दिक्‍कत थी बाएं पैर में आपरेश्‍न कर दिया दाएं का, मेडिकल कालेज का कारनामा

नूंह के शहीद हसन खान मेडिकल कॉलेज में 4 साल के बच्चे के स्वस्थ दाएं पैर की सर्जरी का आरोप लगा है। पिता ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

दिक्‍कत थी बाएं पैर में आपरेश्‍न कर दिया दाएं का,  मेडिकल कालेज का कारनामा

बाएं पैर में थी समस्या, स्वस्थ दाएं पैर के ऑपरेशन का आरोप

ऑपरेशन के बाद बच्चे को चलने में परेशानी, पिता ने जांच की मांग की

मेडिकल कॉलेज ने जांच कमेटी बनाई, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात


नूंह। नूंह जिले के शहीद हसन खान मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में 4 साल के बच्चे के कथित तौर पर गलत पैर का ऑपरेशन किए जाने का मामला सामने आया है। गांव मेवली निवासी बच्चे के पिता मोहम्मद आरिफ ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के बाएं पैर में समस्या थी, लेकिन डॉक्टरों ने स्वस्थ दाएं पैर की सर्जरी कर दी। पिता का कहना है कि ऑपरेशन के बाद बच्चे को दाएं पैर से चलने में परेशानी हो रही है और वह लंगड़ाकर चल रहा है।

आरिफ के अनुसार, बच्चे के बाएं पैर में समस्या थी और इसी के इलाज के लिए उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया था। उनका आरोप है कि उपचार के दौरान स्वस्थ दाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के बाद जब बच्चे को चलाने की कोशिश की गई तो उसे परेशानी होने लगी। पिता का कहना है कि जिस पैर में पहले कोई समस्या नहीं थी, अब उसी पैर में परेशानी दिखाई दे रही है।

23 जुलाई की घटना, पिता ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की शिकायत

पिता के मुताबिक यह घटना 23 जुलाई को हुई थी। इसके बाद उन्होंने मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के निदेशक को शिकायत दी और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने के साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिकायत मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से मामले की जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित की गई। आरिफ को 28 जुलाई को कमेटी के सामने बुलाया गया।

आरिफ का आरोप है कि कमेटी के सामने मामले को समझौते के जरिए खत्म करने की बात कही गई। उनसे पूछा गया कि क्या वह संबंधित डॉक्टर की माफी और समझौते के लिए तैयार हैं। इसके बाद 30 जुलाई को दोबारा बुलाए जाने पर कथित तौर पर उनसे कहा गया कि यदि वह सहमत हों तो डॉक्टरों को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए।

पिता बोले- इतनी गंभीर लापरवाही चेतावनी से खत्म नहीं हो सकती

मोहम्मद आरिफ ने इस तरह मामले को खत्म करने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि बच्चे के इलाज के दौरान यदि वास्तव में स्वस्थ पैर का ऑपरेशन हुआ है तो यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पिता का कहना है कि वह अपने बच्चे के लिए न्याय की मांग को लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के निदेशक से कई बार मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने डीसी कार्यालय और सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज कराई है।

आरिफ ने प्रशासन से बच्चे के मेडिकल रिकॉर्ड, ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज और उपचार की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर बच्चे के इलाज के दौरान क्या हुआ।

मेडिकल कॉलेज ने कहा- जांच रिपोर्ट आ चुकी

मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज नल्हड़ के निदेशक डॉ. मुकेश ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आ चुकी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल बच्चे के पिता की शिकायत और मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में ऑपरेशन से जुड़े रिकॉर्ड और पूरी उपचार प्रक्रिया की समीक्षा के बाद जिम्मेदारी किसकी तय होती है।