नरेंद्र नाम से पाकिस्तानी मुक्केबाज को हुई नफरत, किस्सा सुनकर हंस पड़े PM मोदी; हरियाणा के 11 पदक विजेताओं से मिले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के 11 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल पदक विजेताओं से मुलाकात की। नरिंदर बेरवाल ने पाकिस्तानी मुक्केबाज से जुड़ा मजेदार किस्सा सुनाया।

नरेंद्र नाम से पाकिस्तानी मुक्केबाज को हुई नफरत, किस्सा सुनकर हंस पड़े PM मोदी; हरियाणा के 11 पदक विजेताओं से मिले प्रधानमंत्री

हरियाणा के 11 खिलाड़ियों ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते 11 पदक

नरिंदर बेरवाल ने पाकिस्तानी मुक्केबाज से जुड़ा मजेदार किस्सा पीएम मोदी को सुनाया

पाकिस्तानी खिलाड़ी ने अस्पताल में कहा- आपका नाम, कोच और पीएम भी नरेंद्र


नई दिल्ली। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में देश और हरियाणा का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान हरियाणा के 11 पदक विजेता खिलाड़ी भी मौजूद रहे। इन खिलाड़ियों ने ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य समेत 11 पदक जीते। प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने पदक जीतने की खुशी के साथ अपने मुकाबलों और खेल सफर से जुड़े कई यादगार अनुभव भी साझा किए।

इस मुलाकात के दौरान हरियाणा के मुक्केबाज नरिंदर बेरवाल का एक किस्सा खास तौर पर चर्चा में रहा। हांसी के सोरखी गांव के रहने वाले रजत पदक विजेता नरिंदर बेरवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को वर्ष 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स से जुड़ा एक मजेदार प्रसंग सुनाया। उनका यह किस्सा सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हंस पड़े।

पाकिस्तानी मुक्केबाज से था पहला मुकाबला

नरिंदर बेरवाल ने बताया कि 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में उनका पहला मुकाबला पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से हुआ था। मुकाबले के शुरुआती दो राउंड में नरिंदर ने शानदार प्रदर्शन किया और पाकिस्तानी मुक्केबाज पर बढ़त बनाए रखी। दोनों राउंड में स्कोर 4-3 और 2-1 रहा।

मुकाबला आगे बढ़ा तो तीसरे राउंड में दोनों खिलाड़ियों के सिर आपस में टकरा गए। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान नरिंदर की आंख पर चोट लगी और उन्हें तीन टांके आए, जबकि पाकिस्तानी मुक्केबाज के सिर में आठ टांके लगे।

अस्पताल में पाकिस्तानी खिलाड़ी ने कही ऐसी बात

इलाज के दौरान पाकिस्तानी मुक्केबाज ने नरिंदर से मजाकिया अंदाज में कहा, भाईजान, आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है।

इसके बाद उसने मजाक में कहा कि इस हालत के बाद उसे ‘नरेंद्र’ नाम से ही नफरत हो गई है। नरिंदर ने जब प्रधानमंत्री मोदी को यह पूरा किस्सा सुनाया तो वहां मौजूद माहौल हल्का-फुल्का हो गया और प्रधानमंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

यह प्रसंग खिलाड़ियों और प्रधानमंत्री के बीच हुई बातचीत के उन यादगार पलों में शामिल रहा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के अनुभवों के साथ खिलाड़ियों ने अपने खेल सफर से जुड़े निजी और मजेदार अनुभव भी साझा किए।

हरियाणा के खिलाड़ियों ने दिखाया खेल का दम

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक बार फिर प्रदेश की मजबूत खेल परंपरा का प्रदर्शन किया। प्रदेश के 11 खिलाड़ियों ने मिलकर 11 पदक अपने नाम किए। इनमें सात स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान उनके प्रदर्शन और अनुभवों के बारे में जानकारी ली। खिलाड़ियों ने भी प्रतियोगिता के दौरान सामने आई चुनौतियों और यादगार पलों को साझा किया।

हरियाणा के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को प्रदेश की खेल प्रतिभा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुक्केबाजी समेत अलग-अलग खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने देश के लिए पदक हासिल किए।

सीमा कालीरमन ने भी साझा किया अपना अनुभव

इस मुलाकात के दौरान भिवानी के दिनोद गांव की बहू सीमा कालीरमन ने भी प्रधानमंत्री से मिलने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त अक्सर मजाक में उनसे पूछते थे कि क्या वह प्रधानमंत्री मोदी से मिली हैं।

सीमा ने कहा कि अब वह खुशी से अपने दोस्तों को बता सकेंगी कि हां, वह मोदी से मिली हैं

सीमा कालीरमन ने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना होता है कि उसे अपने प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर मिले। ग्लासगो में उन्होंने डिस्कस थ्रो में 58.65 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता।

पदक विजेताओं से मुलाकात का यादगार रहा अंदाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने केवल अपनी उपलब्धियों की चर्चा नहीं की, बल्कि प्रतियोगिताओं के दौरान सामने आए कई दिलचस्प अनुभव भी साझा किए। नरिंदर बेरवाल का पाकिस्तान के मुक्केबाज से जुड़ा किस्सा इसी बातचीत का खास हिस्सा रहा।

एक तरफ जहां हरियाणा के खिलाड़ियों ने ग्लासगो में अपने प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया, वहीं प्रधानमंत्री के साथ हुई यह मुलाकात उनके लिए एक अलग तरह की याद बन गई। नरिंदर बेरवाल के किस्से पर प्रधानमंत्री की हंसी और सीमा कालीरमन का अपने दोस्तों को जवाब देने वाला अनुभव इस मुलाकात को और खास बना गया।