करोड़ों के मालिक विधायक ने बदला हुलिया, भिखारी बनकर सड़कों पर मांगी मदद; लोगों ने नहीं पहचाना, आखिर क्यों किया ऐसा?
करोड़ों की संपत्ति वाले भाजपा विधायक पराग शाह भिखारी के वेश में सड़कों पर घूमे। जैन धर्मगुरु की सीख से किए प्रयोग में लोगों की अलग प्रतिक्रियाएं मिलीं।
➤ करोड़ों की संपत्ति वाले भाजपा विधायक भिखारी के वेश में सड़कों पर घूमे
➤ मेकअप, मैले कपड़े और झोले के साथ लोगों से मांगी मदद, किसी ने खिलाया तो किसी ने अनदेखा किया
➤ जैन धर्मगुरु की सीख से किया प्रयोग, बोले- वैभव हटते ही बदल जाती है इंसान की पहचान
जिस शख्स के पास हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति हो, वह अगर अचानक मैले-कुचैले कपड़े पहनकर सड़क किनारे बैठ जाए और राहगीरों से मदद मांगने लगे तो किसी के लिए भी उसे पहचानना आसान नहीं होगा। लेकिन इस बार ऐसा ही एक प्रयोग एक मौजूदा भाजपा विधायक ने किया। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कभी सड़क किनारे बैठे नजर आते हैं तो कभी लोगों से मदद मांगते दिखाई देते हैं।
मेकअप के जरिए अपना हुलिया पूरी तरह बदलकर विधायक ने भिखारी का वेश धारण किया। हाथ में झाड़ू, कंधे पर झोला और मैले कपड़े पहनकर वह आम लोगों के बीच निकल पड़े। रेलवे स्टेशन के आसपास भी उन्होंने समय बिताया। कई लोगों ने उन्हें पहचान नहीं पाया। किसी ने उनकी मदद की तो किसी ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया।
लेकिन इस पूरे प्रयोग के पीछे न तो कोई राजनीतिक कार्यक्रम था और न ही चुनावी प्रचार। विधायक के मुताबिक, उन्होंने यह अनुभव जैन धर्मगुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित होकर किया। मकसद था यह समझना कि जब इंसान से उसकी संपत्ति, वैभव और पहचान हटा दी जाए तो समाज उसके साथ कैसा व्यवहार करता है।
पहले मेकअप से बदला चेहरा, फिर मैले कपड़ों में निकल पड़े
विधायक ने अपने इस प्रयोग के लिए सबसे पहले मेकअप के जरिए अपना रूप बदला। इसके बाद उन्होंने गंदे-मैले कपड़े पहने और हाथ में झाड़ू तथा एक झोला लेकर सड़क पर निकल पड़े।
उनका हुलिया इतना बदल गया था कि आसपास मौजूद लोगों के लिए उन्हें पहचान पाना मुश्किल हो गया। आम आदमी की तरह सड़क पर घूमते हुए उन्होंने लोगों के व्यवहार को करीब से देखने की कोशिश की।
यह प्रयोग केवल बाहर निकलने तक सीमित नहीं रहा। वह रेलवे स्टेशन के आसपास भी पहुंचे और वहां आम लोगों के बीच बैठकर जरूरतमंद व्यक्ति की तरह मदद मांगने की कोशिश की।
रेलवे स्टेशन पर जमीन पर बैठे, लोगों को अपनी ओर बुलाया
वीडियो में विधायक को रेलवे स्टेशन पर जमीन पर बैठे देखा जा सकता है। उनके हाथ में एक डंडा था और वह लोगों को अपनी ओर बुलाने की कोशिश कर रहे थे।
आम तौर पर महंगे कपड़ों और अपनी राजनीतिक पहचान में नजर आने वाले विधायक का यह बदला हुआ रूप लोगों के लिए बिल्कुल अलग था। यही वजह रही कि उनके आसपास से गुजरने वाले कई लोग उन्हें पहचान नहीं सके।
उन्होंने इस दौरान यह भी अनुभव किया कि जरूरतमंद व्यक्ति जब मदद के लिए किसी की ओर देखता है तो सामने वाले की प्रतिक्रिया कैसी होती है।
महिला पुलिसकर्मी से खाना मांगा, लेकिन नहीं मिली मदद
इस प्रयोग के दौरान एक ऐसा क्षण भी आया, जब विधायक ने एक महिला पुलिसकर्मी से कुछ खाना देने के लिए कहा। लेकिन महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें खाना देने से मना कर दिया।
इसके बाद वह वहां से आगे बढ़ गए। यह अनुभव भी उनके उस प्रयोग का हिस्सा रहा, जिसमें वह यह समझना चाहते थे कि अलग-अलग परिस्थितियों में आम लोगों और व्यवस्था से जुड़े लोगों का व्यवहार जरूरतमंद व्यक्ति के प्रति कैसा होता है।
फिर दुकान पर पहुंचे, किसी ने खाना दिया तो सड़क किनारे बैठकर खाया
इसके बाद विधायक एक दुकान पर पहुंचे। वहां उन्हें कुछ खाने के लिए मिल गया। उन्होंने सड़क किनारे बैठकर वह खाना खाया।
यानी एक ही प्रयोग के दौरान उन्हें समाज की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कहीं मदद मिली, कहीं मदद से इनकार हुआ और कहीं लोग उन्हें देखकर आगे निकल गए।
इसी अनुभव को उन्होंने बाद में वीडियो के जरिए साझा किया और बताया कि इस दौरान कई लोगों ने उनकी मदद की, जबकि कुछ ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
एक शख्स ने चश्मा दिया, विधायक ने झुककर किया अभिवादन
इस पूरे घटनाक्रम में एक और दिलचस्प दृश्य सामने आया। एक व्यक्ति ने विधायक को अपना चश्मा दे दिया। इसके बाद उन्होंने सिर झुकाकर उस व्यक्ति का अभिवादन किया।
यह छोटा-सा घटनाक्रम उनके प्रयोग की उस तस्वीर को सामने रखता है, जिसमें वह बिना अपनी राजनीतिक या आर्थिक पहचान बताए एक जरूरतमंद व्यक्ति की भूमिका में आम लोगों के बीच थे।
विधायक के मुताबिक, इस अनुभव से उन्हें यह समझने का मौका मिला कि समाज में जरूरतमंद लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार होता है।
3,383 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति, फिर भी सड़क पर भिखारी का रूप
इस कहानी का सबसे बड़ा विरोधाभास विधायक की आर्थिक स्थिति और उनके प्रयोग के बीच है।
2024 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे के अनुसार, उनके पास 3,383 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट कारोबारी भी हैं। इसके बावजूद उन्होंने कुछ समय के लिए अपनी पहचान और वैभव से दूरी बनाकर उस व्यक्ति का जीवन अनुभव करने की कोशिश की, जिसके पास लोगों के सामने अपनी पहचान बताने के लिए धन या सामाजिक हैसियत नहीं होती।
यही वजह है कि उनका भिखारी के वेश में घूमने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
गुरु की सीख से आया प्रयोग का विचार
राष्ट्रसंत श्री नम्रमुनि महाराज साहेब ने एक कार्यक्रम के दौरान पहचान और वैभव को लेकर बात की थी। इसी विचार से प्रेरित होकर यह प्रयोग किया गया।
उनका कहना था कि किसी व्यक्ति की पहचान अक्सर उसके वैभव और उसकी सामाजिक स्थिति से जुड़ जाती है। जब वही वैभव और पहचान सामने नहीं होती तो लोगों का व्यवहार भी बदल सकता है।
इसी विचार को अनुभव के जरिए समझने के लिए विधायक ने अपना हुलिया बदलकर आम लोगों के बीच जाने का फैसला किया।
'वैभव से आपकी पहचान होती है, ये न हो तो...'
नम्रमुनि महाराज ने कार्यक्रम में यह विचार रखा कि जब व्यक्ति के पास उसका वैभव नहीं रहता तो उसकी पहचान भी बदल जाती है। उन्होंने इसी संदर्भ में यह सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति के पास उसकी संपत्ति और प्रतिष्ठा का सहारा न हो तो उसके प्रति समाज का रवैया कैसा रहेगा।
इसी विचार को सामने रखते हुए विधायक का वीडियो भी लोगों के बीच साझा किया गया। इसमें वह आम जरूरतमंद व्यक्ति की तरह लोगों के बीच जाते दिखाई दिए।
प्रयोग के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई कि इंसान की सामाजिक पहचान और उसके प्रति लोगों का व्यवहार किस हद तक उसकी आर्थिक स्थिति और बाहरी पहचान से प्रभावित हो सकता है।
शाह बोले- कुछ ने मदद की, कुछ ने अनदेखा किया
अपने अनुभव के बारे में विधायक ने बताया कि मेकअप और वेशभूषा बदलने के बाद उन्होंने आम लोगों के बीच समय बिताया। इस दौरान कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए।
उन्होंने सड़क किनारे बैठकर नागरिकों से मदद मांगी। कुछ लोगों ने उनकी सहायता की, जबकि कुछ लोग उन्हें देखकर आगे बढ़ गए।
विधायक के अनुसार, इस पूरे अनुभव का उद्देश्य गरीबी और जरूरतमंद लोगों की स्थिति को करीब से समझना था। उन्होंने यह देखने की कोशिश की कि जब किसी व्यक्ति के पास अपनी आर्थिक या राजनीतिक पहचान सामने रखने का विकल्प न हो तो उसके प्रति समाज का व्यवहार कैसा होता है।
राजनीतिक प्रचार नहीं, खुद को अलग परिस्थिति में रखकर देखा
विधायक के मुताबिक, यह प्रयोग किसी राजनीतिक कार्यक्रम या प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कुछ समय के लिए अपनी पहचान छिपाकर खुद को बिल्कुल अलग परिस्थिति में रखा।
एक तरफ उनके पास करोड़ों की संपत्ति और राजनीतिक पहचान है, दूसरी तरफ उसी व्यक्ति ने खुद को ऐसा दिखाया कि राह चलते लोग उसे एक सामान्य जरूरतमंद व्यक्ति समझें।
इस प्रयोग में मिले अनुभवों के जरिए उन्होंने समाज में गरीबी, उपेक्षा और मदद की जरूरत वाले लोगों के प्रति व्यवहार को समझने की कोशिश की।
करोड़ों की संपत्ति से सड़क किनारे तक... फिर सामने आया असली मकसद
पूरे मामले की सबसे दिलचस्प बात यही रही कि करोड़ों की संपत्ति वाले एक विधायक ने अपनी पहचान और वैभव को पीछे छोड़कर कुछ समय के लिए भिखारी का जीवन अनुभव किया।
मेकअप से बदला चेहरा, मैले कपड़े, हाथ में झाड़ू और झोला, रेलवे स्टेशन पर जमीन पर बैठना, खाना मांगना और लोगों की प्रतिक्रियाएं देखना—यह पूरा प्रयोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए सामने आया।
इस प्रयोग के पीछे विधायक ने धर्मगुरु की उस सीख को आधार बताया, जिसमें व्यक्ति की पहचान और उसके वैभव के बीच के संबंध को समझने की बात सामने आती है।
और जिस जगह की सड़कों और रेलवे स्टेशन के आसपास यह पूरा प्रयोग किया गया, वह जगह है घाटकोपर पूर्व, जहां से भाजपा विधायक पराग शाह इस समय विधायक हैं। यह पूरा मामला मुंबई का है।
Akhil Mahajan