करियर डिफेंस स्कूल में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा,स्कूल परिसर में अवैध मेडिकल क्लिनिक पकड़ा गया, 6 लोगों पर FIR दर्ज
यमुनानगर के करियर डिफेंस स्कूल में जांच के दौरान हॉस्टल में CCTV, एक्सपायर्ड दूध और अवैध मेडिकल क्लिनिक मिला। मामले में 6 लोगों पर FIR दर्ज हुई है।
यमुनानगर के करियर डिफेंस स्कूल में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा
हॉस्टल के कमरों में CCTV और मेस में एक्सपायर्ड दूध मिला
स्कूल परिसर में अवैध मेडिकल क्लिनिक पकड़ा गया, 6 लोगों पर FIR दर्ज
हरियाणा के यमुनानगर जिले के जगाधरी स्थित करियर डिफेंस स्कूल में जिला प्रशासन की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। छात्रों और अभिभावकों की लगातार शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
जांच के दौरान टीम को हॉस्टल के कमरों में CCTV कैमरे लगे मिले। अधिकारियों के अनुसार यह नाबालिग छात्रों की प्राइवेसी का सीधा उल्लंघन है। बताया गया कि जनवरी 2026 में भी विभाग ने इन कैमरों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें नहीं हटाया। जांच में यह भी सामने आया कि कैमरों की लाइव फीड मोहाली स्थित मुख्यालय भेजी जा रही थी।
निरीक्षण के दौरान स्कूल मेस में एक्सपायर्ड दूध के पैकेट भी बरामद हुए। टीम ने खाने-पीने की व्यवस्था को बेहद खराब बताया। हॉस्टल परिसर में गंदगी मिली और छात्रों को न्यूनतम सुविधाएं तक सही तरीके से उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं।
छात्रों और अभिभावकों ने लिखित शिकायतों में स्कूल प्रबंधन पर भारी फीस वसूलने, पीने के पानी की खराब व्यवस्था, भोजन की खराब गुणवत्ता, मेडिकल सुविधाओं की कमी और शिकायत करने पर धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर डीईईओ अशोक कुमार के साथ स्कूल का निरीक्षण किया गया। शिकायतें मिलने के बाद डिप्टी सिविल सर्जन (PNDT) डॉ. विपिन गोंडवाल और डीसीओ बिंदु धीमान भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल परिसर में बिना अनुमति NDA, IIT और सैनिक स्कूल की रेजिडेंशियल कोचिंग चलाई जा रही थी। शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूल को केवल पहली से 12वीं तक की कक्षाएं चलाने की मान्यता मिली हुई है, लेकिन प्रबंधन हॉस्टल और कोचिंग के नाम पर छात्रों से मोटी फीस वसूल रहा था।
सबसे बड़ा खुलासा स्कूल परिसर में चल रहे अवैध मेडिकल क्लिनिक को लेकर हुआ। जांच टीम ने मौके पर तीन बेड, एलोपैथिक दवाइयां, IV फ्लूड, इंजेक्शन और इस्तेमाल की गई सिरिंज बरामद कीं। दवाइयां हॉस्टल के अंदर स्टील अलमारी और बैग में रखी गई थीं।
मौके पर मौजूद राजेश सैनी, मंजुला सैनी और साक्षी राणा खुद को स्कूल का मेडिकल स्टाफ बता रहे थे। वहीं पंकज यादव ने खुद को स्कूल का एमडी बताया। अधिकारियों ने जब मेडिकल लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और मरीजों का रिकॉर्ड मांगा तो कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका।
डीसीओ बिंदु धीमान ने मौके से नौ प्रकार की दवाओं के सैंपल कब्जे में लिए। साथ ही डस्टबिन में पड़े इस्तेमाल किए गए मेडिकल सामान और दवा की शीशियां भी जब्त की गईं।
शिकायत में यह भी बताया गया कि स्कूल के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी थीं। शिक्षा विभाग की टीम सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में भी निरीक्षण कर चुकी थी। उस दौरान भी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने कोई सुधार नहीं किया।
मामले को गंभीर मानते हुए थाना शहर जगाधरी पुलिस ने स्कूल संचालक विनय राय, एमडी पंकज यादव, परवीन विज, राजेश सैनी, मंजुला और साक्षी राणा समेत छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
pooja