'ड्रामा करने में माहिर, कोर्ट में भी कर रहे एक्टिंग', सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर राजपाल यादव को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दो सप्ताह में 2 करोड़ रुपये जमा करने का अंतिम मौका दिया। अभिनेता पर 5 करोड़ रुपये बकाया होने का आरोप है।
➤ राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से दो सप्ताह में 2 करोड़ जमा करने का अंतिम मौका
➤ चेक बाउंस मामले में कोर्ट का सख्त आदेश, मुरली प्रोडक्शंस के 5 करोड़ रुपये बकाया होने का आरोप
➤ पिछले व्यवहार पर SC की टिप्पणी- बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग के माहिर, कोर्ट में भी वही कर रहे
नई दिल्ली। अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 15 सितंबर को राजपाल यादव को दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का अंतिम अवसर दिया है। यह मामला एक निजी शिकायतकर्ता से जुड़ा चेक बाउंस प्रकरण है, जिसमें राजपाल यादव पर ‘मुरली प्रोडक्शंस’ के मालिक के 5 करोड़ रुपये बकाया होने का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के पिछले व्यवहार को लेकर भी सख्त टिप्पणी की। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच ने अभिनेता के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए उन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। कोर्ट ने अभिनेता के पेशे से जुड़े अंदाज का जिक्र करते हुए कहा कि वह बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग करने में माहिर हैं और कोर्ट में भी वही कर रहे हैं।
दो सप्ताह में जमा करने होंगे 2 करोड़ रुपये
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को दो सप्ताह के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने इसे इस मामले में रकम जमा करने का अंतिम अवसर बताया है।
चेक बाउंस मामले में यह आदेश ऐसे समय आया है, जब अभिनेता पर निजी शिकायतकर्ता से जुड़े वित्तीय विवाद में रकम बकाया होने का आरोप है। अदालत के सामने रखे गए मामले के अनुसार, मुरली प्रोडक्शंस के मालिक के 5 करोड़ रुपये राजपाल यादव पर बकाया होने का आरोप है।
अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राजपाल यादव को निर्धारित दो सप्ताह की अवधि के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये रजिस्ट्री में जमा करने होंगे।
कोर्ट में व्यवहार को लेकर भी सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की ओर से राजपाल यादव के पिछले व्यवहार को लेकर भी टिप्पणी की गई। बेंच ने सवाल उठाया कि ऐसे व्यवहार को देखते हुए उन पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।
अदालत ने अभिनेता के पेशे का संदर्भ देते हुए कहा कि वह बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग करने में माहिर हैं और कोर्ट में भी वही कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी सुनवाई के दौरान अदालत के सख्त रुख को दर्शाती है।
चेक बाउंस मामले में अदालत के सामने अभिनेता की ओर से जुड़ा विवाद और बकाया रकम का मुद्दा महत्वपूर्ण है। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने रकम जमा करने का निर्देश दिया है।
5 करोड़ रुपये बकाया होने का आरोप
राजपाल यादव से जुड़े इस मामले में ‘मुरली प्रोडक्शंस’ के मालिक के 5 करोड़ रुपये बकाया होने का आरोप है। इसी वित्तीय विवाद से जुड़ी शिकायत के आधार पर चेक बाउंस मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने पहुंचा है।
अदालत ने फिलहाल अभिनेता को दो सप्ताह के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। यानी कथित तौर पर बकाया 5 करोड़ रुपये की रकम के बीच अदालत ने तत्काल कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा कराने की शर्त रखी है।
अब आगे क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव के सामने अब दो सप्ताह के भीतर 2 करोड़ रुपये जमा करने की समय सीमा है। अदालत ने इसे अंतिम अवसर के तौर पर दिया है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और आदेश दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। एक तरफ अदालत ने रकम जमा करने का निर्देश दिया है, वहीं दूसरी ओर अभिनेता के पिछले व्यवहार को लेकर भी बेंच ने कड़ा रुख दिखाया है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्धारित अवधि के भीतर अदालत के निर्देश का पालन किस तरह किया जाता है।
Akhil Mahajan