली पहचान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मनीषा मित्तल की हत्या से पहले दोनों कथित शूटर शिमला के शनान इलाके के एक होटल में ठहरे थे।

अपनी पहचान छिपाने के लिए दोनों ने होटल के रजिस्टर में मनीष नाम से एंट्री करवाई थी। पुलिस ने इस जानकारी को भी जांच के दौरान सामने आए तथ्यों में शामिल किया है।

हरियाणा से निकली कथित साजिश के बाद दोनों कथित शूटर शिमला पहुंचे और हत्या से पहले होटल में ठहरे। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को चार्जशीट में शामिल किया है।

चार आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने हिमांक, गोविंद, दीपक और आशीष अहलावत के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है।

अब मामले की अगली कार्रवाई अदालत में होगी। चार्जशीट में पुलिस की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपियों की कथित भूमिका के आधार पर आगे सुनवाई होगी।

इस मामले में हरियाणा का एंगल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मनीषा और उनके भाई के बीच विवादित संपत्ति हरियाणा में थी, कथित आर्थिक लेनदेन हरियाणा से जुड़ा है, गाड़ी झज्जर के व्यक्ति से ली गई और दोनों कथित शूटर भी हरियाणा से हैं। विवाद की जड़ हरियाणा में रही और पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश का अंतिम अंजाम शिमला में हुआ।

फिलहाल चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस मामले में अदालत की सुनवाई का इंतजार है। अब अदालत में यह तय होगा कि पुलिस की जांच में जुटाए गए साक्ष्य आरोपियों की कथित भूमिका को किस तरह साबित करते हैं।