Shimla ISBT Lift: लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे रहे 9 लोग, शीशा तोड़कर निकले बाहर
शिमला ISBT में लिफ्ट खराब होने से 9 लोग करीब 15 मिनट तक अंदर फंसे रहे। घुटन बढ़ने पर यात्रियों ने लिफ्ट का शीशा तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया।
➤ लिफ्ट बीच रास्ते में बंद होने से 9 यात्री अंदर फंसे
➤ करीब 15 मिनट तक घुटन और दहशत में रहे लोग
➤ शीशा तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया, टली अनहोनी
शिमला। राजधानी शिमला के नए बस स्टैंड ISBT में लिफ्ट की खराबी के चलते 9 लोगों के करीब 15 मिनट तक अंदर फंसे रहने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ये लोग थिएटर में फिल्म देखकर लौट रहे थे, तभी लिफ्ट बीच रास्ते में अचानक बंद हो गई। लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों ने आपातकालीन नंबर पर संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन काफी देर तक राहत टीम के मौके पर नहीं पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बढ़ती घुटन और दहशत के बीच लोगों ने लिफ्ट का शीशा तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के साथ कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।
बीच रास्ते में अचानक बंद हुई लिफ्ट
जानकारी के मुताबिक, ISBT परिसर में लिफ्ट से सफर कर रहे 9 लोग उस समय मुश्किल में फंस गए, जब लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में रुक गई। शुरुआत में लोगों ने लिफ्ट को दोबारा चलाने का प्रयास किया, लेकिन जब काफी देर तक लिफ्ट नहीं चली तो अंदर मौजूद यात्रियों में चिंता बढ़ने लगी।
लिफ्ट के अंदर फंसे लोगों ने आपातकालीन नंबर पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी और मदद की मांग की। यात्रियों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद तत्काल राहत नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ती चली गई।
घुटन बढ़ी तो शीशा तोड़कर बनाया रास्ता
लिफ्ट के अंदर समय बढ़ने के साथ घुटन और दहशत का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए अंदर फंसे लोगों ने खुद बाहर निकलने का रास्ता बनाने का फैसला किया। इसके बाद लिफ्ट का शीशा तोड़ा गया और इसी रास्ते से बाहर निकलने की कोशिश की गई।
करीब 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहने के बाद सभी लोग बाहर निकल सके। घटना के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
ISBT की लिफ्टों के रखरखाव पर उठे सवाल
घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने ISBT की लिफ्टों के रखरखाव और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन परिसर में बड़ी संख्या में यात्री रोजाना पहुंचते हैं, ऐसे में लिफ्ट जैसी सुविधा की नियमित जांच और आपात स्थिति में तत्काल सहायता की व्यवस्था जरूरी है।
लोगों ने मांग की है कि लिफ्टों की तकनीकी स्थिति की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी यात्री के लिफ्ट में फंसने की स्थिति में तुरंत राहत टीम मौके पर पहुंच सके।
गनीमत रही, नहीं हुई कोई अनहोनी
इस घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि लिफ्ट में फंसे 9 लोगों में से किसी के साथ कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। हालांकि, घटना ने सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि संबंधित प्रबंधन की ओर से घटना के बाद लिफ्ट के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
Akhil Mahajan