गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, युवक-युवती की मौत; तीसरी युवती ICU में भर्ती

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर खड़े कैंटर से स्कूटी टकराने पर युवक-युवती की मौत हो गई। तीसरी युवती ICU में भर्ती है। तीनों दिल्ली के रहने वाले हैं।

गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, युवक-युवती की मौत; तीसरी युवती ICU में भर्ती

खड़ी कैंटर से टकराई तेज रफ्तार स्कूटी, तीनों सवार दिल्ली के रहने वाले

लक्ष्य गहलोत और निधि की इलाज के दौरान मौत, अंकिता की हालत नाजुक

कैंटर पर रिफ्लेक्टर, कोन या इमरजेंसी लाइट नहीं होने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी


गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक और युवती की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक अन्य युवती गंभीर रूप से घायल है। हादसा बीपीटीपी सोसाइटी के सामने फ्लाईओवर पर हुआ, जहां सड़क पर खड़े एक कैंटर से तेज रफ्तार स्कूटी टकरा गई। हादसे में स्कूटी सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान युवक लक्ष्य गहलोत और युवती निधि ने दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी युवती अंकिता कुमारी की हालत गंभीर बनी हुई है और वह गुरुग्राम के मनिपाल अस्पताल की ICU में भर्ती है।

हादसे के मुख्य चश्मदीद सेक्टर-106 स्थित बाबूपुर गांव निवासी रियल एस्टेट कारोबारी पंकज स्वामी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पंकज ने बताया कि वह कल शाम अपने निजी काम से सेक्टर-83 स्थित एलाल मिरेकल मॉल गए थे। रात करीब 8 बजे काम खत्म करने के बाद वह अपनी कार से द्वारका एक्सप्रेसवे के रास्ते बाबूपुर गांव लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फ्लाईओवर पर हादसा होते देखा।

पंकज के मुताबिक, जब वह बीपीटीपी सोसाइटी के सामने फ्लाईओवर पर पहुंचे तो उनके आगे एक स्कूटी चल रही थी। स्कूटी पर एक युवक और दो युवतियां सवार थीं। युवक स्कूटी चला रहा था। इसी दौरान सड़क के बीच खड़े कैंटर से स्कूटी सीधे जा टकराई।

अंधेरे में अचानक सामने आया खड़ा कैंटर

चश्मदीद पंकज स्वामी के अनुसार, कैंटर सड़क पर खड़ा था और उस पर रोड सेफ्टी से जुड़े जरूरी उपकरण नजर नहीं आ रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंटर पर रिफ्लेक्टर, कोन या इमरजेंसी लाइट का इस्तेमाल नहीं किया गया था।

अंधेरा होने के कारण स्कूटी चालक को सड़क पर खड़ा कैंटर समय रहते दिखाई नहीं दिया। इसके बाद स्कूटी कैंटर के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसा होते ही एक्सप्रेसवे पर मौजूद राहगीर मदद के लिए रुक गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल

पंकज स्वामी ने बताया कि राहगीरों की मदद से घायल दोनों युवतियों और युवक को अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों गंभीर रूप से घायल युवतियों को पालम विहार स्थित मनिपाल अस्पताल ले जाया गया। वहीं, युवक को नजदीकी वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कुछ देर बाद घायल युवक का एक परिचित भी अस्पताल पहुंच गया। इसके बाद पंकज वहां से अपने घर लौट गए। अगले दिन उन्होंने दोनों अस्पतालों में जाकर घायलों का हालचाल जाना।

इलाज के दौरान लक्ष्य और निधि ने तोड़ा दम

वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती स्कूटी चालक लक्ष्य गहलोत की चोटों के कारण इलाज के दौरान मौत हो गई। लक्ष्य मकान नंबर 6, गांव ककरोला, दिल्ली का रहने वाला था।

वहीं, मनिपाल अस्पताल में भर्ती दूसरी घायल युवती निधि ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। निधि गली नंबर 13, विकास नगर, उत्तम नगर वेस्ट, दिल्ली की रहने वाली थी।

हादसे में घायल तीसरी युवती अंकिता कुमारी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। वह प्लॉट नंबर 35, कोटला विहार फेज-4, नई दिल्ली की रहने वाली है। फिलहाल उसका गुरुग्राम के मनिपाल अस्पताल में ICU में इलाज चल रहा है।

तीनों दिल्ली के रहने वाले

इस हादसे में जान गंवाने वाले लक्ष्य गहलोत और निधि के अलावा घायल अंकिता कुमारी भी दिल्ली की रहने वाली है। तीनों एक ही स्कूटी पर सवार होकर द्वारका एक्सप्रेसवे से गुजर रहे थे। इसी दौरान सड़क पर खड़े कैंटर से उनकी स्कूटी टकरा गई।

हादसे के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

कैंटर चालक के खिलाफ केस, CCTV खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने चश्मदीद पंकज स्वामी के बयान के आधार पर कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कैंटर को सड़क पर लापरवाही से खड़ा किया गया था, जिससे हादसा हुआ।

पुलिस अब दुर्घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए कैंटर चालक की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों और कैंटर चालक की भूमिका की जांच कर रही है। हादसे में दो लोगों की मौत और एक युवती के गंभीर रूप से घायल होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।