शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, NDPS मामले में ₹4.13 करोड़ की संपत्ति जब्त
शिमला पुलिस ने NDPS मामले में ₹4.13 करोड़ की 20 संपत्तियां जब्त कीं। 2026 में अब तक 15 मामलों में ₹12.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त हुई।
➤ NDPS मामले में 20 संपत्तियों पर पुलिस की कार्रवाई
➤ दो प्लॉट, मकान, अपार्टमेंट, होम-स्टे और चार लग्जरी वाहन शामिल
➤ 2026 में अब तक 15 मामलों में ₹12.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
शिमला। नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शिमला पुलिस ने NDPS एक्ट के एक मामले में करीब ₹4.13 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 107/2024, धारा 21 और 29 NDPS एक्ट के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, वित्तीय जांच के दौरान आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियों की पड़ताल की गई और उपलब्ध वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर इन संपत्तियों के लिए कोई पर्याप्त वैध और ज्ञात आय का स्रोत सामने नहीं आया। पुलिस ने इन्हें नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति यानी ड्रग प्रोसीड्स मानते हुए NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत जब्त किया है।
मामला 13 अगस्त 2024 का है, जब शिमला के पुराने बस स्टैंड स्थित एक होटल में बिहार मूल के दो आरोपियों के कब्जे से 6.5 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा बरामद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और नशे की सप्लाई से जुड़े बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की पड़ताल की। जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
19 लोगों से जुड़ी संपत्तियों की हुई जांच
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में की गई वित्तीय जांच के दौरान इस मामले में कुल 19 व्यक्तियों की संपत्तियों की पड़ताल की गई। इनमें 9 आरोपी और 10 सहयोगी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस ने कुल 20 संपत्तियों को चिन्हित किया, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹4.13 करोड़ आंकी गई।
इन संपत्तियों में दो रिहायशी प्लॉट, दो मकान, एक अपार्टमेंट और एक होम-स्टे शामिल हैं। इसके अलावा जांच में महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा, मारुति ग्रैंड विटारा और टाटा नेक्सन समेत चार वाहनों का भी पता चला।
पुलिस का कहना है कि वित्तीय जांच के दौरान इन संपत्तियों को खरीदने या अर्जित करने के लिए वैध और ज्ञात आय का पर्याप्त स्रोत सामने नहीं आया। उपलब्ध दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति माना और NDPS एक्ट के तहत जब्ती की कार्रवाई की।
नशे की बरामदगी से आगे आर्थिक नेटवर्क पर फोकस
शिमला पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई अब केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस की ओर से नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और उससे कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 15 NDPS मामलों में आरोपियों और उनके सहयोगियों की ₹12.52 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इन संपत्तियों में जमीन, मकान, दुकानें, लग्जरी वाहन, बैंक जमा राशि, नकदी और सोने के आभूषण शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 और 2025 में इस प्रकार की कोई संपत्ति जब्ती कार्रवाई नहीं की गई थी। वर्ष 2026 में वित्तीय जांच को नशे के खिलाफ कार्रवाई का अहम हिस्सा बनाते हुए संपत्तियों और आय के स्रोतों की पड़ताल की जा रही है।
6.5 ग्राम चिट्टा बरामदगी से शुरू हुई थी जांच
इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत 13 अगस्त 2024 को पुराने बस स्टैंड शिमला के एक होटल से हुई थी। यहां बिहार मूल के दो आरोपियों के कब्जे से 6.5 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगे और पीछे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद वित्तीय पहलू की जांच करते हुए आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस के अनुसार, इसी प्रक्रिया में कुल 20 संपत्तियां चिन्हित हुईं, जिनका अनुमानित मूल्य करीब ₹4.13 करोड़ है।
शिमला पुलिस की इस कार्रवाई में संपत्ति जब्ती के जरिए कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े आर्थिक लाभ पर कार्रवाई करने की कोशिश की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई संपत्तियों के संबंध में जांच में सामने आए वित्तीय दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
Akhil Mahajan