लुवास ने क्लर्क भर्ती का 12 घंटे में जारी किया रिजल्ट, 6,631 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा; रातभर कॉपियां जांचते रहे VC और टीम
लुवास ने क्लर्क भर्ती परीक्षा WTR-2023 का रिजल्ट 12 घंटे में जारी किया। 6,631 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, VC सुबह 4 बजे तक निगरानी करते रहे।
➤ लुवास ने क्लर्क भर्ती परीक्षा का 12 घंटे में रिजल्ट किया जारी
➤ 6,631 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, रातभर कॉपियां जांचते रहे VC और टीम
➤ सुबह 4 बजे तक विश्वविद्यालय में डटे रहे कुलपति, पारदर्शी प्रक्रिया से तैयार हुआ परिणाम
हिसार। हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) ने क्लर्क पद की लिखित परीक्षा (WTR-2023) का परिणाम रिकॉर्ड समय में घोषित कर मिसाल कायम की है। 13 सितंबर को परीक्षा समाप्त होने के महज 12 घंटे के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरी पारदर्शी प्रक्रिया के साथ परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। परीक्षा समाप्त होते ही विश्वविद्यालय की टीम ने परिणाम तैयार करने का काम शुरू कर दिया था और पूरी रात कॉपियों की जांच तथा अन्य प्रक्रिया पूरी की गई।
13 सितंबर की शाम परीक्षा समाप्त होने के बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विजय जाधव और अधिकारियों की पूरी टीम परिणाम तैयार करने में जुट गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा के बाद समय गंवाए बिना कॉपियों की जांच और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
14 हजार से ज्यादा आवेदन, 6,631 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल
लुवास की क्लर्क भर्ती परीक्षा के लिए कुल 14,039 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 6,631 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 7,408 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के लिए हिसार शहर में कुल 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद टीम ने लगातार काम करते हुए 12 घंटे के भीतर रिजल्ट घोषित कर दिया।
नकल रोकने के लिए किए गए कड़े सुरक्षा इंतजाम
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान और निगरानी के लिए कई स्तर की जांच व्यवस्था लागू की गई।
सभी अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी, बायोमीट्रिक और आईरिस स्कैनिंग की गई। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद मुख्य द्वार पर चेकिंग की गई और इसके बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।
मोबाइल फोन या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर नेटवर्क जैमर भी लगाए गए थे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी, नकल या दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने की कोशिश को रोकना था।
VC ने खुद संभाली कमान, कई केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
परीक्षा के दौरान कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने खुद व्यवस्थाओं की निगरानी की। उन्होंने ओएसडी डॉ. रविंद्र के साथ कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और वहां चल रही परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कुलपति के निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को देखा गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं।
परीक्षा खत्म होते ही शुरू हुआ रिजल्ट तैयार करने का काम
परीक्षा समाप्त होने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विजय जाधव और उनकी टीम ने कुलपति के मार्गदर्शन में तुरंत परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
कॉपियों की जांच और परिणाम तैयार करने का काम रातभर चलता रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन की पूरी टीम इस प्रक्रिया में जुटी रही, ताकि कम से कम समय में परिणाम तैयार किया जा सके और अभ्यर्थियों को रिजल्ट के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
सुबह 4 बजे तक विश्वविद्यालय में डटे रहे कुलपति
परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा सुबह 4 बजे तक विश्वविद्यालय में डटे रहे। उनकी देखरेख में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विजय जाधव और अधिकारियों की टीम ने रातभर काम किया।
सुबह तक कॉपियों की जांच और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा समाप्त होने के करीब 12 घंटे के भीतर परिणाम घोषित कर दिया।
लुवास प्रशासन की ओर से इतनी कम अवधि में परिणाम जारी किया जाना परीक्षा प्रक्रिया की गति और पूरी प्रक्रिया पर विश्वविद्यालय की सीधी निगरानी को दर्शाता है। 6,631 अभ्यर्थियों के शामिल होने वाली इस भर्ती परीक्षा के लिए 14,039 आवेदन आए थे और हिसार के 27 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई थी।
रिकॉर्ड समय में परिणाम जारी होने से बनी अलग मिसाल
क्लर्क पद की लिखित परीक्षा WTR-2023 के परिणाम को महज 12 घंटे में जारी करना लुवास के लिए खास उपलब्धि के तौर पर सामने आया है। परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद विश्वविद्यालय की टीम ने परिणाम तैयार करने का काम शुरू किया और कुलपति की निगरानी में पूरी रात प्रक्रिया जारी रही।
कुलपति से लेकर परीक्षा नियंत्रक और अधिकारियों की टीम के सुबह तक काम में जुटे रहने के बाद परिणाम को अंतिम रूप दिया गया। इस तरह परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को लंबे इंतजार के बजाय महज 12 घंटे के भीतर परिणाम उपलब्ध हो गया।
Akhil Mahajan