RSS की पानीपत सभा में बड़ा संदेश: नेपाल-बांग्लादेश से संबंध सुधारने की सलाह, हिंदुओं की सुरक्षा पर जताई चिंता

पानीपत में RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दौरान नेपाल और बांग्लादेश से भारत के संबंध सुधारने का सुझाव दिया गया। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और संघ की वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की गई।

RSS की पानीपत सभा में बड़ा संदेश: नेपाल-बांग्लादेश से संबंध सुधारने की सलाह, हिंदुओं की सुरक्षा पर जताई चिंता

पानीपत में RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का अंतिम दिन, कई अहम प्रस्ताव सामने आए
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले बोले—नेपाल और बांग्लादेश से बेहतर संबंध एशिया की स्थिरता के लिए जरूरी
बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर चिंता, संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर आज सहमति


पानीपत में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के अंतिम दिन कई अहम प्रस्ताव और सुझाव सामने आए। संघ ने विशेष रूप से नेपाल और बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध बेहतर करने की जरूरत पर जोर दिया।

सभा के बाद RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पड़ोसी देशों में हाल के समय में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव हुए हैं। ऐसे में वहां स्थिरता और भारत के साथ मजबूत संबंध पूरे एशिया की शांति और विकास के लिए जरूरी हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में होसबाले ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। उनका कहना था कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता तभी संभव है जब सभी समुदाय सुरक्षित महसूस करें।उन्होंने कहा कि भारत के पड़ोसी देशों के साथ सकारात्मक और मजबूत संबंध पूरे क्षेत्र के विकास और सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं।

पानीपत में आयोजित इस सभा के दौरान RSS के शताब्दी वर्ष (2025-26) से जुड़ी वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि संघ की गतिविधियां देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रही हैं।रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में देशभर में 88,949 शाखाएं आयोजित हुईं, जो पिछले साल की तुलना में 5,820 अधिक हैं। विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में संघ की गतिविधियों और चुनौतियों का भी जिक्र किया गया।

पानीपत के माधव सृष्टि सेवा केंद्र में आयोजित इस तीन दिवसीय बैठक में संघ से जुड़े 32 संगठनों ने अपने सुझाव और प्रस्ताव रखेइस बैठक में देशभर से आए 1487 पदाधिकारियों ने भाग लियाइन चर्चाओं में संगठन की भविष्य की रणनीति, सामाजिक गतिविधियों और विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।सभा के अंतिम दिन RSS प्रमुख मोहन भागवत संगठन के संरचनात्मक बदलावों और आने वाले एक वर्ष की योजनाओं को लेकर प्रतिनिधि सभा से स्वीकृति लेंगे।माना जा रहा है कि संघ अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और संगठन विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय ले सकता है।